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Sitapur News: बिना टैक्स काटे ही अफसरों ने फर्म को कर दिया भुगतान

Wed, 05 Apr 2023 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Wed, 05 Apr 2023 12:15 AM IST
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Officers paid the firm without deducting tax
सीतापुर। कर चोरी रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकार भले ही लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई कर रही हों लेकिन जिले में सरकारी विभाग ही कर चोरी कर रहे हैं। मनरेगा के तहत सामग्री अंश पर किए जाने वाले भुगतान से दो फीसदी ट्रेड टैक्स किसी भी ब्लॉक में नहीं काटा जा रहा है। खास बात यह है कि कई बार इसको लेकर डीएम और सीडीओ खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित कर चुके हैं लेकिन नतीजा सिफर है।
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जीएसटी के तहत व्यापारी दो तरह के पंजीकरण कराते हैं। इनमें एक कंपोजिट रजिस्ट्रेशन होता है, जबकि दूसरा रेगुलर रजिस्ट्रेशन होता है। कंपोजिट रजिस्ट्रेशन वाली फर्म किसी भी कार्य या सामग्री की आपूर्ति के लिए जीएसटी बिल नहीं दे सकती। यह फर्म सिर्फ बिल ऑफ सप्लाई यानि आपूर्ति का बिल दे सकती है। बड़ी संख्या में ऐसी फर्म मनरेगा के तहत सामग्री अंश का काम करने के लिए पंजीकृत हैं। ऐसी फर्म को भुगतान करते समय कार्यक्रम अधिकारी यानि खंड विकास अधिकारी को दो फीसदी टीडीएस काटना चाहिए। यह टीडीएस बीडीओ के स्तर से ही जीएसटी विभाग में जमा होना चाहिए।
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जनपद में वित्तीय वर्ष 2022-23 में मनरेगा के सामग्री अंश पर करीब 184 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। अधिकतर भुगतान उन फर्म को हुआ है जो कंपोजिट जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। जाहिर सी बात है कि इनको भुगतान करते समय ग्राम्य विकास विभाग को दो फीसदी टीडीएस काटना चाहिए लेकिन जिले के 19 विकास खंडों में से किसी में भी टीडीएस नहीं काटा गया है।
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जीएसटी विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जनपद में मनरेगा के तहत जिन फर्म को सामग्री अंश का भुगतान किया गया है, उनमें से 60 फीसदी कंपोजिट जीएसटी के तहत पंजीकृत हैं। सीधा सा मतलब यह है कि मनरेगा के तहत सामग्री अंश पर जो भुगतान हो रहे हैं, उन पर जिले में टीडीएस काटा ही नहीं गया और यह कर चोरी की श्रेणी में आता है।


मनरेगा के तहत सामग्री अंश पर हुए भुगतान में टीडीएस न काटे जाने की जानकारी मिली है। अगले एक दो दिन में इसे लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। टीडीएस न काटने वाले खंड विकास अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी लिखा जाएगा। पूर्व में कई बार खंड विकास अधिकारियों को इस बारे में जानकारी दी जा चुकी है, लेकिन फिर भी टीडीएस नहीं कट रहा है।
राजेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, जीएसटी
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