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तटबंध बचाने को लगातार डाले जाएं बोल्डर
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सीतापुर के रामपुर मथुरा क्षेत्र में नाव के द्वारा तटबंध बचाव कार्य का जायजा लेती हुई नोडल ऑफिसर म
- फोटो : SITAPUR
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस ने बुधवार को क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बगस्ती के पास चहलारी घाट-गनेशपुर तटबंध के बचाव कार्य का निरीक्षण किया। वह करीब साढ़े ग्यारह बजे तटबंध पर पहुंचीं।
जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस क्योंड़ा घाट को नाव से पार करने के बाद ट्रैक्टर से बगस्ती तटबंध पर पहुंचीं। तटबंध की पटरी पर कीचड़ के कारण आवागमन अत्यंत कठिन था, इसके बावजूद उन्होंने नाव से ही कार्य की प्रगति जांची। नदी में समाती जा रही प्रथम मुख्य ठोकर के शेष लगभग आधे भाग को बचाने के लिए लगातार बोल्डर पत्थर डालने के निर्देश दिए।
मीडिया से उन्होंने बताया कि अब तक हुआ कार्य संतोषजनक है। जबकि हकीकत यह है कि देर से शुरू हुआ बचाव कार्य पूर्ण न होने से तटबंध के कटने का खतरा लगातार बना हुआ है। कई वर्षों से कटाव का बिंदु बने करीब 50 मीटर तटबंध अभी भी सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है। चूंकि इसको बचाने के लिए बनाई गई ठोकर लगातार नदी में समाती जा रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही इस ठोकर पर कटान तेज हो जाती है। नोडल अधिकारी के साथ एसडीएम गिरीश झा, तहसीलदार अशोक कुमार, लेखपाल रविंद्र व जितेंद्र भारती के अलावा जेई संजीव उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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नोडल अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीण मायूस
नोडल अधिकारी के आने की खबर के बाद अंगरौरा के कटान पीड़ित उनके गांव पहुंचने की राह देखते रहे। किंतु वहां का हाल लेने कोई भी अधिकारी नहीं गया, जिससे ग्रामीण मायूस दिखाई दिए। दीपक तिवारी व रामफल ने बताया कि कोई अधिकारी वहां नहीं आता है। वह अपना दर्द शासन तक भला कैसे पंहुचाएं।
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जिले की नोडल अधिकारी मिनिस्ती एस क्योंड़ा घाट को नाव से पार करने के बाद ट्रैक्टर से बगस्ती तटबंध पर पहुंचीं। तटबंध की पटरी पर कीचड़ के कारण आवागमन अत्यंत कठिन था, इसके बावजूद उन्होंने नाव से ही कार्य की प्रगति जांची। नदी में समाती जा रही प्रथम मुख्य ठोकर के शेष लगभग आधे भाग को बचाने के लिए लगातार बोल्डर पत्थर डालने के निर्देश दिए।
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मीडिया से उन्होंने बताया कि अब तक हुआ कार्य संतोषजनक है। जबकि हकीकत यह है कि देर से शुरू हुआ बचाव कार्य पूर्ण न होने से तटबंध के कटने का खतरा लगातार बना हुआ है। कई वर्षों से कटाव का बिंदु बने करीब 50 मीटर तटबंध अभी भी सुरक्षित नहीं कहा जा सकता है। चूंकि इसको बचाने के लिए बनाई गई ठोकर लगातार नदी में समाती जा रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही इस ठोकर पर कटान तेज हो जाती है। नोडल अधिकारी के साथ एसडीएम गिरीश झा, तहसीलदार अशोक कुमार, लेखपाल रविंद्र व जितेंद्र भारती के अलावा जेई संजीव उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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नोडल अधिकारी के न पहुंचने से ग्रामीण मायूस
नोडल अधिकारी के आने की खबर के बाद अंगरौरा के कटान पीड़ित उनके गांव पहुंचने की राह देखते रहे। किंतु वहां का हाल लेने कोई भी अधिकारी नहीं गया, जिससे ग्रामीण मायूस दिखाई दिए। दीपक तिवारी व रामफल ने बताया कि कोई अधिकारी वहां नहीं आता है। वह अपना दर्द शासन तक भला कैसे पंहुचाएं।