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Siddharthnagar News: मौसम का वार, डिप्रेशन से कम हो रही एनर्जी
Mon, 11 Dec 2023 12:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 11 Dec 2023 12:29 AM IST
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एकाएक बढ़ गए डिप्रेशन के मरीज, कई प्रकार की दिक्कत
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज मनोरोग विभाग में पहुंच गई 30-35 तक ओपीडी
चिकित्सक बता रहे मौसम का है असर, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर अचानक एनर्जी में कमी महसूस हो रहा हो या फिर किसी की आवाज से चिढ़ लग रहा है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि यह डिप्रेशन का लक्षण है। अचानक से दिखने वाले बदलाव को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है इसलिए मनोचिकित्सक से मिलें और उसका इलाज कराएं। ऐसा नहीं करते हैं तो डिप्रेशन में चले जाएंगे। कारण माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कई प्रकार डिप्रेशन वाले मरीज बढ़े हैं। चिकित्सक इसे मौसम के बदलाव का असर बता रहे हैं।
मौसम में बदलाव होने के साथ सर्दी, बुखार और सांस की दिक्कत होती है। ऐसा अगर सोच रहे हैं तो गलत है। ठंड में मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है। व्यक्ति देखते ही देखते अवसाद का शिकार हो जाता है। जैसा की मौजूदा समय में देखने को मिल रहा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में दिसंबर माह में एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जहां 15-20 की ओपीडी होती थी। यहां मरीजों की संख्या 30-35 पहुंच गई है। इनमें ऐसे रोगी हैं जो एकाएक गुमसुम रहने लगे हैं। वहीं कुछ ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें एनर्जी की कमी की शिकायत है। वहीं कुछ ऐसे मरीज हैं, जो किसी की बात सुनना और बोलना पसंद नहीं कर रहे हैं। चिकित्सक इन सभी लक्षण वालों को डिप्रेशन का शिकार बता रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ ही योग करने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही परिवार को सलाह दे रहे हैं कि मरीज का ध्यान दें। क्योंकि डिप्रेशन में जाने वाला मरीज कभी भी घातक कदम उठा सकता है। इसलिए परिवार में अगर ऐसा लक्षण दिखे तो तत्काल मनोचिकित्सक को दिखाएं।
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यह है लक्षण
एनर्जी कम होना, हमेशा सुस्ती महसूस होना, सोने में परेशानी होना, भूख कम या अधिक लगना, वजन में बदलाव, पूरे दिन उदासी और निराश होना, पसंद वाली चीजें अच्छी न लगना, लोगों से अलग रहना, बेचैनी महसूस करना, चिंता, गुस्सा और व्यवहार में बदलाव होना लक्षण है। इस प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं।
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बचाव और इलाज
सीजनल एफेक्टिव डिसआर्डर के लेवल के अनुसार इलाज होता है। टिपिकल ट्रीटमेंट एंटी डिप्रेसेंट दवाओं लाइट थेरेपी, विटामिन डी और काउंसिलिंग किया जाता है। शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें और स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाएं और सही चीजें खाएं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहे हैं, सूर्य की रोशनी में कुछ समय बिताएं, वजन पर ध्यान दें। शराब सिगरेट का सेवन कर रहे हैं तो उससे दूरी बनाएं। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। ऐसा करने से डिप्रेशन कम होता है और धीरे-धीरे व्यक्ति उससे बाहर निकल जाता है।
डॉ. मोहम्मद अफजल खान, सहायक आचार्य, मनोरोग विभाग, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज मनोरोग विभाग में पहुंच गई 30-35 तक ओपीडी
चिकित्सक बता रहे मौसम का है असर, लक्षण दिखते ही कराएं इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। अगर अचानक एनर्जी में कमी महसूस हो रहा हो या फिर किसी की आवाज से चिढ़ लग रहा है तो सावधान हो जाएं। क्योंकि यह डिप्रेशन का लक्षण है। अचानक से दिखने वाले बदलाव को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है इसलिए मनोचिकित्सक से मिलें और उसका इलाज कराएं। ऐसा नहीं करते हैं तो डिप्रेशन में चले जाएंगे। कारण माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में कई प्रकार डिप्रेशन वाले मरीज बढ़े हैं। चिकित्सक इसे मौसम के बदलाव का असर बता रहे हैं।
मौसम में बदलाव होने के साथ सर्दी, बुखार और सांस की दिक्कत होती है। ऐसा अगर सोच रहे हैं तो गलत है। ठंड में मानसिक स्थिति पर असर पड़ता है। व्यक्ति देखते ही देखते अवसाद का शिकार हो जाता है। जैसा की मौजूदा समय में देखने को मिल रहा है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में दिसंबर माह में एकाएक मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जहां 15-20 की ओपीडी होती थी। यहां मरीजों की संख्या 30-35 पहुंच गई है। इनमें ऐसे रोगी हैं जो एकाएक गुमसुम रहने लगे हैं। वहीं कुछ ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें एनर्जी की कमी की शिकायत है। वहीं कुछ ऐसे मरीज हैं, जो किसी की बात सुनना और बोलना पसंद नहीं कर रहे हैं। चिकित्सक इन सभी लक्षण वालों को डिप्रेशन का शिकार बता रहे हैं। चिकित्सक दवा देने के साथ ही योग करने की सलाह दे रहे हैं। इसके साथ ही परिवार को सलाह दे रहे हैं कि मरीज का ध्यान दें। क्योंकि डिप्रेशन में जाने वाला मरीज कभी भी घातक कदम उठा सकता है। इसलिए परिवार में अगर ऐसा लक्षण दिखे तो तत्काल मनोचिकित्सक को दिखाएं।
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यह है लक्षण
एनर्जी कम होना, हमेशा सुस्ती महसूस होना, सोने में परेशानी होना, भूख कम या अधिक लगना, वजन में बदलाव, पूरे दिन उदासी और निराश होना, पसंद वाली चीजें अच्छी न लगना, लोगों से अलग रहना, बेचैनी महसूस करना, चिंता, गुस्सा और व्यवहार में बदलाव होना लक्षण है। इस प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं।
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बचाव और इलाज
सीजनल एफेक्टिव डिसआर्डर के लेवल के अनुसार इलाज होता है। टिपिकल ट्रीटमेंट एंटी डिप्रेसेंट दवाओं लाइट थेरेपी, विटामिन डी और काउंसिलिंग किया जाता है। शुरुआती लक्षणों पर ध्यान दें और स्वस्थ्य जीवन शैली अपनाएं और सही चीजें खाएं। शारीरिक रूप से सक्रिय रहे हैं, सूर्य की रोशनी में कुछ समय बिताएं, वजन पर ध्यान दें। शराब सिगरेट का सेवन कर रहे हैं तो उससे दूरी बनाएं। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। ऐसा करने से डिप्रेशन कम होता है और धीरे-धीरे व्यक्ति उससे बाहर निकल जाता है।
डॉ. मोहम्मद अफजल खान, सहायक आचार्य, मनोरोग विभाग, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज