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कारागार में निरुद्ध बंदी की अस्पताल में मौत
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सीतापुर। दुष्कर्म के मामले में जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी की संदिग्ध हालात में बीमारी के कारण सदर अस्पताल में मौत हो गई। मृतक के मायके वाले उसकी अभिरक्षा में लगे पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। पुलिस को भी घटना से अवगत करा दिया गया है।
महोली इलाके के मूड़ासानी गांव निवासी पचास वर्षीय रामपाल पुत्र रुबई दुष्कर्म के आरोप में फरवरी 18 से जिला कारागार में बंद था। जेल में अचानक तबियत खराब होने पर बंदी को गुरुवार को जिला अस्पताल लाया गया।
यहां कई दिन इलाज चलने के बाद रविवार को मौत हो गई। घटना को लेकर मृतक के बेटे राकेश व बहू ने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के दूसरे दिन उनको सूचना दी गई। जब वह लोग अस्पताल पहुंचे तो रामपाल के हाथ पैर चारपाई से बंधे थे और वह बेहाल थे।
जेलर आरएस यादव का कहना है कि बंदी रामपाल कई दिन पूर्व बीमार हो गया था। मामले में आवश्यक कार्रवाईयां की जा रही है।
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महोली इलाके के मूड़ासानी गांव निवासी पचास वर्षीय रामपाल पुत्र रुबई दुष्कर्म के आरोप में फरवरी 18 से जिला कारागार में बंद था। जेल में अचानक तबियत खराब होने पर बंदी को गुरुवार को जिला अस्पताल लाया गया।
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यहां कई दिन इलाज चलने के बाद रविवार को मौत हो गई। घटना को लेकर मृतक के बेटे राकेश व बहू ने पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
इनका कहना है कि अस्पताल में भर्ती होने के दूसरे दिन उनको सूचना दी गई। जब वह लोग अस्पताल पहुंचे तो रामपाल के हाथ पैर चारपाई से बंधे थे और वह बेहाल थे।
जेलर आरएस यादव का कहना है कि बंदी रामपाल कई दिन पूर्व बीमार हो गया था। मामले में आवश्यक कार्रवाईयां की जा रही है।