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रामगढ़ में 40 लोगों को बुखार
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सीतापुर। गोंदलामऊ ब्लॉक के रामगढ़ गांव में कई बच्चों समेत 40 लोग संदिग्ध बुखार की चपेट में हैं। संदिग्ध बुखार के चलते गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। हर दूसरे घर में बुखार से पीड़ित लोग चारपाई पर पड़े कराह रहे हैं।
गोंदलामऊ क्षेत्र के रामगढ़ कस्बे में रविवार को शमशेर सिंह, अंशु कुमार, जॉली पत्नी कुलदीप, चांदनी पुत्री सुनील, भानु पुत्र उमेश, विनीत पुत्र रामेश, नेहा पुत्री अशोक, विशाल, गोगे, झब्बू आदि लोग चारपाई पर लेटे बुखार से कराह रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह दिन से रामगढ़ पीएचसी से दवा ले रहे हैं। मगर अभी तक फायदा नहीं हो रहा है।
बुखार पीड़ित रामचंद्र, जूली, अंशु व चांदनी ने बताया कि पहले जाड़ा लगता है, फिर बुखार से बदन तपने लगता है।
नजदीकी अस्पताल से दवा ला रहे हैं। मगर दवा का असर एक ही घंटा रहता है, हालत फिर बिगड़ जाती है। इतना ही नहीं रामदेवी पत्नी रामस्वरूप के पूरे बदन पर छाले पड़ गए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गंदगी की भरमार है। गांव की नालियों में दो-दो फिट लंबी घास उग गई है। इसके बावजूद अभी तक दवा का छिड़काव नहीं किया गया है।
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गोंदलामऊ क्षेत्र के रामगढ़ कस्बे में रविवार को शमशेर सिंह, अंशु कुमार, जॉली पत्नी कुलदीप, चांदनी पुत्री सुनील, भानु पुत्र उमेश, विनीत पुत्र रामेश, नेहा पुत्री अशोक, विशाल, गोगे, झब्बू आदि लोग चारपाई पर लेटे बुखार से कराह रहे थे।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले छह दिन से रामगढ़ पीएचसी से दवा ले रहे हैं। मगर अभी तक फायदा नहीं हो रहा है।
बुखार पीड़ित रामचंद्र, जूली, अंशु व चांदनी ने बताया कि पहले जाड़ा लगता है, फिर बुखार से बदन तपने लगता है।
नजदीकी अस्पताल से दवा ला रहे हैं। मगर दवा का असर एक ही घंटा रहता है, हालत फिर बिगड़ जाती है। इतना ही नहीं रामदेवी पत्नी रामस्वरूप के पूरे बदन पर छाले पड़ गए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव में गंदगी की भरमार है। गांव की नालियों में दो-दो फिट लंबी घास उग गई है। इसके बावजूद अभी तक दवा का छिड़काव नहीं किया गया है।