Krishna Janmashtami 2026: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस दिन को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस बार 4 सितंबर 2026 को कृष्ण जन्माष्टमी है। इस शुभ दिन पर विधि-विधान से भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में खुशहाली भी बनी रहती है। वहीं, जन्माष्टमी के खास अवसर पर देशभर के मंदिरों में लड्डू गोपाल की उपासना और भजन-कीर्तन का भव्य आयोजन किया जाता है। धार्मिक ग्रंथों में इस दिन लड्डू गोपाल को स्नान कराने से लेकर उनका श्रृंगार करने का विशेष महत्व माना गया है। इससे सकारात्मक ऊर्जा का संचार और उपासना-उपवास का पूर्ण फल मिलता है। हालांकि, पूजा का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए जन्माष्टमी की पूजा में सभी जरूरी सामग्री का होना भी महत्वपूर्ण माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा के लिए किन-किन सामग्रियों की आवश्यकता होगी।
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कृष्ण जन्माष्टमी 2026: पूजा में जरूर शामिल करें ये चीजें, लड्डू गोपाल के श्रृंगार से भोग तक जानें पूरी लिस्ट
Fri, 04 Sep 2026 06:31 AM IST
मेघा कुमारी
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: मेघा कुमारी
Updated Fri, 04 Sep 2026 06:31 AM IST
सार
Krishna Janmashtami 2026: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है। इस बार 4 सितंबर 2026 को कृष्ण जन्माष्टमी है। इस दिन पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। आइए इस दिन के महत्व और पूजन सामग्रियों को जानते हैं।
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Krishna Janmashtami 2026
- फोटो : अमर उजाला
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जन्माष्टमी पूजा सामग्री लिस्ट
- इस दिन लड्डू गोपाल जी को स्नान कराने के लिए अभिषेक की थाली, पंचामृत के लिए दूध, दही, घी आदि रखें।
- गंगाजल, शुद्ध जल भी शामिल करें। साथ ही तुलसी दल, दूर्वा, शंख और घंटी भी रखें।
- आप अगरबत्ती, घी का दीपक, अखंड ज्योति, कपूर, रोली, अक्षत, पीला चंदन भी रख लें।
- अब पोशाक, रुमाल, मुकुट, कुंडल, मोरपंख, फूल माला, बांसुरी, वैजयंती माला, इत्र, आसन और झूला।
- हल्दी, कुमकुम, धूप, माचिस, फूल, धनिया पंजीरी, पंचामृत, सूखे मेवे, मिठाई और नारियल।
- पूजा की थाली, मखाने की खीर, मौसमी फल, मक्खन-मिश्री, कलश, लौंग लगा पान का बीड़ा, मौली, लाल या पीला कपड़ा,
- खड़ा धनिया, श्रीफल और आरती की थाली। इसके अलावा दान के लिए अपनी क्षमता के अनुसार दान की चीजें भी रख सकते हैं।
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- फोटो : amar ujala
कृष्ण जन्माष्टमी 2026
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर 2026 को रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को ही कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मान्य होगा। इस तिथि पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, ग्रहों का खास संयोग और वृषभ राशि में चंद्रमा का योग रहेगा।
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 4 सितंबर 2026 को रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 5 सितंबर 2026 को रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगी। ऐसे में 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को ही कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मान्य होगा। इस तिथि पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, ग्रहों का खास संयोग और वृषभ राशि में चंद्रमा का योग रहेगा।
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जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
पूजा का शुभ समय 4 सितंबर की रात 11 बजकर 57 मिनट से 5 सितंबर की रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
पूजा का शुभ समय 4 सितंबर की रात 11 बजकर 57 मिनट से 5 सितंबर की रात 12 बजकर 43 मिनट तक रहेगा।
- निशीथ काल: रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: रात 11:56 बजे से 12:44 बजे तक
- अमृत काल: रात 8:03 बजे से 9:33 बजे तक
- जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि पूजा: रात 12 बजे के आसपास
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।