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Sitapur News: जिला अस्पताल में गहराया बेड का संकट
Tue, 06 Oct 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 06 Oct 2026 12:43 AM IST
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जिला अस्पताल के मेडिकल बी वार्ड में भर्ती मरीज। -संवाद
सीतापुर। जिला अस्पताल में बेड का का संकट मरीजों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। अस्पताल के सभी बेड फुल होने के कारण नये मरीजों को भर्ती होने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि कई मरीजों को केवल इमरजेंसी से दवा देकर ही वापस भेजा जा रहा है।
213 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में संकट से निपटने के लिए इमरजेंसी के सामने बरामदे में दस नये बेड लगाए गए थे, लेकिन वे भी अब पूरी तरह भर चुके हैं। इससे गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पा रहा है।
रविवार रात सांस लेने में गंभीर दिक्कत के बाद पहुंचे आकाश को डॉक्टर ने भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन बेड न होने के कारण उन्हें भर्ती नहीं किया जा सका। इसी तरह, बुखार और उल्टी से पीड़ित अपने बेटे को लेकर आए आदित्य को भी बच्चे को घर ले जाना पड़ा।
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वहीं, कमर दर्द से पीड़ित अपनी बुआ मीना को लेकर आए उपेंद्र को बेड का संकट देख उन्हें किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसी ही समस्याओं के चलते तमाम मरीजों को बिना भर्ती किए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों का आरोप है कि सीएचसी व पीएचसी में डॉक्टर गंभीर होकर इलाज नहीं कर रहे हैं, बल्कि छोटी-छोटी बीमारियों में भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
अस्पताल में कई ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनका इलाज आसानी से सीएचसी पर ही हो सकता था, लेकिन वहां से रेफर करने के कारण यहां जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
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213 बेड की क्षमता वाले इस अस्पताल में संकट से निपटने के लिए इमरजेंसी के सामने बरामदे में दस नये बेड लगाए गए थे, लेकिन वे भी अब पूरी तरह भर चुके हैं। इससे गंभीर मरीजों को भी बेड नहीं मिल पा रहा है।
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रविवार रात सांस लेने में गंभीर दिक्कत के बाद पहुंचे आकाश को डॉक्टर ने भर्ती करने की सलाह दी, लेकिन बेड न होने के कारण उन्हें भर्ती नहीं किया जा सका। इसी तरह, बुखार और उल्टी से पीड़ित अपने बेटे को लेकर आए आदित्य को भी बच्चे को घर ले जाना पड़ा।
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वहीं, कमर दर्द से पीड़ित अपनी बुआ मीना को लेकर आए उपेंद्र को बेड का संकट देख उन्हें किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसी ही समस्याओं के चलते तमाम मरीजों को बिना भर्ती किए ही वापस लौटना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के चिकित्सकों का आरोप है कि सीएचसी व पीएचसी में डॉक्टर गंभीर होकर इलाज नहीं कर रहे हैं, बल्कि छोटी-छोटी बीमारियों में भी जिला अस्पताल रेफर कर दिया जाता है।
अस्पताल में कई ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनका इलाज आसानी से सीएचसी पर ही हो सकता था, लेकिन वहां से रेफर करने के कारण यहां जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।