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70 सहकारी समितियां बंद, खाद का संकट

Thu, 18 Nov 2021 12:15 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 18 Nov 2021 12:15 AM IST
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70 cooperative societies closed, fertilizer crisis
साधन सहकारी समिति संदना में लटकता ताला बंद। - संवाद - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। जिले में सहकारी समितियों के जरिये किसानों को आसानी से खाद मिल जाती है। समितियों के स्थानीय स्तर पर होने के कारण दौड़ भाग से भी किसान बच जाते हैं। जिले में करीब 70 सहकारी समितियां आर्थिक तंगी सहित अन्य कारणों से बंद हैं। किसानों को प्राइवेट दुकानों से खाद लेने के लिए दौड़भाग करनी पड़ रही है। इससे समय की बर्बादी के साथ ही किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है।
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जिले के 19 ब्लॉक क्षेत्रों में 188 साधन सहकारी समितियां हैं। ये संबंधित गांवों के आसपास ही स्थित हैं। जिससे किसान यहां आसानी से कम समय में खाद आदि ले सकते हैं, लेकिन समितियों के संचालन की समस्या से वह परेशान हैं। बताया जा रहा है तकरीबन 70 सहकारी समितियां बंद हैं। इससे वहां ताले लगे होने के कारण खाद की उपलब्धता नहीं है।
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रबी सीजन की बुआई चल रही है। किसानों को खाद की अधिक जरूरत है। जो किसान समिति के सदस्य हैं, उन्हें बिना धनराशि दिए भी खाद उपलब्ध हो जाती है। वर्तमान में समितियों के संचालन न होने से किसान इस सुविधा से वंचित हैं। समितियों की आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह खाद का उठान नहीं कर पा रही हैं। पिसावां संवाद के अनुसार, किसान सेवा सहकारी समिति नेरी में वर्ष 2014 से खाद नहीं आई है। समिति के सचिव कमलेश कुमार ने बताया कि समिति के खाते में पैसा न होने के कारण खाद नहीं आ पा रही है।
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कोरौना और संदना की सहकारी समिति में पड़ा ताला
औरंगाबाद संवाद के अनुसार, साधन सहकारी समिति कोरौना और संदना में ताला बंद है। इससे किसान डीएपी के भटक रहे हैं। तंबौर संवाद के अनुसार, जिला सहकारी बैंक शाखा तंबौर से संबद्ध पांच समितियों में खाद उपलब्ध नहीं है।
कुतुबनगर संवाद के अनुसार, किसान सेवा सहकारी समिति कुतुबनगर में बीते साल 250 बोरी यूरिया वितरित की गई थी। इसके बाद से यूरिया नहीं है। कमलापुर संवाद के अनुसार, सहकारी समिति भंडिया, भिठौली में सचिव की वजह से और किधौलिया में सीसीएल स्वीकृत न होने के कारण खाद नहीं मिल रही है।

जिला सहकारी बैंक की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण समितियों के संचालन में दिक्कत आ रही है। बैंक की स्थिति में निरंतर सुधार हो रहा है। शीघ्र ही बंद समितियों को सीसीएल (कैश क्रेडिट लिमिट) सुविधा प्रदान कर संचालित कराया जाएगा।
- नवीन कुमार शुक्ला, सहायक निबंधक सहकारी समितियां
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