नेपाल में तीन भारतीय पाए गए कोरोना संक्रमित, इस बड़े शख्स की भूमिका पर उठे सवाल
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बीरगंज महानगर पालिका अंतर्गत छपकैया के जामा मस्जिद में छिपे मौलानाओं में से तीन भारतीयों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही नेपाल में कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। नेपाल में पिछले दस दिन से नौ लोगों के अतिरिक्त कोरोना के नया मरीज नहीं मिलने से सरकार व स्वास्थ्य मंत्रालय निश्चिंत थे।
स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता विकास देवकोटा ने जानकारी दी है कि तीन भारतीयों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने से स्वास्थ्य मंत्रालय की चिंता बढ़ गई है। आशंका है कि ये संक्रमित लोग दिल्ली तब्लीगी जमात से आए थे।
जिले के एसपी गंगा पंत के अनुसार इन लोगों को एक सप्ताह पहले जामा मस्जिद में छिप कर शरण लेने की सूचना के बाद आइसोलेशन में रखा गया था। इन सभी का हेतौड़ा स्थित क्षय रोग अनुसंधान केंद्र में परीक्षण कराया गया था।
लेकिन रविवार को राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य प्रयोगशाला से आई रिपोर्ट में तीनों कोरोना पॉजिटिव पाए गए। ये तीनों भारतीय हैं और इनके दिल्ली तब्लीगी जमात से आने की संभावना की जांच की जा रही है।
परसा जिले के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ललित कुमार बस्नेत ने बताया कि कोरोना पॉजिटिव पाए गए भारतीयों को नारायणी अस्पताल के आइसोलेशन में रखा गया है।
क्या है मुखिया की भूमिका?
इस बीच खबर मिली है कि छपकैया के जिस जामा मस्जिद से कथित जमातियों की बरामदगी हुई है, उस जामा मस्जिद से मुखिया का नजदीकी संबंध है। इसी के साथ इस बात की भी जांच की जा रही है कि दिल्ली तब्लीगी मरकज से आए सभी संदिग्ध जमातियों को मस्जिद में छिपाने में मुखिया की क्या भूमिका है?
एसपी गंगा पंत का कहना है कि यदि मस्जिद में पाए गए जमतियों के छिपाने में मुखिया की किसी भी प्रकार की भूमिका का पता चलता है तो उसके खिलाफ सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।
मालूम हो कि बिहार के पश्चिमी चंपारण को स्पर्श कर रही नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी को नेपाल के रास्ते बिहार में करीब दर्जन भर कोरोना संक्रमितों को साजिशन घुसपैठ की भनक लगी।
एसएसबी ने इसकी सूचना बेतिया के डीएम कुंदन कुमार को दी। डीएम ने एसएसबी अधिकारियों को सर्तकता बरतने का निर्देश दिया। इससे मुखिया बौखला उठा और स्वयं ही परसा जिला प्रशासन के पास पहुंच कर इस खबर में अपना नाम आने पर आपत्ति दर्ज कराई।
परसा जिले के जगरनाथपुर गांव पालिका का अध्यक्ष मुखिया नेपाल सत्ता रूढ़ पार्टी में ऊंची पहुंच रखता है। उसे सत्ता रूढ़ दल के अध्यक्ष व पूर्व पीएम का करीबी बताया जा रहा है।