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तीन लाख उपभोक्ता झेल रहे बिजली कटौती की मार
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तीन लाख उपभोक्ता झेल रहे बिजली कटौती का दंश
सिद्धार्थनगर। जिले में शहर से लेकर गांव तक बिजली कटौती से हाहाकार मचा है। करीब तीन लाख से अधिक उपभोक्ता कटौती के चलते जागकर रात काटने को मजबूर हो रहे हैं।
दरअसल, जिले के शहरों में 20 घंटे आपूर्ति देने का शेड्यूल बनाया गया है। लेकिन बिजली विभाग महज 15 से 20 घंटे ही बिजली सप्लाई दे रहा है। इसमें भी लोकल फाल्ट लोगों को परेशान करता है। आलम यह रहता है कि कभी-कभी पूरी रात बिजली गुल रहती है। शहरवासी मनोज कुमार, हरिकेश यादव, फखरूद्दीन आदि का कहना है कि जब भी विभागीय अधिकारियों से कटौती के संबंध में बात की जाती है तो उनका एक ही जवाब होता है कि लोकल फाल्ट की वजह से सप्लाई बाधित है। इसी तरह, गांवों की हालत तो और भी बदतर है। यहां 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है लेकिन बिजली आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव नेे बताया कि शेड्यूल के हिसाब से बिजली सप्लाई की जाती है। फाल्ट की वजह से कटौती हो रही है। शहर में जर्जर तार बदले जा रहे है। जल्द ही फाल्ट की समस्या दूर हो जाएगी।
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ओवरलोडिंग के कारण होता लोकल फाल्ट
शहर में जर्जर तार के सहारे सप्लाई दी जा रही है। इसके चलते ओवरलोडिंग होते ही फाल्ट हो जाता है। इसकी मरम्मत करने के लिए कई घंटों तक बिजली सप्लाई बंद कर जाती है।
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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बदले गए जर्जर तार
एक वर्ष पूर्व शहर समेत जिले के छह कस्बों में जर्जर बिजली तार बदलने के लिए एक-एक करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। कुछ स्थानों पर तार बदले भी गए, लेकिन कार्यदाई संस्था की लापरवाही के चलते कई स्थानों पर पुराने तार ही रह गए। नतीजा यह है कि आए दिन फाल्ट होता है।
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सिद्धार्थनगर। जिले में शहर से लेकर गांव तक बिजली कटौती से हाहाकार मचा है। करीब तीन लाख से अधिक उपभोक्ता कटौती के चलते जागकर रात काटने को मजबूर हो रहे हैं।
दरअसल, जिले के शहरों में 20 घंटे आपूर्ति देने का शेड्यूल बनाया गया है। लेकिन बिजली विभाग महज 15 से 20 घंटे ही बिजली सप्लाई दे रहा है। इसमें भी लोकल फाल्ट लोगों को परेशान करता है। आलम यह रहता है कि कभी-कभी पूरी रात बिजली गुल रहती है। शहरवासी मनोज कुमार, हरिकेश यादव, फखरूद्दीन आदि का कहना है कि जब भी विभागीय अधिकारियों से कटौती के संबंध में बात की जाती है तो उनका एक ही जवाब होता है कि लोकल फाल्ट की वजह से सप्लाई बाधित है। इसी तरह, गांवों की हालत तो और भी बदतर है। यहां 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है लेकिन बिजली आने जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। अधीक्षण अभियंता एके श्रीवास्तव नेे बताया कि शेड्यूल के हिसाब से बिजली सप्लाई की जाती है। फाल्ट की वजह से कटौती हो रही है। शहर में जर्जर तार बदले जा रहे है। जल्द ही फाल्ट की समस्या दूर हो जाएगी।
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ओवरलोडिंग के कारण होता लोकल फाल्ट
शहर में जर्जर तार के सहारे सप्लाई दी जा रही है। इसके चलते ओवरलोडिंग होते ही फाल्ट हो जाता है। इसकी मरम्मत करने के लिए कई घंटों तक बिजली सप्लाई बंद कर जाती है।
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करोड़ों खर्च के बाद भी नहीं बदले गए जर्जर तार
एक वर्ष पूर्व शहर समेत जिले के छह कस्बों में जर्जर बिजली तार बदलने के लिए एक-एक करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। कुछ स्थानों पर तार बदले भी गए, लेकिन कार्यदाई संस्था की लापरवाही के चलते कई स्थानों पर पुराने तार ही रह गए। नतीजा यह है कि आए दिन फाल्ट होता है।