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प्रसव के बाद महिला की मौत, डॉक्टर पर केस
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 26 Oct 2016 10:50 PM IST
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पप्पू और अभिषेक की मौत पर विलाप करते परिजन
- फोटो : ओ पी वाधवानी
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सिद्धार्थनगर। नगर से सटे भीमापार में स्थित नर्सिंग होम में डिलेवरी के बाद प्रसूता की मौत पर परिवार के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। पुलिस को घटना की लिखित तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने महिला चिकित्सक व अस्पताल संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर छानबीन शुरू कर दी है।
उसका बाजार के अंबेडकरनगर वार्ड निवासी उदयराज की पत्नी सरिता (26) को मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा के बाद परिवार के लोगों ने भीमापार स्थित अलशिफा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आरोप है कि प्रसव के बाद तेज रक्तस्राव शुरू हो गया। इसे रोकने के लिए महिला चिकित्सक ने तीन ऑपरेशन किए। दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया। पूरे दिन अपनी देखरेख में रखा और फिर रात करीब 2 बजे गोरखपुर रेफर कर दिया।
परिवार के लोग पीपीगंज के पास पहुंचे थे, तभी प्रसूता ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजन सीधे सदर थाने पहुंचे और चिकित्सक व अस्पताल संचालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। मृतका के जेठ इंद्रप्रसाद का कहना था कि चिकित्सक व अस्पताल संचालन ने मिलीभगत कर जानबूझकर मरीज को रोके रखा। अगर समय रहते स्थिति स्पष्ट कर दी गई होती तो वह मरीज को अन्यत्र ले जाते, जिससे जान बच जाती। इंद्र प्रसाद ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
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इस संबंध में सदर थाना प्रभारी आलोक श्रीवास्तव का कहना था कि तहरीर के आधार पर चिकित्सक डॉ. ममता गुप्ता व नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन की जा रही है।
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उसका बाजार के अंबेडकरनगर वार्ड निवासी उदयराज की पत्नी सरिता (26) को मंगलवार की सुबह प्रसव पीड़ा के बाद परिवार के लोगों ने भीमापार स्थित अलशिफा नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। आरोप है कि प्रसव के बाद तेज रक्तस्राव शुरू हो गया। इसे रोकने के लिए महिला चिकित्सक ने तीन ऑपरेशन किए। दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया। पूरे दिन अपनी देखरेख में रखा और फिर रात करीब 2 बजे गोरखपुर रेफर कर दिया।
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परिवार के लोग पीपीगंज के पास पहुंचे थे, तभी प्रसूता ने दम तोड़ दिया। गुस्साए परिजन सीधे सदर थाने पहुंचे और चिकित्सक व अस्पताल संचालक पर कार्रवाई की मांग करने लगे। मृतका के जेठ इंद्रप्रसाद का कहना था कि चिकित्सक व अस्पताल संचालन ने मिलीभगत कर जानबूझकर मरीज को रोके रखा। अगर समय रहते स्थिति स्पष्ट कर दी गई होती तो वह मरीज को अन्यत्र ले जाते, जिससे जान बच जाती। इंद्र प्रसाद ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की।
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इस संबंध में सदर थाना प्रभारी आलोक श्रीवास्तव का कहना था कि तहरीर के आधार पर चिकित्सक डॉ. ममता गुप्ता व नर्सिंग होम संचालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। छानबीन की जा रही है।