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ट्रॉयल के दौरान चिमनी फटी, बाल-बाल बचे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 24 Dec 2017 11:25 PM IST
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चीनी मिल।
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बिसवां कस्बे की चीनी मिल में शनिवार रात ट्रायल के दौरान पॉवर प्लांट की एक चिमनी जोरदार धमाके के साथ फट गई। पूरे परिसर में धूल व राख का गुबार फैल गया। इससे मिल में हड़कंप मच गया।
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गनीमत यह रही है कि हादसे के समय परिसर में ज्यादा लोग मौजूद नहीं थे। इस वजह से कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि जोरदार धमाके से मिल के आसपास के मोहल्लों के लोग जरूर सहम गए।
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वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुुंचे मिल के अफसरों ने वहां के हालात का जायजा लिया। उधर, हादसे के बाद मिल प्रबंधन चिमनी को फिर से दुरुस्त करने में जुट गया है। मिल प्रबंधन की मानें तो सेफ्टीवॉल में खराबी आने से यह हादसा हुआ। प्रबंधन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
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सेक्सरिया शुगर फैक्ट्री में पॉवर प्लांट लगा हुआ है। शनिवार रात इसी प्लांट में लगी मशीनों का ट्रायल किया जा रहा था। इसी बीच प्लांट में मौजूद एक चिमनी जोरदार आवाज के साथ फट गई। इससे पूरे परिसर में धूल व राख का गुबार उठने लगा।
आननफानन प्लांट की मशीनों को बंद किया गया। हादसे की वजह से मिल परिसर में करीब दो घंटे तक धुंध छाई रही। मिल प्रबंधन की मानें तो सुरक्षा के सारे उपायों को दुरुस्त करने के बाद ही प्लांट का ट्रायल किया जा रहा था।
जिसकी वजह से इस हादसे की चपेट में मिल का कोई कर्मचारी नहीं आया। मिले के मुख्य अधिशाषी आरसी सिंघल का कहना है कि प्लांट का ट्रॉयल करने से पहले ही उस स्थान को खाली करा लिया गया था।
उन्होंने बताया कि ट्रायल की दौरान ऐसे हादसे होते रहते हैं, इसलिए इसे सामान्य घटना माना जाता है। प्लांट को चालू करने से पहले सुरक्षा के सारे उपायों को दुरुस्त कर लिया गया था। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। घटना की जांच मिल के चीफ इंजीनियर अनिल सिंह करेंगे।
मिल प्रबंधन को 4 करोड़ का नुकसान
मिल के अधिशाषी अधिकारी आरसी सिंघल ने बताया कि प्रथम जांच में पता चला है कि सिस्टम में लगे सेफ्टीवॉल में खराबी आ गई थी। सेफ्टीवॉल लॉक होने से गैस बाहर नहीं निकल सकी और सिस्टम में ब्लास्ट हो गया।
उन्होंने बताया कि यह सिस्टम 160 टन क्षमता का पावर प्रोजेक्ट है। चिमनी व बायलर के बीच के पार्ट में वॉल लगा हुआ है, जिसका काम बायलर की राख को नष्ट करना है। सिस्टम को अभी 32 मेगावाट पावर प्लांट से नहीं जोड़ा गया था। इससे पहले ही ट्रॉयल में धमाका हो गया। बताया कि मिल प्रबंधन को इस हादसे से करीब 4 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।