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आंदोलन को धार देने के लिए वकीलों की आम सभा आज
Updated Sun, 11 Nov 2018 11:45 PM IST
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सीतापुर। वकीलों का आंदोलन सोमवार को तेज हो सकता है। वजह यह कि दिवाली की छुट्टियों के बाद सोमवार को अदालत खुलेगी। आंदोलन की अगुवाई कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता भी आमसभा कर अगली रणनीति बनाने का खाका तैयार कर चुके हैं। मकसद आंदोलन को धार देना है। वहीं, कलमबंद असहयोग आंदोलन रविवार को ग्यारहवें दिन भी जारी रहा।
बार एसोसिएशन सीतापुर प्रांगण में रविवार को आंदोलन सभा में बोलते हुए पूर्व अध्यक्ष रामपाल मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता-पुलिस विवाद को लेकर सोमवार को आमसभा की जाएगी जिसमें उपस्थित सभी अधिवक्ताओं के न सिर्फ विचार लिए जाएंगे बल्कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहकर आंदोलन को गति प्रदान करने की अपील की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अगली रणनीति के तहत जिले की सभी तहसीलों के अधिवक्ता संघों से संपर्क कर उनसे कलमबंद असहयोग आंदोलन में सहयोग देने के साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने का आग्रह किया गया है।
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सभा का संचालन करते हुए सचिव राममोहन पांडेय ने कहा कि सदन के सभी सदस्यों की सहमति से गठित संघर्ष समिति के साथ बनी अन्य समितियों का पूरी तरह से सहयोग करते हुए अधिवक्ताओं के सम्मान की लड़ाई में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
कहा कि सदन द्वारा निर्मित सभी समितियों की राय और विचारों को तरजीह देते हुए आंदोलन को गति दी जाएगी। उपाध्यक्ष राजकमल त्रिपाठी, विमल मोहन मिश्र, बृजेंद्र नाथ सिन्हा ने भी कलमबंद असहयोग आंदोलन में विचार रखे। इस अवसर पर सर्वेश पांडेय, शिवनाथ मिश्रा, पंकज तिवारी, प्रीतम सिंह यादव, फहीम खान, राकेश तिवारी, आशुतोष बाजपेयी व अजय सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।
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बार एसोसिएशन सीतापुर प्रांगण में रविवार को आंदोलन सभा में बोलते हुए पूर्व अध्यक्ष रामपाल मिश्र ने कहा कि अधिवक्ता-पुलिस विवाद को लेकर सोमवार को आमसभा की जाएगी जिसमें उपस्थित सभी अधिवक्ताओं के न सिर्फ विचार लिए जाएंगे बल्कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहकर आंदोलन को गति प्रदान करने की अपील की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि अगली रणनीति के तहत जिले की सभी तहसीलों के अधिवक्ता संघों से संपर्क कर उनसे कलमबंद असहयोग आंदोलन में सहयोग देने के साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखे जाने का आग्रह किया गया है।
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सभा का संचालन करते हुए सचिव राममोहन पांडेय ने कहा कि सदन के सभी सदस्यों की सहमति से गठित संघर्ष समिति के साथ बनी अन्य समितियों का पूरी तरह से सहयोग करते हुए अधिवक्ताओं के सम्मान की लड़ाई में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
कहा कि सदन द्वारा निर्मित सभी समितियों की राय और विचारों को तरजीह देते हुए आंदोलन को गति दी जाएगी। उपाध्यक्ष राजकमल त्रिपाठी, विमल मोहन मिश्र, बृजेंद्र नाथ सिन्हा ने भी कलमबंद असहयोग आंदोलन में विचार रखे। इस अवसर पर सर्वेश पांडेय, शिवनाथ मिश्रा, पंकज तिवारी, प्रीतम सिंह यादव, फहीम खान, राकेश तिवारी, आशुतोष बाजपेयी व अजय सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।