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Sitapur News: 1200 परिवार आवास के लाभ से वंचित

Sun, 11 Jan 2026 09:22 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर Updated Sun, 11 Jan 2026 09:22 PM IST
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1200 families deprived of housing benefits
खैराबाद (सीतापुर)। नगर के करीब 1200 परिवारों के पास ढंग का आवास नहीं है। कोई दीवार पर टिनशेड डालकर तो कोई तिरपाल व पॉलिथीन तानकर गुजर-बसर रहा है। दो साल से यहां किसी को आवास नहीं दिया गया है। सभासद व डूडा कर्मी इसके पीछे नगर में ज्यादातर नजूल भूमि होने को वजह मान रहे हैं। सभासदों ने नगर विकास राज्यमंत्री से मिलकर आवास आंवटन योजना बहाल कराए जाने की मांग उठाई है।
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दरअसल, 1857 में अंग्रेजों के विरुद्ध दिल्ली की जामा मस्जिद से फतवा जारी करने वाले नगर के मियांसरांय निवासी शहीद अल्लामा फजल-ए-हक को काला पानी की सजा सुनाई गई थी। इसके साथ खैराबाद को ब्रिटिश सरकार ने नजूल घोषित कर दिया था। इसका दंश आज भी खैराबाद वासियों को झेलना पड़ रहा है। नजूल भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई एक तरफ जारी है वहीं दूसरी ओर नगर में दो साल से पीएम आवास का आंवटन नहीं किया जा रहा है।
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आजादी से पहले खैराबाद कमिश्नरी रही है। वर्तमान में नगर में कुल 25 वार्ड हैं, इनमें लगभग 75 हजार आबादी रहती है। सभासदों का दावा है कि नजूल भूमि के कारण नगर पालिका व राजस्व विभाग ने 2023 से यहां पीएम आवास योजना पर रोक लगा रखी है। सभासद पिछले दिनों नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु से मिले थे, सभासदों ने बताया कि राज्यमंत्री ने डीएम को पत्र लिखकर आवासों के आंवटन की प्रक्रिया बहाल कराने का आश्वासन दिया है।
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नजूल पर बसा होने से लगी रोक
डूडा की ओर से आवास के पात्रों का सर्वेक्षण करने वाले अंकित ने बताया कि खैराबाद में नगर पालिका व राजस्व विभाग ने पीएम आवास पर इसलिए रोक लगा रखी है क्योंकि खैराबाद नगर ज्यादातर नजूल पर बसा है।




पालिका के 45 नंबर रजिस्टर में दर्ज जरूरतमंदो को मिले आवास

नगर के सभासद कविता जोशी, फरजन्द अली, विष्णु कुमार, मोहम्मद जावेद, शायरून निशा, मुर्सलीन आदि का कहना है कि जिन लोगों के पूर्वजों का नाम नगर पालिका के रजिस्टर 45 में दर्ज है उनमें से पात्रों को आवास मिलना चाहिए। सभासदों के मुताबिक नगर के करीब 1200 परिवार पात्र होने के बाद भी आवास से वंचित हैं।


जिनका मानक पूरा उन्हे मिल रहे आवास

नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रेमशंकर गुप्ता का कहना है कि जिनके मानक पूरे हैं उनको आवास मिल रहे हैं। आवासों पर रोक लगने वाली बात गलत है।
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