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बस स्टॉप पर बनी 36 दुकानें सील
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बिसवां (सीतापुर)। न्यायालय के आदेश पर तहसील प्रशासन ने गुरुवार को नगर के रोडवेज बस स्टॉप पर बनी 36 दुकानों को सील कर दिया। यह कार्रवाई शत्रु संपत्ति के तहत की गई है।
शत्रु संपत्ति से बहाल हुई जमीन बेच दी गई थी, जिसे पूर्व विधायक रामपाल यादव ने खरीदा था। उधर, पूर्व विधायक रामपाल यादव ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
मालूम हो कि कि राजा महमूदाबाद की जिले में विभिन्न स्थानों पर शत्रु संपत्ति है। शत्रु संपत्ति से बहाल हुई भूमि को बेच दिया गया था। जिसे कई स्थानीय लोगों ने खरीद लिया था।
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बिसवां बस अड्डे की भूमि को पूर्व विधायक रामपाल यादव ने खरीदा था। पर राजा महमूदाबाद की जमीनें पुन: शत्रु संपत्ति घोषित होने पर जिला प्रशासन ने उसे पुन: कब्जे में ले लिया था।
न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने गुरुवार को बस अड्डे पर बनी 36 पक्की दुकानों में ताले डालकर सील कर दिया है। उधर, प्रशासनिक कार्रवाई की भनक पाकर पूर्व विधायक रामपाल यादव भी मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अफसरों से वार्ता की। मगर प्रशासन इस मामले में रियायत बरतने को तैयार नहीं था।
दीवानी में चल रहा वाद
उप जिलाधिकारी किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि यह शत्रु संपत्ति है, जिसे परिवहन निगम को दिया गया था। इस भूमि को लेकर दीवानी में वाद भी चल रहा है। पूर्व विधायक रामपाल यादव द्वारा उल्लंघन कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी पर कार्रवाई करते हुए दुकानें सील की गई है।
हाईकोर्ट में लगाएंगे गुहार
पूर्व विधायक रामपाल यादव का आरोप है कि प्रशासन तानाशाही कर रहा है। इसके खिलाफ वे उच्च न्यायालय में जाएंगे।
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शत्रु संपत्ति से बहाल हुई जमीन बेच दी गई थी, जिसे पूर्व विधायक रामपाल यादव ने खरीदा था। उधर, पूर्व विधायक रामपाल यादव ने प्रशासन पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
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मालूम हो कि कि राजा महमूदाबाद की जिले में विभिन्न स्थानों पर शत्रु संपत्ति है। शत्रु संपत्ति से बहाल हुई भूमि को बेच दिया गया था। जिसे कई स्थानीय लोगों ने खरीद लिया था।
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बिसवां बस अड्डे की भूमि को पूर्व विधायक रामपाल यादव ने खरीदा था। पर राजा महमूदाबाद की जमीनें पुन: शत्रु संपत्ति घोषित होने पर जिला प्रशासन ने उसे पुन: कब्जे में ले लिया था।
न्यायालय के आदेश पर प्रशासन ने गुरुवार को बस अड्डे पर बनी 36 पक्की दुकानों में ताले डालकर सील कर दिया है। उधर, प्रशासनिक कार्रवाई की भनक पाकर पूर्व विधायक रामपाल यादव भी मौके पर पहुंचे और प्रशासनिक अफसरों से वार्ता की। मगर प्रशासन इस मामले में रियायत बरतने को तैयार नहीं था।
दीवानी में चल रहा वाद
उप जिलाधिकारी किंशुक श्रीवास्तव ने बताया कि यह शत्रु संपत्ति है, जिसे परिवहन निगम को दिया गया था। इस भूमि को लेकर दीवानी में वाद भी चल रहा है। पूर्व विधायक रामपाल यादव द्वारा उल्लंघन कर निर्माण कार्य कराया जा रहा था। इसी पर कार्रवाई करते हुए दुकानें सील की गई है।
हाईकोर्ट में लगाएंगे गुहार
पूर्व विधायक रामपाल यादव का आरोप है कि प्रशासन तानाशाही कर रहा है। इसके खिलाफ वे उच्च न्यायालय में जाएंगे।