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अकीदतमंदों ने कफन पहनकर किया जंजीरी मातम
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 20 Nov 2017 11:01 PM IST
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शब्बेदारी में उमड़ी अकीदतमंदों की भारी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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डुमरियागंज। कस्बा हल्लौर स्थित चांदनी चौक इतरतगंज मोहल्ले में रविवार की रात अंजुमन फिदाए अली अकबर के बैनर तले तरही शब्बेदारी का आयोजन किया गया। इस मौके पर मर्सिया मजलिस हुई। अंजुमन ने मातम कर हजरत इमाम हुसैन के बेटे अली अकबर को खिराजे अकीदत पेश किया। कार्यक्रम का संचालन जीशान हैदर व मौलाना महबूब ने किया।
तरही शब्बेदारी का आगाज महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत से किया। मेजबान अंजुमन फिदाए अली अकबर के मातमी दस्ते ने मातम किया। नौहा खां ताबिस सुल्तानपुरी व कफील सुल्तानपुरी ने कई मातमी गीत पढ़े। इसके बाद अंजुमन हैदरिया मनिहारपुर, सुल्तानपुर, अंजुमन मासूमियां फैजाबाद, अंजुमन फरोग मातम व अंजुमन गुलदस्ता मातम हल्लौर ने मातम किया। इस मौके पर अंजुमन हुसैनिया जैदपुर बाराबंकी ने कफन पहनकर जंजीरी मातम किया, इसे देखने के लिए भारी तादात में अकीदतमंद सुबह से ही मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में हजरत अली अकबर के ताबूत की शबीह का जुलूस निकाला गया, जो चांदनी चैक इतरतगंज मोहल्ले से निकलकर दरगाह हजरत अब्बास में पहुंचकर मातम के बीच समाप्त हो गया। इस दौरान फसाहत हुसैन, तौफीक रजा, अनवर मेंहदी, डॉ. नायाब रिजवी, दरियाफ हुसैन, गुलाम असगर, कसीम रिजवी, आबाद हुसैन, अरमान, काजिम मेंहदी आदि अकीदतमंद मौजूद रहे।
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तरही शब्बेदारी का आगाज महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत से किया। मेजबान अंजुमन फिदाए अली अकबर के मातमी दस्ते ने मातम किया। नौहा खां ताबिस सुल्तानपुरी व कफील सुल्तानपुरी ने कई मातमी गीत पढ़े। इसके बाद अंजुमन हैदरिया मनिहारपुर, सुल्तानपुर, अंजुमन मासूमियां फैजाबाद, अंजुमन फरोग मातम व अंजुमन गुलदस्ता मातम हल्लौर ने मातम किया। इस मौके पर अंजुमन हुसैनिया जैदपुर बाराबंकी ने कफन पहनकर जंजीरी मातम किया, इसे देखने के लिए भारी तादात में अकीदतमंद सुबह से ही मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के अंत में हजरत अली अकबर के ताबूत की शबीह का जुलूस निकाला गया, जो चांदनी चैक इतरतगंज मोहल्ले से निकलकर दरगाह हजरत अब्बास में पहुंचकर मातम के बीच समाप्त हो गया। इस दौरान फसाहत हुसैन, तौफीक रजा, अनवर मेंहदी, डॉ. नायाब रिजवी, दरियाफ हुसैन, गुलाम असगर, कसीम रिजवी, आबाद हुसैन, अरमान, काजिम मेंहदी आदि अकीदतमंद मौजूद रहे।
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