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आधी अधूरी तैयारियों के बीच जूझ रही बोर्ड परीक्षा
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:02 PM IST
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आधी अधूरी तैयारियों के बीच जूझ रही बोर्ड परीक्षा
सीतापुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा को लेकर तेजी तो खूब दिखाई पर यह सब आधी अधूरी तैयारियों के बीच फंसकर रह गई है। शासन ने पांच नवंबर तक परीक्षा केंद्र को लेकर आपत्तियां मांगी है।
जबकि हाल ये है अभी तक परीक्षा केंद्र नहीं बन सकें है। ऐसे में इस निर्देश की खिल्लियां उठ रही है। वही केंद्र निर्धारण को लेकर स्कूल कॉलेज भी पसोपेश में है।
यूपी बोर्ड की 2018 में होने वाली हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर इस बार शासन ने बहुत तेजी दिखाई है। अक्तूबर माह में ही छह फरवरी से परीक्षा कराने का एलान कर दिया है।
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प्रयोगात्मक परीक्षा की भी तिथियां घोषित हो गईं हैं। जबकि इससे पहले यह कवायद दिसंबर व जनवरी माह में होती थी। इससे कॉलेजों को आशा थी कि अब जल्द ही केंद्र फिक्स हो जाएंगे। लेकिन केंद्र निर्धारण में प्रक्रिया बदल गई है।
पहले जिला स्तर पर बनी कमेटी इसका निर्धारण करती थी। इस बार ऑनलाइन तरीके से शासन खुद ही परीक्षा केंद्र निर्धारित करेंगा।
इधर शासन का निर्देश है कि पांच नवंबर तक केंद्र निर्धारण को लेकर आपत्तियां मांग ली जाए। जब केंद्र ही नहीं तय है तो आपत्ति कैसी। इसे लेकर जिले के अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है।
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सीतापुर। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षा को लेकर तेजी तो खूब दिखाई पर यह सब आधी अधूरी तैयारियों के बीच फंसकर रह गई है। शासन ने पांच नवंबर तक परीक्षा केंद्र को लेकर आपत्तियां मांगी है।
जबकि हाल ये है अभी तक परीक्षा केंद्र नहीं बन सकें है। ऐसे में इस निर्देश की खिल्लियां उठ रही है। वही केंद्र निर्धारण को लेकर स्कूल कॉलेज भी पसोपेश में है।
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यूपी बोर्ड की 2018 में होने वाली हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर इस बार शासन ने बहुत तेजी दिखाई है। अक्तूबर माह में ही छह फरवरी से परीक्षा कराने का एलान कर दिया है।
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प्रयोगात्मक परीक्षा की भी तिथियां घोषित हो गईं हैं। जबकि इससे पहले यह कवायद दिसंबर व जनवरी माह में होती थी। इससे कॉलेजों को आशा थी कि अब जल्द ही केंद्र फिक्स हो जाएंगे। लेकिन केंद्र निर्धारण में प्रक्रिया बदल गई है।
पहले जिला स्तर पर बनी कमेटी इसका निर्धारण करती थी। इस बार ऑनलाइन तरीके से शासन खुद ही परीक्षा केंद्र निर्धारित करेंगा।
इधर शासन का निर्देश है कि पांच नवंबर तक केंद्र निर्धारण को लेकर आपत्तियां मांग ली जाए। जब केंद्र ही नहीं तय है तो आपत्ति कैसी। इसे लेकर जिले के अफसरों के पास कोई जवाब नहीं है।