{"_id":"62e42e4409d57940e957d8d2","slug":"10-beds-reserved-for-monkeypox-sitapur-news-lko6417868142","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंकीपॉक्स के लिए 10 बेड आरक्षित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंकीपॉक्स के लिए 10 बेड आरक्षित
विज्ञापन
सीतापुर। जिले में भले ही मंकीपॉक्स का कोई मामला न मिला हो लेकिन स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। इस रोग को जांचने के लिए त्वचा रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन को अलर्ट किया गया है। ये दोनों चिकित्सक अस्पताल आने वाले मरीजों का गहनता से परीक्षण करेंगे। संदेह होने पर सैंपल लेकर लखनऊ भेजेंगे।
मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य महकमा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की निगरानी रखने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाके में यह सुनिश्चित कर लें कि अगर उनके यहां कोई बाहर से आ रहा है तो उसकी निगरानी करें। साथ ही मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर तत्काल उसकी जांच करवाना सुनिश्चित करें।
इसके अलावा त्वचा रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। ये दोनों चिकित्सक अस्पताल आने वाले मरीज को गंभीरता से देखेंगे। अगर उनके अंदर कोई लक्षण दिखाई देगा तो सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजेंगे। इसके लिए जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। अस्पताल में इनके लिए दवाइयां भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला का कहना है मंकीपॉक्स में तेज बुखार आता है। मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है। त्वचा पर दाने पड़ जाते हैं। यह रोग चेचक जैसा दिखाई देता है। इसलिए इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। कोई लक्षण दिखने पर अपने चिकित्सक को दिखाएं। जांच करवाकर पूरा इलाज किया जाएगा। जिले में इसके लिए दवाइयां मौजूद हैं। हालांकि अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
विज्ञापन
मंकीपॉक्स को लेकर स्वास्थ्य महकमा ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रभावित देशों से आने वाले लोगों की निगरानी रखने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सीएमओ ने सभी सीएचसी अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने इलाके में यह सुनिश्चित कर लें कि अगर उनके यहां कोई बाहर से आ रहा है तो उसकी निगरानी करें। साथ ही मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने पर तत्काल उसकी जांच करवाना सुनिश्चित करें।
विज्ञापन
इसके अलावा त्वचा रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन की जिम्मेदारी बढ़ा दी गई है। ये दोनों चिकित्सक अस्पताल आने वाले मरीज को गंभीरता से देखेंगे। अगर उनके अंदर कोई लक्षण दिखाई देगा तो सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजेंगे। इसके लिए जिला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। अस्पताल में इनके लिए दवाइयां भी मौजूद हैं।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. मधु गैरोला का कहना है मंकीपॉक्स में तेज बुखार आता है। मांसपेशियों में खिंचाव होने लगता है। त्वचा पर दाने पड़ जाते हैं। यह रोग चेचक जैसा दिखाई देता है। इसलिए इससे घबराने की कोई जरूरत नहीं है। कोई लक्षण दिखने पर अपने चिकित्सक को दिखाएं। जांच करवाकर पूरा इलाज किया जाएगा। जिले में इसके लिए दवाइयां मौजूद हैं। हालांकि अभी ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।