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Sitapur News: वेद-उपनिषदों के दिव्य संदेश से भक्त हुए भाव विभोर
Sat, 25 Jul 2026 11:51 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 25 Jul 2026 11:51 PM IST
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सिधौली में प्रवचन करते महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती। संवाद
सिधौली। कस्बे के श्री सिद्धेश्वर महादेव धाम में शनिवार को श्री सिद्धेश्वर रुद्र महायज्ञ, भक्ति-ज्ञान संत सम्मेलन व श्रीराम कथा का आयोजन हुआ। संतों के प्रेरणादायी प्रवचनों से यज्ञ परिसर भक्तिमय हो उठा। वैदिक मंत्रोच्चारण, संतवाणी और श्रीराम कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती ने भगवान श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को दिए गए ज्ञान, वैराग्य व माया के दिव्य उपदेश का वर्णन किया। नैमिषारण्य से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म ही विश्व का सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और श्रेष्ठ धर्म है। मनुष्य को मोक्ष तभी प्राप्त हो सकता है जब वह सत्य, सेवा, सदाचार, गुरु भक्ति और ईश्वर की शरण को अपने जीवन का आधार बनाए। नैमिषारण्य धाम से पधारे स्वामी विमलानंद सरस्वती ने कहा कि संतों का सान्निध्य ही मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यज्ञ संयोजक स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती के सानिध्य में संतों का भव्य स्वागत व सम्मान हुआ। इस दौरान गंगाराम राजपूत, सभासद दिग्विजय शुक्ल, अनिल मिश्र, अनूप श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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हरिद्वार से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी अभयानंद सरस्वती ने भगवान श्रीराम द्वारा लक्ष्मण को दिए गए ज्ञान, वैराग्य व माया के दिव्य उपदेश का वर्णन किया। नैमिषारण्य से पधारे महामंडलेश्वर स्वामी विद्यानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि सनातन धर्म ही विश्व का सबसे प्राचीन, वैज्ञानिक और श्रेष्ठ धर्म है। मनुष्य को मोक्ष तभी प्राप्त हो सकता है जब वह सत्य, सेवा, सदाचार, गुरु भक्ति और ईश्वर की शरण को अपने जीवन का आधार बनाए। नैमिषारण्य धाम से पधारे स्वामी विमलानंद सरस्वती ने कहा कि संतों का सान्निध्य ही मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। यज्ञ संयोजक स्वामी प्रकाशानंद सरस्वती के सानिध्य में संतों का भव्य स्वागत व सम्मान हुआ। इस दौरान गंगाराम राजपूत, सभासद दिग्विजय शुक्ल, अनिल मिश्र, अनूप श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। (संवाद)
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