{"_id":"64763f72ebbe3242070cd295","slug":"taking-medicine-in-the-district-hospital-is-no-less-than-a-battle-sitapur-news-c-13-1-263692-2023-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sitapur News: किसी जंग से कम नहीं जिला अस्पताल में दवा लेना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sitapur News: किसी जंग से कम नहीं जिला अस्पताल में दवा लेना
Tue, 30 May 2023 11:55 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 30 May 2023 11:55 PM IST
विज्ञापन
सीतापुर। जिला अस्पताल में महिलाओं के लिए दवाई लेना किसी जंग लड़ने से कम नहीं। इस कड़ी धूप में मंगलवार को दवा लेने की जद्दोजहद बेकार गई। एक ही काउंटर चलने से और भी दिक्कत रही।
कई महिलाओं को जब गोद में बच्चे परेशान करने लगे तो दूसरे को पकड़ाया। जब बच्चे बिना मां नहीं रूके तो कई महिलाएं बिना दवाई के ही वापस लौट गई। दोपहर दो बजे तक हालात बहुत ही खराब नजर आये।
जिला अस्पताल में महिलाओं व पुरूषों के लिए अलग-अलग दवा काउंटर बने हैं। पुरूष काउंटर पर जहां तीन कर्मी दवा देते हैं वहीं महिलाओं के काउंटर पर मंगलवार को केवल एक ही कर्मचारी की तैनाती की गई थी।
विज्ञापन
ओपीडी में करीब तीन हजार मरीज पहुंचे तो दवा लेने की होड़ मच गई। महिला काउंटर पर पर्याप्त छाया की व्यवस्था भी नहीं थी। केवल एक ही लाइन में लगी महिलाएं धूप से तो बच गई, लेकिन उमस ने परेशान कर दिया।
दूसरी लाइन में लगी महिलाएं धूप से परेशान हो रही थी। दोपहर में करीब 40 डिग्री सेल्सियस तापमान होने से महिलाएं बेहद परेशान दिखी। आनंद नगर से आई ऊषा की गोद में बेटी थी। वह धूप बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। लाइन लंबी होने के चलते अपने साथ आई दूसरी महिला को बिटिया को पकड़ा दिया। जब बच्ची रोने लगी तो वे लाइन से निकलकर बिना दवाई के ही वापस चली गई।
सहसापुर निवासी नेहा के बेटे को धूप अधिक लग रही थी। उन्होंने एक अपरिचित को अपने बेटे को कुछ देर संभालने की जिम्मेदारी दी। इसके बाद वह लाइन में लगी। इसका बच्चा भी आधा घंटे के बाद रोने लगा, लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही थी तो उन्होंने दवा ही नहीं ली। इसी तरह करीब 40-50 महिलाएं अव्यवस्थाओं के चलते वापस लौट गई।
महिलाओं के बैठने की व्यवस्था तक नहीं
जिला अस्पताल में दवा लेने वाली महिलाएं को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। महिला काउंटर के सामने सीएमएस का आवास है। मंगलवार को भीड़ अधिक थी कि बैठने तक की जगह नहीं मिली तो महिलाएं अपने बच्चों को आवास के बाहर ही बैठा दिया। इसके अलावा यहां पर पार्किंग की सही व्यवस्था न होने से बेतरीब तरीके से वाहन खड़े रहे। इनके बीच महिलाएं दवा लेने की मजबूर साफ दिखाई दी।
बेड फुल तो जमीन पर मिला इलाज
जिला अस्पताल से बेड का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मेडिकल ए वार्ड के सभी बेड फुल हो गये। इसके चलते मरीजों को जमीन पर लिटाया गया। इस वार्ड में दो मरीज जमीन पर लेटकर इलाज करवाते हुए दिखाई दिए। इसी तरह चिल्ड्रेन वार्ड व महिला वार्ड में भी एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती रहे।
बहुत है भीड़
ओपीडी में बहुत भीड़ उमड़ रही है। महिलाओं के लिए दो काउंटर चलते है। अगर भीड़ कम नहीं होगी तो काउंटर बढ़ाए जाएंगे।
डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
विज्ञापन
कई महिलाओं को जब गोद में बच्चे परेशान करने लगे तो दूसरे को पकड़ाया। जब बच्चे बिना मां नहीं रूके तो कई महिलाएं बिना दवाई के ही वापस लौट गई। दोपहर दो बजे तक हालात बहुत ही खराब नजर आये।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में महिलाओं व पुरूषों के लिए अलग-अलग दवा काउंटर बने हैं। पुरूष काउंटर पर जहां तीन कर्मी दवा देते हैं वहीं महिलाओं के काउंटर पर मंगलवार को केवल एक ही कर्मचारी की तैनाती की गई थी।
विज्ञापन
ओपीडी में करीब तीन हजार मरीज पहुंचे तो दवा लेने की होड़ मच गई। महिला काउंटर पर पर्याप्त छाया की व्यवस्था भी नहीं थी। केवल एक ही लाइन में लगी महिलाएं धूप से तो बच गई, लेकिन उमस ने परेशान कर दिया।
दूसरी लाइन में लगी महिलाएं धूप से परेशान हो रही थी। दोपहर में करीब 40 डिग्री सेल्सियस तापमान होने से महिलाएं बेहद परेशान दिखी। आनंद नगर से आई ऊषा की गोद में बेटी थी। वह धूप बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी। लाइन लंबी होने के चलते अपने साथ आई दूसरी महिला को बिटिया को पकड़ा दिया। जब बच्ची रोने लगी तो वे लाइन से निकलकर बिना दवाई के ही वापस चली गई।
सहसापुर निवासी नेहा के बेटे को धूप अधिक लग रही थी। उन्होंने एक अपरिचित को अपने बेटे को कुछ देर संभालने की जिम्मेदारी दी। इसके बाद वह लाइन में लगी। इसका बच्चा भी आधा घंटे के बाद रोने लगा, लाइन कम होने का नाम नहीं ले रही थी तो उन्होंने दवा ही नहीं ली। इसी तरह करीब 40-50 महिलाएं अव्यवस्थाओं के चलते वापस लौट गई।
महिलाओं के बैठने की व्यवस्था तक नहीं
जिला अस्पताल में दवा लेने वाली महिलाएं को बैठने तक की जगह नहीं मिल रही है। महिला काउंटर के सामने सीएमएस का आवास है। मंगलवार को भीड़ अधिक थी कि बैठने तक की जगह नहीं मिली तो महिलाएं अपने बच्चों को आवास के बाहर ही बैठा दिया। इसके अलावा यहां पर पार्किंग की सही व्यवस्था न होने से बेतरीब तरीके से वाहन खड़े रहे। इनके बीच महिलाएं दवा लेने की मजबूर साफ दिखाई दी।
बेड फुल तो जमीन पर मिला इलाज
जिला अस्पताल से बेड का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को मेडिकल ए वार्ड के सभी बेड फुल हो गये। इसके चलते मरीजों को जमीन पर लिटाया गया। इस वार्ड में दो मरीज जमीन पर लेटकर इलाज करवाते हुए दिखाई दिए। इसी तरह चिल्ड्रेन वार्ड व महिला वार्ड में भी एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती रहे।
बहुत है भीड़
ओपीडी में बहुत भीड़ उमड़ रही है। महिलाओं के लिए दो काउंटर चलते है। अगर भीड़ कम नहीं होगी तो काउंटर बढ़ाए जाएंगे।
डॉ. आरके सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल