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35 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, हालात खराब

Thu, 22 Jul 2021 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 11:42 PM IST
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Flood water entered 35 villages, situation worsens
रामपुर मथुरा क्षेत्र में गांवों में घुसा बाढ़ का पानी। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
रेउसा/तंबौर/रामपुर मथुरा। लखीमपुर व बहराइच जिले के बैराजों से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी से जिले की शारदा व सरयू नदी उफना गईं हैं। 35 गांवों के अंदर बाढ़ का पानी घुस गया है। 15 गांवों के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए है। इससे आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीण अब बाहर निकलने के लिए नाव की मदद ले रहे हैं। 10 लोगों के घर नदी में समा गए है। सैकड़ों बीघा जमीन डूब गई है।
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फौजदारपुरवा का प्राथमिक विद्यालय आधा कट गया है। अब यह बाढ़ का पानी तबाही मचाते हुए आगे बढ़ रहा है। इसकी जद में महमूदाबाद, लहरपुर व बिसवां तहसील के गांव आ गए है। गुरुवार को 2.88 लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है। यह देर रात तक जिले में आ जाएगा। इससे जलस्तर कम होने के आसार नहीं दिख रहे हैं।
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जिले के तराई इलाके में बह रही शारदा व सरयू नदी में बैराजों से छोड़े गए पानी से जलस्तर में काफी इजाफा हो गया है। अब पानी ने तराई इलाके में तबाही मचानी शुरू कर दी है। तंबौर संवाद सूत्र के अनुसार लहरपुर तहसील क्षेत्र की शारदा नदी एक बार फिर उफान पर आ गई है। नदी के उफनाने से उसकी तलहटी व टापू में बसे कई गांवों के बाशिंदों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। अचानक पहुंचे बाढ़ के पानी से इलाके के प्रभावित गांव के संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए है।
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गुरुवार को तलहटी में बसे बरेला, बरक्षता, हनुमानसिंह पुरवा, रजनापुर में पानी पहुंच गया है। रजनापुर से इन गांवों को जाने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा है। नदी के बीच टापू पर बसे मीतमऊ, परेवा, नकहा नदी की दो धाराओं के मध्य बाढ़ के पानी से घिर गए है। इन गांवों के अंदर घरों तक पानी भर गया है।
कोल्हुआपुरवा के पास बाढ़ से बचाव के लिए चल रही कटान रोधी परियोजना द्वारा बनाए गए बंधे से भी पानी रिसने लगा है। जिससे लोनियनपुरवा मजरा देवपारपुर में पानी ने दस्तक दी है। क्षेत्र की सैकड़ों एकड़ फसल भी पानी से जलमग्न हो गई है। तहसीलदार मदन मोहन वर्मा ने बताया कि लेखपालों की टीमें गांवों का भ्रमण कर रही है। पीड़ितों की हर समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
परमेश्वरपुरवा के मैकू, राकेश दोनों के पक्के मकान कटान में समा गए। लहरों को भांपकर यह लोग पहले ही पलायन कर गए थे। पासिनपुरवा में रामनरेश, नीरज व रामप्रसाद के पक्के मकान कटान में बह गए। गार्गीपुरवा, दुर्गापुरवा, ठेकेदारपुरवा, बाबाकुटी, फौजदारपुरवा, मेवड़ी छोलहा के पंचायत भवन के रास्तों पर बढ़ का पानी भर गया। इससे आवागमन का संकट खड़ा हो गया है। मेवड़ी छोलहा, भदिमरपुरवा, श्रीरामपुरवा के घरों के पास पानी दरवाजे पर दस्तक दे रहा है।
ग्रामीणों ने सड़कों व तटबंध पर डाला डेरा
रामपुर मथुरा संवाद सूत्र के अनुसार, महमूदाबाद तहसील क्षेत्र में करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए है। इन गांवों के अंदर पानी पहुंच गया है। सरयू नदी उफनाने से शुकुलपुरवा, कनरखी, अटौरा, अंगरौरा व अखरी ग्राम पंचायत के करीब 20 गांवों में पानी पहुंच गया है। इससे यहां का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है।
अखरी गांव व कनरखी के कुछ गांवों में आवागमन लगभग बंद हो गया है। लोगों ने अस्थाई रूप से गांव की सड़कों व तटबंध पर बसेरा बनाया है। अखरी में करीब छह घरों के चारों ओर बाढ़ का पानी अधिक हो जाने के कारण उनका संपर्क टूट गया है। तहसीलदार महमूदाबाद अशोक कुमार का कहना है लोगों के सुरक्षित आवागमन के लिए 45 नावें लगाई गई है। बाढ़ पीड़ितों सुरक्षित रहने के लिए दो शेल्टर होम की व्यवस्था की गई है।
प्राथमिक स्कूल फौजदारपुरवा के अस्तित्व पर संकट
रेउसा संवाद सूत्र के अनुसार बिसवां तहसील का प्राथमिक विद्यालय फौजदारपुरवा बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गया है। स्कूल की आधी बिल्डिंग कटान में समा चुकी है। स्कूल का अस्तित्व मिटने की कगार पर पहुंच गया है। फौजदारपुरवा के मैकू की झोपड़ी कटान में समा गई। शत्रोहन, कन्हैयालाल, रामशंकर, सनेही, जनकलाल, राजू, जगदीश, सोहन, रामकुमार, मैकूलाल, केशवराम व संतोष आदि लोगों के मकानों पर कटान की तलवार लटक रही है। इनके घर के समीप में पानी आ गया है। यह लोग घर गिरिस्ती का सामान बटोरकर निर्मलदासपुरवा में डेरा डाल लिया है। मकानों को तोड़ रहे है।
मगरमच्छ से दहशत
गोलोक कोडर के मजरा दुर्गापुरवा में उस समय हड़कंप मच गया, जब राजितराम के घर पास सरयू की लहरों में बहकर एक मगरमच्छ आ गया। इसको देखकर लोग चिल्लाने लगे। कई लोग भाग खड़े हुए। कुछ देर बाद यह मगरमच्छ पानी में चला गया। लेकिन लोगों में मगरमच्छ का भय बना हुआ है।
हो रही निगरानी
हालात पर नजर बनाए हुए हैं। लेखपालों की रिर्पोटिंग के आधार पर मदद पहुंचाई जा रही है। ग्राम प्रधानों, ग्राम समितियों से बराबर संपर्क रखा जा रहा है। कटान पीड़ित विस्थापित करीब 50 परिवारों को बिसवां एसोसिएशन की तरफ से राशन किट व तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं।

- अविचल प्रताप सिंह, तहसीलदार
तेज किए गए बचाव कार्य
शारदा व सरयू नदी में 2.88 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे नदियों का जलस्तर बढ़ा है। खमरिया, शेखूपुर व परमेश्वरपुरवा में बाढ़ से बचाव के कार्य तेजी से कराए जा रहे है। सिंचाई विभाग व राजस्व की टीमें संवेदनशील स्थलों पर निगरानी कर रही है।
- विशाल पोरवाल, अधिशासी अभियंता, सिंचाई
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