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Sitapur News: फिर छोड़ा 2.90 लाख क्यूसेक पानी, कटान जारी
Tue, 18 Jul 2023 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 18 Jul 2023 12:19 AM IST
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सोनरख, पुरैना व शंकरपुरवा में लगातार कटान कर रहा नदी का पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर मथुरा /सीतापुर। सरयू और शारदा नदियों का जलस्तर घटने के बाद भी तटीय क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पानी घटने के बावजूद नदी के पानी की कटान से गांजर वासी परेशानहाल हैं। सोनरख पुरैना व शंकरपुरवा में नदी का पानी लगातार कटान कर रही हैं। सोमवार को बैराजों से 2.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदियां किसी भी समय फिर उफान पर आ सकती हैं।
ब्लॉक रामपुर मथुरा क्षेत्र में फत्तेपुरवा के पास लगे मीटर गेज पर सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर 118.20 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल रविवार की तुलना में पानी में हुई 10 सेमी. की कमी के कारण बाढ़ का खतरा कुछ हद तक कम हुआ है। सरयू का पानी अब खतरे के निशान से 80 सेमी नीचे बह रहा है। इसके बाद भी लगातार हो रहा कटान से तटीय क्षेत्र के लोग परेशान हैं। शंकरपुरवा में अमरजीत का घर नदी की कटान से आधे से अधिक क्षतिग्रस्त हो चुका है। अमरजीत के मुताबिक आज नहीं तो कल उनका मकान नदी में समा ही जाएगा। ऐसे में मकान में मौजूद सामग्री को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
सोनरख पुरैना में के प्राथमिक विद्यालय का भवन पहले ही कटान की भेंट चढ़ चुका है। उसकी सिर्फ एक दीवार ही बची है। जलस्तर घटने के बाद भी बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी तराई क्षेत्र के नागरिकों की धड़कनें कम नहीं होने दे रहा है। सोमवार को तीनों बैराजों से 2 लाख 90 हजार 259 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इस पानी के यहां पहुंचने से बाढ़ का अंदेशा फिर बढ़ गया है।
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किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
शारदा बैराज- 1,31,337 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 1,15,127 क्यूसेक बनबसा बैराज- 43,795 क्यूसेक
परेशानहाल जिंदगी काट रहे कटान पीड़ित
पिछले साल अखरी, बाबाकुटी तथा शंकरपुरवा गांव के 35 मकान नदी में समा गए थे। कुछ कटान पीड़ितों ने जमीन खरीदकर अस्थाई आशियाना बनाया तो कई को अपनी रिश्तेदारी में शरण लेना पड़ी। प्रशासन एक साल बाद भी कटान पीड़ितों को आवासीय भूमि उपलब्ध नहीं करा सका है। तटबंध पर रहने वाले 10 कटान पीड़ित परिवारों के सामने कई समस्याएं हैं। पेयजल व शौचालय की समस्या ने उनका जीना मुहाल कर रखा है।
नदियों में लगातार घट रहा पानी
सरयू के तटवर्ती क्षेत्र का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया गया है। नदियों में पानी लगातार घट रहा है। ऐसे में बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। तटवर्तीय इलाकों के ग्रामीणों की समस्याओं को त्वरित स्तर पर दूर कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
- दीक्षा शुक्ला, नायब तहसीलदार महमूदाबाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर मथुरा /सीतापुर। सरयू और शारदा नदियों का जलस्तर घटने के बाद भी तटीय क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। पानी घटने के बावजूद नदी के पानी की कटान से गांजर वासी परेशानहाल हैं। सोनरख पुरैना व शंकरपुरवा में नदी का पानी लगातार कटान कर रही हैं। सोमवार को बैराजों से 2.90 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे नदियां किसी भी समय फिर उफान पर आ सकती हैं।
ब्लॉक रामपुर मथुरा क्षेत्र में फत्तेपुरवा के पास लगे मीटर गेज पर सोमवार को सरयू नदी का जलस्तर 118.20 मीटर दर्ज किया गया। फिलहाल रविवार की तुलना में पानी में हुई 10 सेमी. की कमी के कारण बाढ़ का खतरा कुछ हद तक कम हुआ है। सरयू का पानी अब खतरे के निशान से 80 सेमी नीचे बह रहा है। इसके बाद भी लगातार हो रहा कटान से तटीय क्षेत्र के लोग परेशान हैं। शंकरपुरवा में अमरजीत का घर नदी की कटान से आधे से अधिक क्षतिग्रस्त हो चुका है। अमरजीत के मुताबिक आज नहीं तो कल उनका मकान नदी में समा ही जाएगा। ऐसे में मकान में मौजूद सामग्री को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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सोनरख पुरैना में के प्राथमिक विद्यालय का भवन पहले ही कटान की भेंट चढ़ चुका है। उसकी सिर्फ एक दीवार ही बची है। जलस्तर घटने के बाद भी बैराजों से छोड़ा जा रहा पानी तराई क्षेत्र के नागरिकों की धड़कनें कम नहीं होने दे रहा है। सोमवार को तीनों बैराजों से 2 लाख 90 हजार 259 क्यूसेक पानी फिर छोड़ा गया है। इस पानी के यहां पहुंचने से बाढ़ का अंदेशा फिर बढ़ गया है।
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किस बैराज से छोड़ा गया कितना पानी
शारदा बैराज- 1,31,337 क्यूसेक
घाघरा बैराज- 1,15,127 क्यूसेक बनबसा बैराज- 43,795 क्यूसेक
परेशानहाल जिंदगी काट रहे कटान पीड़ित
पिछले साल अखरी, बाबाकुटी तथा शंकरपुरवा गांव के 35 मकान नदी में समा गए थे। कुछ कटान पीड़ितों ने जमीन खरीदकर अस्थाई आशियाना बनाया तो कई को अपनी रिश्तेदारी में शरण लेना पड़ी। प्रशासन एक साल बाद भी कटान पीड़ितों को आवासीय भूमि उपलब्ध नहीं करा सका है। तटबंध पर रहने वाले 10 कटान पीड़ित परिवारों के सामने कई समस्याएं हैं। पेयजल व शौचालय की समस्या ने उनका जीना मुहाल कर रखा है।
नदियों में लगातार घट रहा पानी
सरयू के तटवर्ती क्षेत्र का भ्रमण कर हालात का जायजा लिया गया है। नदियों में पानी लगातार घट रहा है। ऐसे में बाढ़ जैसे कोई हालात नहीं हैं। तटवर्तीय इलाकों के ग्रामीणों की समस्याओं को त्वरित स्तर पर दूर कराने का प्रयास भी किया जा रहा है।
- दीक्षा शुक्ला, नायब तहसीलदार महमूदाबाद