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चिलचिलाती धूप से बेस्वाद हो रहा आम

Sun, 17 Apr 2016 10:46 PM IST
Amarujala Bureau
Amarujala Bureau Updated Sun, 17 Apr 2016 10:46 PM IST
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Scorching sun making mango tasteless
- फोटो : अमर उजाला

चिलचिलाती धूप आम के स्वाद को फीका कर रही है। अप्रैल माह में ही 43 डिग्री के आसपास रिकार्ड हो रहे तापमान से आम की बढ़त पर असर पड़ रहा है। फल का साइज भी छोटा हो रहा है। उद्यान विशेषज्ञों की मानें तो अधिक तापमान से आम का स्वाद कसैला हो सकता है। 

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आम की फसल के मामले में सीतापुर जिला, लखनऊ के मलिहाबाद को टक्कर देता है। वजह ये है कि जिले में 15225 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में आम की बाग मौजूद हैं। इनमें खैराबाद व महमूदाबाद क्षेत्र फल पट्टी घोषित है। हालांकि मिश्रिख, मछरेहटा, पिसावां, महोली, हरगांव, लहरपुर, सिधौली, रेउसा, थानगांव आदि क्षेत्रों में भी आम की कई हेक्टेयर में बाग हैं।
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इस बार अप्रैल में ही पड़ रही बेहिसाब गर्मी से आम के बागवान परेशान हैं। बागवानों का कहना है कि गर्मी बहुत पहले ही आ गई। जिसकी वजह से समय से पहले बौर आ गए। अकबरपुर के मुन्ना अली, गन्नी टोला के दिलीप शुक्ला, ढखेरा के प्रेमनाथ वर्मा, नबी नगर के उत्तम शर्मा बताते हैं कि गर्मी के प्रकोप से बौर मर गई। अब फल आ गए हैं, ऐसे में बारिश की एक बूंद न पड़ने व अधिक तापमान से पेड़ पर लगा फल भी झुलस रहा है।
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उद्यान विशेषज्ञों की मानें तो तपिश से फल से रस गायब हो रहा है। आम का फल भी सूख रहा है, जिससे स्वाद प्रभावित हो रहा है। अगर इसी तरह तापमान में बढ़ोतरी होती रही तो फल तय समय से पहले ही सूखकर गिर सकता है। विशेषज्ञों की मानें तो अप्रैल में तापमान 42 से अधिक रिकार्ड हो रहा है।

यह तापमान मई व जून माह में ही कभी कधार पहुंचता था। मई व जून में ही फसल भी तैयार होती थी लेकिन इस बार तापमान अप्रैल में ही 42 के पार जा रहा है। इससे आम की फसल पर असर पड़ेगा और उसका स्वाद खराब हो सकता है। हालांकि कई बागवान फसल को सूखने से बचाने के लिए लगातार बागों की सिंचाई कर रहे हैं।

ये करें उपाय
जिला उद्यान अधिकारी विनय यादव के मुताबिक वर्तमान समय में फसल को गर्मी से बचाने के लिए समय-समय पर बागों की सिंर्चाई करें। हर सप्ताह में बाग में पानी भरें और दवाई का छिड़काव करें। इससे फसल की रक्षा की जा सकती है।

सब्जियां भी झुलस रहीं
तापमान से मौसमी सब्जियां भी झुलस रहीं हैं। सब्जियों को मौसम की मार से बचाने के लिए किसानों को हर तीसरे दिन सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि यदि समय से सब्जियों को पानी नहीं दिया गया, तो पैदावार के सूखने का खतरा बढ़ जाता है। 


35 से 40 के बीच होना चाहिए तापमान
आम की फसल को बढ़ने व पौष्टिक होने के लिए 35 से 40 डिग्री के बीच ही तापमान चाहिए। 40 से अधिक तापमान होने पर फसल पर दुष्प्रभाव पड़ता है। अप्रैल में तापमान बढ़ना आम की फसल के लिए चिंताजनक है। इससे फसल सूखने लगती है। आम का साइज छोटा हो जाएगा। रस कम होगा, उसकी मिठास बढ़ेगी, लेकिन स्वाद बेकार रहेगा। जो तापमान इस समय है, वह तापमान एक माह बाद चाहिए, जब फल बड़ा हो चुका हो। 40 के ऊपर तापमान पर फल पकने लगता है। समय से पहले फल के पकने पर स्वाद कसैला हो सकता है।
विनय यादव, जिला उद्यान अधिकारी

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