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Sitapur News: सिरफिरे बाप ने गला घोंटकर मासूम बेटे को मार डाला
Sun, 04 Aug 2024 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sun, 04 Aug 2024 01:12 AM IST
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जहांगीराबाद (सीतापुर)। थाना क्षेत्र के एक गांव में शनिवार भोर एक सिरफिरे बाप ने मासूम बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। तीन साल का मासूम अपनी मां के पास सो रहा था तभी आरोपी पिता चुपके से उसे उठा ले गया। जब ग्रामीणों की उस पर नजर पड़ी तो वह बेटे का शव मंदिर के पास छोड़कर खेतों में छिप गया।
ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और जमकर धुनाई की। पुलिस ने किसी तरह उसे बचाया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की मानें तो विवाद के बाद पत्नी मायके आकर रहने लगी थी। आरोपी युवक पत्नी व बच्चों को साथ लेकर जाना चाहता था लेकिन पत्नी नहीं मान रही थी। इसी बात से गुस्सा होकर उसने वारदात अंजाम दी।
पूंजीखेड़ा निवासी शिवनाथ कहार की बेटी जगदंबी का विवाह करीब आठ वर्ष पूर्व रेउसा थाना क्षेत्र के रमुवापुर कालिका सिंह गांव निवासी बबलू के साथ हुआ था। जगदंबी अपने मायके में रह रही थी।
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शुक्रवार देर रात बबलू पूंजीखेड़ा पहुंचा। शनिवार भोर करीब चार बजे के बीच वह अपनी ससुराल आया। यहां पत्नी के बगल में पलंग पर सो रहे अपने तीन वर्षीय पुत्र निखिल को चुपके से उठा लिया। इसके बाद ससुराल में घर के सामने बने शिव मंदिर के पीछे लगे पेड़ के नीचे ले गया। यहां बेरहमी से निखिल की गला दबाकर हत्या कर दी।
बेटे की मौत के बाद वह उसके शव काे अपने सफेद गमछे में लेकर मंदिर के पीछे बैठा रहा। जगदंबी की नींद खुली तो पलंग पर अपने बच्चे को न पाकर उसने शोर मचाया। परिजन भी मासूम को तलाशने लगे। इसी बीच ग्रामीणों को आते देख आरोपी पिता बबलू शव को मंदिर के पीछे छोड़कर पास के ही गन्ने के खेत में छिप गया।
वह भागने की कोशिश करने लगा लेकिन ग्रामीणों ने घेरकर उसे पकड़ लिया। तभी पुलिस पहुंच गई और उसे ग्रामीणाें के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि निखिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाने में एक सप्ताह पहले हुआ था समझौता
पत्नी जगदंबी ने बताया कि बबलू से आठ वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी। उसने तीन पुत्रों नितिन (6), सुमित (5) और निखिल (3) को जन्म दिया। बबलू अक्सर नशा करके उसके साथ मारपीट करता था। वह दो सालों से लखनऊ के बालागंज में जल निगम रोड पर किराये के मकान में रहकर मजदूरी करता था। जगदंबी भी उसके साथ रहकर आसपास के घरोंं में साफ-सफाई करती थी।
जगदंबी की कमाई से घर चलता था। बबलू अपनी कमाई नशे में उड़ा देता था। जब वह विरोध करती तो बबलू उसे पीटता था। 20 जुलाई को भी इसी बात को लेकर दंपती में विवाद हुआ था। इसके बाद जगदंबी ने अपने छोटे भाई शिवपाल को फोन करके बुला लिया था। इसके बाद वह अपने पुत्रों को लेकर मायके चली आई। यहां अपनी छोटी बहन मंजरी व दादी के साथ रह रही थी। छोटा भाई शिवपाल बाहर मजदूरी करने गया हुआ था। एक सप्ताह पहले रेउसा थाने में पुलिस ने दोनों में समझौता कराया था।
लगातार तीन दिनों से ससुराल आ रहा था बबलू
बबलू लगातार तीन दिनों से अपनी ससुराल आ रहा था। उसके पैतृक गांव रमुवापुर कालिका सिंह और पूंजीखेड़ा के बीच करीब 16 किलोमीटर की दूरी है। वह जगदंबी और अपने बेटों को वापस लखनऊ ले जाना चाहता था। वह जगदंबी की 97 वर्षीय दादी से भी उसे समझाने की बात कहता था। जब तीन दिन तक उसकी बात पर किसी ने गौर नहीं किया तो उसने यह कदम उठा लिया।
हत्या आरोपी को पुलिस वाहन से उतारने पर अड़े ग्रामीण
जब ग्रामीणों ने बबलू को खेतों से खोजकर पकड़ लिया तो वह उसे पीटने लगे। इतने में ही पीआरवी पहुंंच गई। पीआरवी के सिपाहियों ने हत्या आरोपी को ग्रामीणों से छुड़ाकर पुलिस वाहन में बैठा दिया। इस पर महिलाएं व अन्य ग्रामीण बबलू को जीप से बाहर निकालने पर अड़ गए। उपनिरीक्षक दिलीप कुमार सिंह ने सबको समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
हत्या के बाद शव लिए बैठा रहा बबलू
ग्रामीणों की मानें तो बबलू अपने पुत्र निखिल की हत्या के बाद उसका शव लेकर बैठा रहा। कुछ देर उसने अपने सफेद गमछे से शव को ढंक दिया। ऐसा लगता है कि हत्या के बाद उसे अपनी गलती का अहसास भी हुआ। थानाध्यक्ष सदरपुर राकेश कुमार सिंह को घटनास्थल से हत्या आरोपी पिता का सफेद गमछा और चप्पलें भी मिली हैं। जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
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ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और जमकर धुनाई की। पुलिस ने किसी तरह उसे बचाया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस की मानें तो विवाद के बाद पत्नी मायके आकर रहने लगी थी। आरोपी युवक पत्नी व बच्चों को साथ लेकर जाना चाहता था लेकिन पत्नी नहीं मान रही थी। इसी बात से गुस्सा होकर उसने वारदात अंजाम दी।
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पूंजीखेड़ा निवासी शिवनाथ कहार की बेटी जगदंबी का विवाह करीब आठ वर्ष पूर्व रेउसा थाना क्षेत्र के रमुवापुर कालिका सिंह गांव निवासी बबलू के साथ हुआ था। जगदंबी अपने मायके में रह रही थी।
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शुक्रवार देर रात बबलू पूंजीखेड़ा पहुंचा। शनिवार भोर करीब चार बजे के बीच वह अपनी ससुराल आया। यहां पत्नी के बगल में पलंग पर सो रहे अपने तीन वर्षीय पुत्र निखिल को चुपके से उठा लिया। इसके बाद ससुराल में घर के सामने बने शिव मंदिर के पीछे लगे पेड़ के नीचे ले गया। यहां बेरहमी से निखिल की गला दबाकर हत्या कर दी।
बेटे की मौत के बाद वह उसके शव काे अपने सफेद गमछे में लेकर मंदिर के पीछे बैठा रहा। जगदंबी की नींद खुली तो पलंग पर अपने बच्चे को न पाकर उसने शोर मचाया। परिजन भी मासूम को तलाशने लगे। इसी बीच ग्रामीणों को आते देख आरोपी पिता बबलू शव को मंदिर के पीछे छोड़कर पास के ही गन्ने के खेत में छिप गया।
वह भागने की कोशिश करने लगा लेकिन ग्रामीणों ने घेरकर उसे पकड़ लिया। तभी पुलिस पहुंच गई और उसे ग्रामीणाें के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष राकेश सिंह ने बताया कि निखिल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हत्या आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
थाने में एक सप्ताह पहले हुआ था समझौता
पत्नी जगदंबी ने बताया कि बबलू से आठ वर्ष पूर्व उसकी शादी हुई थी। उसने तीन पुत्रों नितिन (6), सुमित (5) और निखिल (3) को जन्म दिया। बबलू अक्सर नशा करके उसके साथ मारपीट करता था। वह दो सालों से लखनऊ के बालागंज में जल निगम रोड पर किराये के मकान में रहकर मजदूरी करता था। जगदंबी भी उसके साथ रहकर आसपास के घरोंं में साफ-सफाई करती थी।
जगदंबी की कमाई से घर चलता था। बबलू अपनी कमाई नशे में उड़ा देता था। जब वह विरोध करती तो बबलू उसे पीटता था। 20 जुलाई को भी इसी बात को लेकर दंपती में विवाद हुआ था। इसके बाद जगदंबी ने अपने छोटे भाई शिवपाल को फोन करके बुला लिया था। इसके बाद वह अपने पुत्रों को लेकर मायके चली आई। यहां अपनी छोटी बहन मंजरी व दादी के साथ रह रही थी। छोटा भाई शिवपाल बाहर मजदूरी करने गया हुआ था। एक सप्ताह पहले रेउसा थाने में पुलिस ने दोनों में समझौता कराया था।
लगातार तीन दिनों से ससुराल आ रहा था बबलू
बबलू लगातार तीन दिनों से अपनी ससुराल आ रहा था। उसके पैतृक गांव रमुवापुर कालिका सिंह और पूंजीखेड़ा के बीच करीब 16 किलोमीटर की दूरी है। वह जगदंबी और अपने बेटों को वापस लखनऊ ले जाना चाहता था। वह जगदंबी की 97 वर्षीय दादी से भी उसे समझाने की बात कहता था। जब तीन दिन तक उसकी बात पर किसी ने गौर नहीं किया तो उसने यह कदम उठा लिया।
हत्या आरोपी को पुलिस वाहन से उतारने पर अड़े ग्रामीण
जब ग्रामीणों ने बबलू को खेतों से खोजकर पकड़ लिया तो वह उसे पीटने लगे। इतने में ही पीआरवी पहुंंच गई। पीआरवी के सिपाहियों ने हत्या आरोपी को ग्रामीणों से छुड़ाकर पुलिस वाहन में बैठा दिया। इस पर महिलाएं व अन्य ग्रामीण बबलू को जीप से बाहर निकालने पर अड़ गए। उपनिरीक्षक दिलीप कुमार सिंह ने सबको समझा-बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
हत्या के बाद शव लिए बैठा रहा बबलू
ग्रामीणों की मानें तो बबलू अपने पुत्र निखिल की हत्या के बाद उसका शव लेकर बैठा रहा। कुछ देर उसने अपने सफेद गमछे से शव को ढंक दिया। ऐसा लगता है कि हत्या के बाद उसे अपनी गलती का अहसास भी हुआ। थानाध्यक्ष सदरपुर राकेश कुमार सिंह को घटनास्थल से हत्या आरोपी पिता का सफेद गमछा और चप्पलें भी मिली हैं। जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।