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सरयू उफनाई, पांच गांवों में घुसा पानी

Sun, 12 Jul 2020 10:33 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2020 10:33 PM IST
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Saryu water entered in five villages
रेउसा क्षेत्र बाढ़ में फंसे लोग सुरक्षित स्थान पर जाते हुए। - फोटो : SITAPUR
रेउसा/ रामपुर मथुरा (सीतापुर)। जिले के गांजरी इलाके में उफनाई सरयू नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। नदी की तलहटी में बसे पांच गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। रास्तों व खेतों से लेकर घरों के अंदर तक हर तरफ लहरें हिलोरे मार रही हैं। बाढ़ प्रभावित इन गांवों की लगभग चार हजार आबादी पानी के बीच फंस गई है। करीब 35 गांव पानी से घिर गए हैं। खेती योग्य 20 बीघा जमीन नदी में समा गई है। नदी का रौद्र रूप देखकर तटीय क्षेत्र के बाशिंदों में हड़कंप मचा है।
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लोग घरों का जरूरी सामान समेटकर पलायन कर रहे हैं। रविवार को बैराजों से तीन लाख क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। यह पानी जिले में पहुंचने पर और तबाही मचा सकता है। पहाड़ों पर भारी बारिश और बैराजों से छोड़े जाने वाले लाखों क्यूसेक पानी के कारण रेउसा क्षेत्र में शनिवार रात सरयू नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई। पानी का बहाव इतना तेज था कि देखते ही देखते नगीनपुरवा, बिल्लरपुरवा, मरेली और लोधपुरवा के अंदर प्रवेश कर गया। घरों के भीतर पानी पहुंचने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया।
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अपनी गृहस्थी समेटकर किसी ने तख्त तो किसी ने चारपाई पर रख ली है। इसके अलावा रामलाल पुरवा, दुर्गापुरवा, जिन्नापुरवा, लालापुरवा, फौजदारपुरवा, जटपुरवा, म्योढीछोलहा, समयदीनपुरवा समेत करीब 35 गांवों को बाढ़ के पानी ने चारों तरफ से घेर लिया है। नदी का पानी गांव के बाहर रास्तों और खतों में बह रहा है। महराजसिंह पुरवा के आसपास की लगभग 20 बीघा खेती योग्य जमीन डूब चुकी है। रविवार को शारदा, गिरिजा व बनबसा बैराजों से 3 लाख 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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इससे जलस्तर में और इजाफा होगा। तटीय क्षेत्र के लोगों का कहना है कि जलस्तर में इसी तरह से बढ़ोतरी जारी रही तो जल्द ही यह सभी गांव जबरदस्त तरीके से बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। उधर, रामपुर मथुरा इलाके में भी उफनाई सरयू की लहरें अंगरौरा गांव में प्रवेश कर गई हैं। नदी का पानी अब लोगों के घरों में भर गया है। अंगरौरा व उसके मजरे निरंजनपुरवा तथा हरिपालपुरवा की करीब 700 आबादी भीषण बाढ़ की चपेट में है। इन गांवों के लगभग एक सैकड़ा घरों में एक से डेढ़ मीटर पानी भर गया है।
पानी भरने से लोगों की दैनिक क्रियाएं बुरी तरह प्रभावित है। लोगों ने सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन शुरू कर दिया है। कुछ लोग गृहस्थी समेटकर घरों की छतों पर डेरा डाल रहे हैं। बिसवां तहसीलदार राजकुमार गुप्ता ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। जटपुरवा, म्योढीछोल्हा, शेखुपर आदि गांवों में पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की नसीहत दी। तहसीलदार ने बताया कि कुछ घरों में पानी पहुंचा जरूर है लेकिन अभी हालात पूरी तरह से काबू में हैं। नावों की व्यवस्था कर दी गई है। लगातार नजर रखी जा रही है।

दो बाढ़ राहत चौकी बनी
प्रशासन की ओर से रमुवापुर कालिका और मारूबेहड में बाढ़ राहत चौकी बनाई गई है। वहां से प्रभावितों को मदद मुहैया कराई जाएगी। बाढ़ प्रभावित ग्रामीण इन चौकियों से किसी भी तरह की सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
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