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Sitapur News: गलन के आगे धूप रही बेअसर, शीतलहर से ठिठकी जिंदगी
Fri, 03 Jan 2025 12:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:10 AM IST
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अलाव तापते लोग।
सीतापुर। सर्दी के तेवर लगातार तल्ख बने हुए हैं। बृहस्पतिवार की सुबह गलन व शीतलहर की चपेट में रही। तेज सर्द हवा ठिठुरन का अहसास कराती रही। काफी देर तक सूरज बादलों के पीछे दुबका रहा, जिससे ठंड का प्रकोप बना रहा। दोपहर को धूप तो निकली, लेकिन शीतलहर के आगे बेअसर रही। न्यूनतम पारा आठ डिग्री सेल्सियस पर टिका रहा। शुक्रवार को भी बादल छाए रहने के साथ शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है।
बृहस्पतिवार की सुबह कड़ाके की ठंड के कारण लोग देर तक घरों में दुबके रहे। पूर्वाह्न तक हाईवे समेत शहर की बाजार व गलियों पर सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच दोपहर होते-होते बादल छंटे और धूप निकल आई। इससे कड़ाके की ठंड से जूझ रहे लोगों को थोड़ी राहत तो मिली, मगर धूप में तपिश न होने से गलन में कमी नहीं आई।
बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रहने से धूप-छांव का दौर भी चलता रहा। इससे दिन में भी लोग अलाव के इर्द-गिर्द सिमटे नजर आए। शाम गहराते ही गलन और बढ़ गई, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। सर्दी के तेवर लगातार तल्ख बने रहने से पारे में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गलन व शीतलहर से फिलहाल राहत के आसार नहीं है। वहीं, चिकित्सकों के अनुसार कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए खानपान और जीवनशैली में बदलाव जरूरी है।
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बृहस्पतिवार की सुबह कड़ाके की ठंड के कारण लोग देर तक घरों में दुबके रहे। पूर्वाह्न तक हाईवे समेत शहर की बाजार व गलियों पर सन्नाटा पसरा रहा। इस बीच दोपहर होते-होते बादल छंटे और धूप निकल आई। इससे कड़ाके की ठंड से जूझ रहे लोगों को थोड़ी राहत तो मिली, मगर धूप में तपिश न होने से गलन में कमी नहीं आई।
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बीच-बीच में बादलों की आवाजाही बनी रहने से धूप-छांव का दौर भी चलता रहा। इससे दिन में भी लोग अलाव के इर्द-गिर्द सिमटे नजर आए। शाम गहराते ही गलन और बढ़ गई, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। सर्दी के तेवर लगातार तल्ख बने रहने से पारे में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया।
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मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बृहस्पतिवार को भी अधिकतम तापमान 18 डिग्री और न्यूनतम 8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। गलन व शीतलहर से फिलहाल राहत के आसार नहीं है। वहीं, चिकित्सकों के अनुसार कड़ाके की ठंड से बचाव के लिए खानपान और जीवनशैली में बदलाव जरूरी है।