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Sitapur News: महंगाई में पतली हुई दाल, तड़का भी महंगा
Tue, 13 Jun 2023 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 13 Jun 2023 11:43 PM IST
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सीतापुर। खाने-पीने की चीजों पर लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम आदमी को परेशान कर के रख दिया है। इसका असर रसोईं के बजट पर भी दिखने लगा है। बीते एक महीने में दाल की कीमतों में तो भारी इजाफा हुआ ही है इसमें तड़का लगाने वाले जीरे और मिर्च का भाव भी आसमान को छू रहा है। हर घर में आमतौर से बनाई जाने वाली अरहर की दाल बाजार में 140-150 रूपये प्रति किलो की दर से बिक रही है। यही दाल एक माह पहले 110 रूपये में बिकती थी।
खाद्य सामग्री पर लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। बढ़ी हुई कीमत के कारण घरों में दाल पतली होने के साथ ही उसमें प्रोटीन कम होता जा रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि उनको माल महंगा ही मिल रहा है। इसके कारण महंगा बेचना उनकी मजबूरी है। उनकों मुनाफा अधिक नहीं मिल रहा है। पहले जितना मिलता था। अभी भी उतना ही मुनाफा वह कमा रहे हैं।
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ढाबों पर भी पतली हो गई दाल
दाम बढ़ जाने के कारण ढाबे और होटलों पर बिकने वाली दाल दिन पर दिन पतली होती जा रही है। कुछ संचालकों का कहना है कि कंपटीशन के चलते वह रेट नहीं बढ़ा सकते हैं। लेकिन थोड़ा बहुत कमाने के लिए उनको दाल पतली करनी पड़ रही है।
समझ नहीं आता, क्या खाएं-क्या नहीं
बढ़ रही महंगी को लेकर गृहणियों ने भी काफी चिंता जताई है। रूचि बर्नवाल बताती है कि महंगाई ने घर की रसोई का बजट बिगड़ कर रख दिया है। मसाला, दाल, आटा सब महंगा है। सौ रुपए में बिकने वाली अरहर की दाल अब 150-160 रुपए में बिकने लगी है। क्या खाएं- क्या नहीं कुछ समझ नहीं आता है। नैन्सी वर्मा बताती है कि सब्जी से लेकर दाल सब महंगा हो चुका है। अब काफी सोंच समझ करके घर का बजट चलाना पड़ रहा है।
एक माह में बढे दामों पर एक नजर
दाल पहले अब
अरहर 110-120 140-150
उरद 110-115 120125
मूंग 70 80
चना 60 65-70
जीरा 300 460
मिर्च 240 260
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खाद्य सामग्री पर लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ रखी है। बढ़ी हुई कीमत के कारण घरों में दाल पतली होने के साथ ही उसमें प्रोटीन कम होता जा रहा है।
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दुकानदारों का कहना है कि उनको माल महंगा ही मिल रहा है। इसके कारण महंगा बेचना उनकी मजबूरी है। उनकों मुनाफा अधिक नहीं मिल रहा है। पहले जितना मिलता था। अभी भी उतना ही मुनाफा वह कमा रहे हैं।
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ढाबों पर भी पतली हो गई दाल
दाम बढ़ जाने के कारण ढाबे और होटलों पर बिकने वाली दाल दिन पर दिन पतली होती जा रही है। कुछ संचालकों का कहना है कि कंपटीशन के चलते वह रेट नहीं बढ़ा सकते हैं। लेकिन थोड़ा बहुत कमाने के लिए उनको दाल पतली करनी पड़ रही है।
समझ नहीं आता, क्या खाएं-क्या नहीं
बढ़ रही महंगी को लेकर गृहणियों ने भी काफी चिंता जताई है। रूचि बर्नवाल बताती है कि महंगाई ने घर की रसोई का बजट बिगड़ कर रख दिया है। मसाला, दाल, आटा सब महंगा है। सौ रुपए में बिकने वाली अरहर की दाल अब 150-160 रुपए में बिकने लगी है। क्या खाएं- क्या नहीं कुछ समझ नहीं आता है। नैन्सी वर्मा बताती है कि सब्जी से लेकर दाल सब महंगा हो चुका है। अब काफी सोंच समझ करके घर का बजट चलाना पड़ रहा है।
एक माह में बढे दामों पर एक नजर
दाल पहले अब
अरहर 110-120 140-150
उरद 110-115 120125
मूंग 70 80
चना 60 65-70
जीरा 300 460
मिर्च 240 260