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पत्नी की मौत पर पति व सास ससुर को सजा
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सीतापुर। अपर सत्र न्यायधीश राममणि पाठक ने दहेज हत्या के एक मामले में आरोपी पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास व आरोपी सास-ससुर को तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
सिद्धार्थनगर जनपद के रहने वाले ध्रुवजी पांडेय ने अपनी लड़की विजयलक्ष्मी की दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत का एक मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में मृतका के पति अरूण दुबे, ससुर नित्यानंद दुबे व सास सरस्वती को नामजद किया था। सात मई 2009 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद वादी द्वारा इस घटना की रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज कराई थी।
जिस पर विवेचना करते हुए विवेचक ने मृतका के देवर व ननद को मुकदमे से निकालते हुए पति व सास ससुर के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास व सास ससुर को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार शुक्ल ने की। (संवाद)
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सिद्धार्थनगर जनपद के रहने वाले ध्रुवजी पांडेय ने अपनी लड़की विजयलक्ष्मी की दहेज की मांग पूरी न होने को लेकर संदिग्ध परिस्थतियों में हुई मौत का एक मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में मृतका के पति अरूण दुबे, ससुर नित्यानंद दुबे व सास सरस्वती को नामजद किया था। सात मई 2009 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद वादी द्वारा इस घटना की रिपोर्ट शहर कोतवाली में दर्ज कराई थी।
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जिस पर विवेचना करते हुए विवेचक ने मृतका के देवर व ननद को मुकदमे से निकालते हुए पति व सास ससुर के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रेषित किया। न्यायालय में दौरान विचारण आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश ने आरोपी पति को सात वर्ष के सश्रम कारावास व सास ससुर को तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मुकदमे की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार शुक्ल ने की। (संवाद)
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