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उत्पीड़न मसले पर सरकार को जमकर कोसा
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सीतापुर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों का पूर्ण कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। जिला मुख्यालय पर सभी तहसीलों के लेखपालों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन और वहीं पर धरना दिया। धरने के जरिए लेखपाल संघ के नेताओं ने उत्पीड़न मसले पर जमकर भड़ास निकाली।
साथ ही एलान किया कि जब तक सरकार शासनादेश नहीं जारी करेगी, तब तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। उधर, लेखपालों की हड़ताल से तहसीलों में ग्रामीण राजस्व कार्यों के लिए भटकते रहे।
शुक्रवार को आयोजित प्रदर्शन की अध्यक्षता वीरेन्द्र कुमार बलिया ने की। संचालन का दायित्व जैनेन्द्र द्विवेदी एवं प्रेमप्रकाश वर्मा ने संयुक्त रूप किया। जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लेखपाल संघ के मांग पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार न करके उन्हें उत्पीड़ित किया जा रहा है।
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उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को भेजे गए निलंबन आदेश की जानकारी सभी को दी। इस पर सभी ने आक्रोश व्यक्त किया। शासन प्रशासन के विरोध में आवाज बुलंद की। कहा कि निलंबन की कार्रवाई से आंदोलन नहीं समाप्त होगा।
संघ का प्रदेश नेतृत्व बार-बार सरकार से मांग पत्र पर विचार करने का आग्रह कर रहा है, लेकिन सरकार उदासीनता बरत रही है। वर्तमान समय में जब देश आरआरसी को लेकर झुलस रहा है, लेखपाल संघ चाह रहा है कि इसे शासन से मिलकर इस समस्या को सुलझाया जाये, लेकिन शासन इस बात को न समझ कर हमारे संगठन की कमजोरी मानते हुए कमतर आंक रहा हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा की जाने वाली उत्पीड़नात्मक कार्यवाही, लेखपालों की बर्खास्तगी व निलम्बन की कार्यवाही को लेकर सभी साथियों में असंतोष व्याप्त है। निर्णय लिया कि अब चाहे सभी साथी बर्खास्त हो जाये लेकिन बिना शासनादेश के आंदोलन वापस नहीं होगा।
सभी लोगों ने पिछले आंदोलन के समय लिखित कार्यवृत्त जारी करने के बाद भी शासनादेश जारी न करने के लिए आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही निर्णय लिया कि जब तक आठ सूत्रीय मांगपत्र के संबंध में सरकार शासनादेश जारी नहीं करती है, तब तक हमारा आंदोलन इसी प्रकार चलता रहेगा।
आंदोलन में अवध यादव, अवनीश यादव, अनीश द्विवेदी, संजय नाग, नीलेश कुमार यादव, धीरेंद्र प्रताप सिंह, राकेश बहादुर सिंह ,सच्चिदानंद, कमल वर्मा, राहुल तिवारी, अनिल कुमार, प्रेम प्रकाश वर्मा, ओमकार तिवारी, कुलदीप सिंह आदि ने जोश भरा।
राधेश्याम यादव, प्रेमप्रकाश वर्मा, अरसद वेग ने आंदोलन के लिए गीत सुनाकर साथियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में अविनाश रस्तोगी, रामदास गुप्ता, आलोक श्रीवास्तव, संतोष मौर्य, प्रदीप वर्मा, कमल वर्मा, राजेश विश्वकर्मा आदि लेखपाल मौजूद रहे।
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साथ ही एलान किया कि जब तक सरकार शासनादेश नहीं जारी करेगी, तब तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा। उधर, लेखपालों की हड़ताल से तहसीलों में ग्रामीण राजस्व कार्यों के लिए भटकते रहे।
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शुक्रवार को आयोजित प्रदर्शन की अध्यक्षता वीरेन्द्र कुमार बलिया ने की। संचालन का दायित्व जैनेन्द्र द्विवेदी एवं प्रेमप्रकाश वर्मा ने संयुक्त रूप किया। जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा लेखपाल संघ के मांग पत्र पर सहानुभूति पूर्वक विचार न करके उन्हें उत्पीड़ित किया जा रहा है।
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उन्होंने संघ के पदाधिकारियों को भेजे गए निलंबन आदेश की जानकारी सभी को दी। इस पर सभी ने आक्रोश व्यक्त किया। शासन प्रशासन के विरोध में आवाज बुलंद की। कहा कि निलंबन की कार्रवाई से आंदोलन नहीं समाप्त होगा।
संघ का प्रदेश नेतृत्व बार-बार सरकार से मांग पत्र पर विचार करने का आग्रह कर रहा है, लेकिन सरकार उदासीनता बरत रही है। वर्तमान समय में जब देश आरआरसी को लेकर झुलस रहा है, लेखपाल संघ चाह रहा है कि इसे शासन से मिलकर इस समस्या को सुलझाया जाये, लेकिन शासन इस बात को न समझ कर हमारे संगठन की कमजोरी मानते हुए कमतर आंक रहा हैं।
प्रदेश सरकार द्वारा की जाने वाली उत्पीड़नात्मक कार्यवाही, लेखपालों की बर्खास्तगी व निलम्बन की कार्यवाही को लेकर सभी साथियों में असंतोष व्याप्त है। निर्णय लिया कि अब चाहे सभी साथी बर्खास्त हो जाये लेकिन बिना शासनादेश के आंदोलन वापस नहीं होगा।
सभी लोगों ने पिछले आंदोलन के समय लिखित कार्यवृत्त जारी करने के बाद भी शासनादेश जारी न करने के लिए आक्रोश व्यक्त किया। साथ ही निर्णय लिया कि जब तक आठ सूत्रीय मांगपत्र के संबंध में सरकार शासनादेश जारी नहीं करती है, तब तक हमारा आंदोलन इसी प्रकार चलता रहेगा।
आंदोलन में अवध यादव, अवनीश यादव, अनीश द्विवेदी, संजय नाग, नीलेश कुमार यादव, धीरेंद्र प्रताप सिंह, राकेश बहादुर सिंह ,सच्चिदानंद, कमल वर्मा, राहुल तिवारी, अनिल कुमार, प्रेम प्रकाश वर्मा, ओमकार तिवारी, कुलदीप सिंह आदि ने जोश भरा।
राधेश्याम यादव, प्रेमप्रकाश वर्मा, अरसद वेग ने आंदोलन के लिए गीत सुनाकर साथियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में अविनाश रस्तोगी, रामदास गुप्ता, आलोक श्रीवास्तव, संतोष मौर्य, प्रदीप वर्मा, कमल वर्मा, राजेश विश्वकर्मा आदि लेखपाल मौजूद रहे।