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नैमिष महोत्सव को मिलेगा राज्य स्तरीय दर्जा

Wed, 31 Jan 2018 11:49 PM IST
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:49 PM IST
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नैमिष महोत्सव को मिलेगा राज्य स्तरीय दर्जा
जिला प्रशासन ने तैयार करवाया प्रस्ताव, मंजूरी के लिए जल्द भेजा जाएगा शासन में
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सीतापुर। नैमिष फाउंडेशन ट्रस्ट के अविस्मरणीय आयोजन ‘नैमिष महोत्सव’ को अब राज्य स्तरीय दर्जा मिलेगा। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए एक प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इस प्रस्ताव को शासन भेजे जाने की कवायद चल रही है। योगी सरकार से जल्द ही प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की उम्मीद है।

सीतापुर के धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थ नैमिषारण्य की धरती पर करीब आठ साल पहले तत्कालीन डीएम संजय कुमार ने ‘नैमिष महोत्सव’ की आधारशिला रखी थी। पहला नैमिष महोत्सव शहर के राजा कॉलेज मैदान पर आयोजित किया गया था।
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इस अविस्मरणीय आयोजन ने ख्याति अर्जित करने के अलावा ट्रस्ट की कमाई भी कराई। बीच में किन्हीं कारणों से नैमिष महोत्सव नहीं हुआ। इसके बाद नवंबर- दिसंबर 2016 में तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने नैमिष महोत्सव का भव्य आयोजन तो कराया ही, कार्यक्रम स्थल भी नैमिषारण्य की पावन धरती को बनाया।
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यह आयोजन हर किसी के दिलोदिमाग में आज भी रचा-बसा है। अद्भुत, अकल्पनीय व अविस्मरणीय आयोजन की ख्याति देश के कोने-कोने तक फैली। हालांकि वर्ष 2017 में निकाय चुनाव की वजह से नैमिष महोत्सव नहीं कराया जा सका।

लेकिन नैमिष महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा देने की पहल जनप्रतिनिधियों व प्रशासन द्वारा की गई है। जिला प्रशासन की ओर से इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। उसे मंजूरी के लिए शासन को भेजा जा रहा है। इस प्रस्ताव को जल्द ही योगी सरकार से हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।

सुगम होगा यातायात, बढ़ेगी आवासीय सुविधाएं
नैमिष महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा मिलने से सरकार से बजट तो मिलेगा ही, साथ ही धार्मिक एवं पौराणिक तीर्थस्थल नैमिषारण्य की तस्वीर भी संवार जाएगी। यहां पर यातायात व श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाओं में इजाफा होगा।

पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापरक मुहैया होंगी। इससे श्रद्धालु व पर्यटक नैमिष की ओर और आकर्षित होंगे। जानकारों की मानें तो नैमिष महोत्सव को योगी सरकार द्वारा राज्य स्तरीय महोत्सव की ख्याति मिलने के बाद यहां का कायाकल्प किया जाएगा।

सरकार से नैमिष महोत्सव के लिए बजट का प्रावधान होने लगेगा। इस बजट से महोत्सव के आयोजन को और अधिक भव्यता प्रदान करने के अलावा श्रद्धालुओं के लिए कई जरूरी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। रोडवेज बसों की संख्या में इजाफा कर यातायात सुगम बनाया जाएगा।

यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों के ठहरने की उचित व्यवस्था होगी। पेयजल, बिजली सहित हर तरह की मूलभूत सुविधाओं को गुणवत्ता परक बनाया जाएगा। इससे ज्यादा श्रद्धालु व पर्यटक नैमिष की ओर आकर्षित होंगे। लिहाजा, नैमिषारण्य तीर्थ स्थल का व्यापक प्रचार-प्रसार व भारतीय संस्कृति की पुर्नस्थापना संभव होगी।

हर माह अमावस्या पर आते तीन लाख श्रद्धालु
धर्मनगरी नैमिषारण्य में देश-विदेशों से प्रतिदिन करीब पांच हजार श्रद्धालु एवं पर्यटक आते हैं। यहां हर माह अमावस्या पर मेला लगता है। यह मेला दो दिन तक चलता है, इसमें करीब ढाई से तीन लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इसके अलावा हर बरस मार्च में चौरासी कोसी परिक्रमा नैमिषारण्य से शुरू होती है। यहां आने वाले श्रद्धालु गोमती नदी के तट व चक्रतीर्थ में स्नान करते हैं। वर्ष 2016 से नैमिष के चक्रतीर्थ में अष्टकोणीय आरती की परंपरा शुरू की गई, जो लगातार निभाई जा रही है।

नैमिषारण्य का इतिहास व मान्यता
शास्त्रों के अनुसार, श्री सूत जी महाराज ने कालांतर में अट्ठासी हजार ऋषि-मुनियों की तपोस्थली नैमिष में सभी पुराणों, वेदों एवं शास्त्रों का वाचन किया था। यह स्थल आज सूत गद्दी के नाम से जाना जाता है। इन वेदों के पाठन व वाचन के लिए यहां पर श्रद्धालु आते-जाते रहे।

पद्म पुराण की कथा के मुताबिक, श्री ब्रह्मा जी ने देवताओं की रक्षा के लिए मनोमय चक्र छोड़ा था। नैमिषारण्य की धरती पवित्र होने से यह चक्र नैमिषारण्य में गिरा। चक्र गिरने से प्लावित जल को मां ललिता देवी ने पाताल में जाने से रोक दिया था।

यह स्थान आज चक्रतीर्थ के नाम से जाना जाता है। मान्यता है, कि इस चक्र कुंड में स्नान-दान करने से श्रद्धालु स्वयं व उनके पित्र भव बंधन, कर्म बंधन से मुक्त हो जाता है।

ये हैं प्रमुख दार्शनिक स्थल
चक्रतीर्थ, मां ललिता देवी मंदिर, श्री सूत गद्दी, व्यास गद्दी, हनुमान गढ़ी, देव देवेश्वर धाम, रुद्रावर्त तीर्थ, कालीपीठ मंदिर, देवपुरी मंदिर, बाला जी मंदिर, सांई मंदिर, राज घाट गोमती, राम जानकी मंदिर, दशास्वमेध घाट, पुराण मंदिर, बाबा भूतनाथ मंदिर (चक्रतीर्थ), नृसिंह मंदिर, अहोविल मठ, काशी कुंड, ललिता आश्रम।


शासन में भेजा जाएगा प्रस्ताव
नैमिष महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा दिलाए जाने का प्रस्ताव शासन में भेजा जा रहा है। वहां से मंजूरी मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. सारिका मोहन, डीएम

जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर नैमिष महोत्सव को राज्य स्तरीय दर्जा दिलाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन से तैयार कराकर शासन भेजवाया जा रहा है। जल्द ही सरकार से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
-रामकृष्ण भार्गव, विधायक मिश्रिख

आकर्षित होंगे श्रद्धालु व पर्यटक
जिला प्रशासन द्वारा प्रस्ताव शासन में भेजा जा रहा है। इससे नैमिष महोत्सव की ख्याति बढ़ने के अलावा श्रद्धालु व पर्यटक आकर्षित होंगे।
-सरला देवी, अध्यक्ष, नगर पालिका मिश्रिख
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