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आदमखोर कुतों ने एक बछिया को बनाया निवाला
Updated Wed, 01 Aug 2018 12:33 AM IST
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एक पड़िया पर हमला कर किया जख्मी, 100 नंबर पर सूचना के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस
खैराबाद (सीतापुर)। इलाके में तकरीबन दो महीने तक चैन-सुकून रहने के बाद एक बार फिर आदमखोर कुत्तों की आमद से दहशत फैल गई है। इन कुत्तों ने एक बछिया को अपना निवाला बना डाला। जबकि एक पड़िया पर हमले के दौरान ग्रामीणों के पहुंचने पर उसे मार नहीं सके।
हमले में पड़िया बुरी तरह जख्मी जरूर हो गई। ग्रामीणों ने इन हमलों की जानकारी 100 नंबर डॉयल कर पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने गांव पहुंचना मुनासिब नहीं समझा। खैराबाद इलाके में नवंबर 2017 से मई 2018 तक आतंक का पर्याय बने रहे आदमखोर कुत्तों ने 14 मासूम बच्चों की जान लेने के साथ ही 50 से अधिक लोगों को जख्मी किया था।
इन कुत्तों के हमले रोकने में शासन-प्रशासन लाख जतन के बाद भी नाकाम रहा था। इस बीच मई के आखिरी दिनों में आदमखोर कुत्तों के हमले अचानक बंद हो गए। जून-जुलाई में कहीं से कुत्तों के हमलों की कोई खबर नही मिली तो यह मान लिया गया कि शायद हमलावर कुत्ते या मर गए अथवा पकड़ लिए गए हैं।
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आदमखोर कुत्तों के हमले रुकने से खैराबाद इलाके के करीब 35 गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उधर, शासन-प्रशासन को भी सुकून मिल गया। लेकिन दो महीने बाद एक बार फिर आदमखोर कुत्तों ने इलाके में अपनी आमद दर्ज कराते हुए हमले किए।
गत सोमवार की देर शाम रहिमाबाद गांव में नौशाद की बछिया पर तीन कुत्तों ने हमला बोल दिया। नौशाद ने बचाने का प्रयास किया तो कुत्ते उस पर भी हमलावर हो गए। उसने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। नौशाद ने मोबाइल से 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना देते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया।
शोर सुन जब तक ग्रामीण पहुंचते कुत्तों ने बछिया को अपना निवाला बना डाला। नौशाद के मुताबिक, सूचना के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद कुत्तों ने वहां से कुछ दूरी पर राजू की पड़िया को निशाना बनाया। हालांकि ग्रामीणों के खदेड़ने पर कुत्ते भाग गए। लेकिन पड़िया बुरी तरह जख्मी हो गई है। इन हमलों से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत व्याप्त हो गई है।
ग्रामीणों को सताने लगी बच्चों की चिंता
स्कूल खुलने पर आदमखोर कुत्तों की आमद से ग्रामीणों को अपने बच्चों की फिक्र होने लगी है। रहिमाबाद के नियाज व अब्दुल हसन ने बताया कि उनके बच्चे खैराबाद पढ़ने जाते हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर मन घबराने लगा है। मशरूर अली व गुड्डू के मुताबिक इन हमलों ने हमारी नींद हराम कर दी है।
100 नंबर पर सूचना के बाद भी टीम का गांव न पहुंचना गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण इस तरह की घटना पर मेरे सीयूजी नंबर पर सीधे सूचना दे सकते हैं।
-सचिन कुमार सिंह, थानाध्यक्ष
मामला गंभीर है। एसओ खैराबाद से तत्काल इन हमलों के संबंध में जानकारी लेकर यह पता लगाया जाएगा कि आखिर यह आदमखोर कुत्ते ही हैं।
-प्रभाकांत अवस्थी, एसडीएम
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खैराबाद (सीतापुर)। इलाके में तकरीबन दो महीने तक चैन-सुकून रहने के बाद एक बार फिर आदमखोर कुत्तों की आमद से दहशत फैल गई है। इन कुत्तों ने एक बछिया को अपना निवाला बना डाला। जबकि एक पड़िया पर हमले के दौरान ग्रामीणों के पहुंचने पर उसे मार नहीं सके।
हमले में पड़िया बुरी तरह जख्मी जरूर हो गई। ग्रामीणों ने इन हमलों की जानकारी 100 नंबर डॉयल कर पुलिस को दी। लेकिन पुलिस ने गांव पहुंचना मुनासिब नहीं समझा। खैराबाद इलाके में नवंबर 2017 से मई 2018 तक आतंक का पर्याय बने रहे आदमखोर कुत्तों ने 14 मासूम बच्चों की जान लेने के साथ ही 50 से अधिक लोगों को जख्मी किया था।
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इन कुत्तों के हमले रोकने में शासन-प्रशासन लाख जतन के बाद भी नाकाम रहा था। इस बीच मई के आखिरी दिनों में आदमखोर कुत्तों के हमले अचानक बंद हो गए। जून-जुलाई में कहीं से कुत्तों के हमलों की कोई खबर नही मिली तो यह मान लिया गया कि शायद हमलावर कुत्ते या मर गए अथवा पकड़ लिए गए हैं।
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आदमखोर कुत्तों के हमले रुकने से खैराबाद इलाके के करीब 35 गांवों के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। उधर, शासन-प्रशासन को भी सुकून मिल गया। लेकिन दो महीने बाद एक बार फिर आदमखोर कुत्तों ने इलाके में अपनी आमद दर्ज कराते हुए हमले किए।
गत सोमवार की देर शाम रहिमाबाद गांव में नौशाद की बछिया पर तीन कुत्तों ने हमला बोल दिया। नौशाद ने बचाने का प्रयास किया तो कुत्ते उस पर भी हमलावर हो गए। उसने पेड़ पर चढ़कर अपनी जान बचाई। नौशाद ने मोबाइल से 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना देते हुए शोर मचाना शुरू कर दिया।
शोर सुन जब तक ग्रामीण पहुंचते कुत्तों ने बछिया को अपना निवाला बना डाला। नौशाद के मुताबिक, सूचना के बाद भी पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद कुत्तों ने वहां से कुछ दूरी पर राजू की पड़िया को निशाना बनाया। हालांकि ग्रामीणों के खदेड़ने पर कुत्ते भाग गए। लेकिन पड़िया बुरी तरह जख्मी हो गई है। इन हमलों से ग्रामीणों में एक बार फिर दहशत व्याप्त हो गई है।
ग्रामीणों को सताने लगी बच्चों की चिंता
स्कूल खुलने पर आदमखोर कुत्तों की आमद से ग्रामीणों को अपने बच्चों की फिक्र होने लगी है। रहिमाबाद के नियाज व अब्दुल हसन ने बताया कि उनके बच्चे खैराबाद पढ़ने जाते हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर मन घबराने लगा है। मशरूर अली व गुड्डू के मुताबिक इन हमलों ने हमारी नींद हराम कर दी है।
100 नंबर पर सूचना के बाद भी टीम का गांव न पहुंचना गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण इस तरह की घटना पर मेरे सीयूजी नंबर पर सीधे सूचना दे सकते हैं।
-सचिन कुमार सिंह, थानाध्यक्ष
मामला गंभीर है। एसओ खैराबाद से तत्काल इन हमलों के संबंध में जानकारी लेकर यह पता लगाया जाएगा कि आखिर यह आदमखोर कुत्ते ही हैं।
-प्रभाकांत अवस्थी, एसडीएम