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ई-पॉश मशीनों से राशन वितरण की मुखालफत शुरू
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सात ब्लॉक की 44 ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकानों पर प्रदर्शन
सीतापुर। ई-पॉश मशीनों से अनाज वितरण व्यवस्था का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले ग्रामीणों ने जिले के सात ब्लॉकों की 44 ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकानों पर प्रदर्शन किया और वहीं पर बैठकर एक दिनी धरना भी दिया। इसके जरिए ई-पॉश मशीनों से अनाज वितरण की व्यवस्था को वापस लिए जाने की मांग की है।
मालूम हो कि जनवरी माह से गांवों में सरकारी अनाज वितरण की व्यवस्था ई-पॉश मशीनों से की गई है। इन मशीनों में आने वाली की समस्याओं से ग्रामीण हलकान हैं। इस मसले को लेकर बुधवार को संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले जिले के मिश्रिख, पिसावां, महोली, हरगांव, मछरेहटा, एलिया, खैराबाद ब्लॉक के 44 ग्राम पंचायतों के 120 गांवों के ग्रामीण अपने-अपने कोटेदार के यहां एकत्र हुए।
बाद में वहीं पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सभी माह जनवरी से राशन वितरण पॉस मशीनों से किए जाने का विरोध कर रहे थे। मिश्रिख ब्लॉक के ऑट ग्राम पंचायत के सात मजरों के ग्रामीणों ने कोटेदार के यहां प्रदर्शन किया। कहा कि हमें यह व्यवस्था किसी भी हाल में मंजूर नहीं है। बिना पॉस मशीन के तो आए दिन राशनकार्ड कटते रहते हैं।
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इसके लिए नेटवर्क कहां से मिलेगा, आजकल तो फोन का नेटवर्क भी नहीं मिलता है। पिसावां के कपसा गांव में धरने की अगुवाई करते हुए प्रदर्शनकारी बिटोली ने कहा कि यह नियम लागू करने वाले नेता अधिकारी आए। कुछ दिन फावड़ा चलाएं, बर्तन साफ करें, फिर उन्हें समझ आ जाएगा कि हाथों के निशान कैसे बनते बिगड़ते हैं और इसकी वजह से राशन लेना कितना कठिन होगा।
पिसावां बबुर्दीपुर में पुष्पा ने कहा कि सरकार इसको लागू क्यों कर रही है। मोबाइल से 5 मिनट की बात करने पर तो पांच बार कटता है। पॉस मशीन कहां से चलेगी। इस कठिन स्थितियों का खामियाजा राशन पाने वाले गरीबों को ही भुगताना पड़ेेगा।
इसलिए हमें पॉश मशीन से राशन लेना कत्तई मंजूर नहीं है। संगठन किसान मजदूर संगठन की संयोजिका ऋचा सिंह ने कहा कि बुधवार को ई-पॉश मशीनों से अनाज वितरण व्यवस्था के खिलाफ बिगुल बजा दिया गया है। अब यह आंदोलन सीतापुर के गांव-गांव में फैलेगा।
जब तक पॉस मशीन वापस नहीं होता है, आन्दोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में रामबेटी, बिटोली, कुसुमा, प्रकाश, सीमा, पिंटू, अर्जुन, राजाराम, वंदना, दीन दयाल, रामदेवी, रामश्री, रेखा, ईशा, गंगाराम, जगन्नाथ, मनोहर, मोहन, कमला, उर्मिला, रामप्रकाश, तेजपाल, पप्पू, रामू, अवधेश व रामनरायन आदि उपस्थित थे।
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सीतापुर। ई-पॉश मशीनों से अनाज वितरण व्यवस्था का विरोध शुरू हो गया है। बुधवार को संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले ग्रामीणों ने जिले के सात ब्लॉकों की 44 ग्राम पंचायतों में कोटे की दुकानों पर प्रदर्शन किया और वहीं पर बैठकर एक दिनी धरना भी दिया। इसके जरिए ई-पॉश मशीनों से अनाज वितरण की व्यवस्था को वापस लिए जाने की मांग की है।
मालूम हो कि जनवरी माह से गांवों में सरकारी अनाज वितरण की व्यवस्था ई-पॉश मशीनों से की गई है। इन मशीनों में आने वाली की समस्याओं से ग्रामीण हलकान हैं। इस मसले को लेकर बुधवार को संगतिन किसान मजदूर संगठन के बैनर तले जिले के मिश्रिख, पिसावां, महोली, हरगांव, मछरेहटा, एलिया, खैराबाद ब्लॉक के 44 ग्राम पंचायतों के 120 गांवों के ग्रामीण अपने-अपने कोटेदार के यहां एकत्र हुए।
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बाद में वहीं पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। सभी माह जनवरी से राशन वितरण पॉस मशीनों से किए जाने का विरोध कर रहे थे। मिश्रिख ब्लॉक के ऑट ग्राम पंचायत के सात मजरों के ग्रामीणों ने कोटेदार के यहां प्रदर्शन किया। कहा कि हमें यह व्यवस्था किसी भी हाल में मंजूर नहीं है। बिना पॉस मशीन के तो आए दिन राशनकार्ड कटते रहते हैं।
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इसके लिए नेटवर्क कहां से मिलेगा, आजकल तो फोन का नेटवर्क भी नहीं मिलता है। पिसावां के कपसा गांव में धरने की अगुवाई करते हुए प्रदर्शनकारी बिटोली ने कहा कि यह नियम लागू करने वाले नेता अधिकारी आए। कुछ दिन फावड़ा चलाएं, बर्तन साफ करें, फिर उन्हें समझ आ जाएगा कि हाथों के निशान कैसे बनते बिगड़ते हैं और इसकी वजह से राशन लेना कितना कठिन होगा।
पिसावां बबुर्दीपुर में पुष्पा ने कहा कि सरकार इसको लागू क्यों कर रही है। मोबाइल से 5 मिनट की बात करने पर तो पांच बार कटता है। पॉस मशीन कहां से चलेगी। इस कठिन स्थितियों का खामियाजा राशन पाने वाले गरीबों को ही भुगताना पड़ेेगा।
इसलिए हमें पॉश मशीन से राशन लेना कत्तई मंजूर नहीं है। संगठन किसान मजदूर संगठन की संयोजिका ऋचा सिंह ने कहा कि बुधवार को ई-पॉश मशीनों से अनाज वितरण व्यवस्था के खिलाफ बिगुल बजा दिया गया है। अब यह आंदोलन सीतापुर के गांव-गांव में फैलेगा।
जब तक पॉस मशीन वापस नहीं होता है, आन्दोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में रामबेटी, बिटोली, कुसुमा, प्रकाश, सीमा, पिंटू, अर्जुन, राजाराम, वंदना, दीन दयाल, रामदेवी, रामश्री, रेखा, ईशा, गंगाराम, जगन्नाथ, मनोहर, मोहन, कमला, उर्मिला, रामप्रकाश, तेजपाल, पप्पू, रामू, अवधेश व रामनरायन आदि उपस्थित थे।