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मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई जलापूर्ति
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जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पानी की व्यवस्था में सुधार होने के बाद बोतल में पानी भरता स्वा
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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मेडिकल कॉलेज में शुरू हुई जलापूर्ति
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में सोमवार से जलापूर्ति व्यवस्था बहाल हो गई। इससे मरीजों, तीमारदारों के साथ ही परिसर में रह रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इमरजेंसी, जनरल, सर्जिकल, बर्न, पीआईसीयू, एसनसीयू और प्रसूता वार्ड में नियमित 250 से अधिक हैं। यहां मरीज भर्ती रहते हैं और उनके साथ उनके परिवार के लोग भी रहते हैं। साथ ही आवास में स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा 100 से अधिक उनके परिजन रहते हैं। यहां पिछले एक माह से पानी की किल्लत थी। कभी पंप तो कभी मोटर में खराबी आ जाने से मुश्किलें बढ़ गई थीं।
जिला अस्पताल में पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। अस्पताल के वार्ड से लेकर आवास तक पानी की किल्लत से लोग जूझ रहे थे। मरीज हो या फिर आवास में रहने वाले कर्मी, उन्हें जार और बोतल का पानी खरीदना पड़ रहा था। अमर उजाला अखबार ने सात नवंबर के अंक में ‘पैथोलॉजी व ओटी में बाल्टी से ले जाना पड़ रहा पानी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तकनीकी खामियों को दूर कर जलापूर्ति व्यवस्था बहाल करा दी। मेडिकल कॉलेज के सभी वार्डों और आवास में जलापूर्ति शुरू हो गई। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि खराबी दुरुस्त हो गई है और जलापूर्ति बहाल करा दी गई है।
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में सोमवार से जलापूर्ति व्यवस्था बहाल हो गई। इससे मरीजों, तीमारदारों के साथ ही परिसर में रह रहे स्वास्थ्य कर्मियों ने राहत की सांस ली।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में इमरजेंसी, जनरल, सर्जिकल, बर्न, पीआईसीयू, एसनसीयू और प्रसूता वार्ड में नियमित 250 से अधिक हैं। यहां मरीज भर्ती रहते हैं और उनके साथ उनके परिवार के लोग भी रहते हैं। साथ ही आवास में स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा 100 से अधिक उनके परिजन रहते हैं। यहां पिछले एक माह से पानी की किल्लत थी। कभी पंप तो कभी मोटर में खराबी आ जाने से मुश्किलें बढ़ गई थीं।
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जिला अस्पताल में पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो गई थी। अस्पताल के वार्ड से लेकर आवास तक पानी की किल्लत से लोग जूझ रहे थे। मरीज हो या फिर आवास में रहने वाले कर्मी, उन्हें जार और बोतल का पानी खरीदना पड़ रहा था। अमर उजाला अखबार ने सात नवंबर के अंक में ‘पैथोलॉजी व ओटी में बाल्टी से ले जाना पड़ रहा पानी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने तकनीकी खामियों को दूर कर जलापूर्ति व्यवस्था बहाल करा दी। मेडिकल कॉलेज के सभी वार्डों और आवास में जलापूर्ति शुरू हो गई। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. एके झा ने बताया कि खराबी दुरुस्त हो गई है और जलापूर्ति बहाल करा दी गई है।
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