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Siddharthnagar News: समितियों पर नहीं है बीज, किसान निजी दुकानों से खरीदने को विवश
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- मिठवल ब्लाॅक क्षेत्र के समितियों पर नहीं है धान
संवाद न्यूज एजेंसी
पथरा। एक सप्ताह से क्षेत्र में हुई बारिश से किसान अब धान की नर्सरी लगाने की तैयारी में हैं। सहकारी समितियों पर अभी धान का बीज नहीं पहुंचा है। इसके कारण बाजार से बीजों की खरीदारी किसानों की मजबूरी है।
पथरा कस्बे में दो सहकारी समिति हैं, लेकिन दोनों पर अभी तक धान का बीज उपलब्ध नहीं हो पाया है। बाजार में अनेक कंपनियां विभिन्न प्रकार के बीजों के सहारे किसानों को लुभाने में लगी हैं, लेकिन किसान असमंजस में हैं कि कौन सी कंपनी पर भरोसा करें। क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में धान की नर्सरी डालने की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। किसान खेतों को तैयार कर चुके हैं और अब धान के उन्नतिशील बीजों की तलाश में हैं।
सहकारी समितियों पर अभी तक बीज नहीं पहुंचे हैं, जिससे निराश होकर किसानों को बाजार का रुख करना पड़ रहा है। बाजार की हालत यह है कि बांसी तहसील के पथरा, मिठवल, टेढिया बाजार, तिलौली, डिड़ई, मसिना खास, गौरागढ़ सहित सैकड़ों बीज की दुकानों पर प्राइवेट कंपनियों के अनेक प्रकार के बीज मनमाने तरीके से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा है। बाजार में इस समय सैकड़ों क्विंटल बीज पहुंच चुके हैं।
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किसान अवधेश, अनूप, परमात्मा चौधरी, कन्हैयालाल यादव, सुग्रीव चौधरी, शारदा चौधरी, हरेंद्र तिवारी, सुनील मिश्र, उमेश चंद्र मिश्र, महेश सहित आदि किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारी अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अगर दुकानें की जांच की जाए तो नकली बीजों का भंडाफोड़ सबके सामने आ जाएगा। कृषि इकाई मिठवल में तैनात तकनीकी सहायक रामनाथ वर्मा ने बताया कि इस समय हमारे यहां दो मोटा और एक पतला वेरायटी के धान बीज उपलब्ध है। जो एक सौ पच्चीस दिन में पैदा होगा। क्षेत्रीय किसान यहां से बीज प्राप्त कर रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पथरा। एक सप्ताह से क्षेत्र में हुई बारिश से किसान अब धान की नर्सरी लगाने की तैयारी में हैं। सहकारी समितियों पर अभी धान का बीज नहीं पहुंचा है। इसके कारण बाजार से बीजों की खरीदारी किसानों की मजबूरी है।
पथरा कस्बे में दो सहकारी समिति हैं, लेकिन दोनों पर अभी तक धान का बीज उपलब्ध नहीं हो पाया है। बाजार में अनेक कंपनियां विभिन्न प्रकार के बीजों के सहारे किसानों को लुभाने में लगी हैं, लेकिन किसान असमंजस में हैं कि कौन सी कंपनी पर भरोसा करें। क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में धान की नर्सरी डालने की तैयारियां जोर पकड़ रही हैं। किसान खेतों को तैयार कर चुके हैं और अब धान के उन्नतिशील बीजों की तलाश में हैं।
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सहकारी समितियों पर अभी तक बीज नहीं पहुंचे हैं, जिससे निराश होकर किसानों को बाजार का रुख करना पड़ रहा है। बाजार की हालत यह है कि बांसी तहसील के पथरा, मिठवल, टेढिया बाजार, तिलौली, डिड़ई, मसिना खास, गौरागढ़ सहित सैकड़ों बीज की दुकानों पर प्राइवेट कंपनियों के अनेक प्रकार के बीज मनमाने तरीके से अधिक मूल्य पर बेचा जा रहा है। बाजार में इस समय सैकड़ों क्विंटल बीज पहुंच चुके हैं।
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किसान अवधेश, अनूप, परमात्मा चौधरी, कन्हैयालाल यादव, सुग्रीव चौधरी, शारदा चौधरी, हरेंद्र तिवारी, सुनील मिश्र, उमेश चंद्र मिश्र, महेश सहित आदि किसानों का कहना है कि विभागीय अधिकारी अधिकारी इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अगर दुकानें की जांच की जाए तो नकली बीजों का भंडाफोड़ सबके सामने आ जाएगा। कृषि इकाई मिठवल में तैनात तकनीकी सहायक रामनाथ वर्मा ने बताया कि इस समय हमारे यहां दो मोटा और एक पतला वेरायटी के धान बीज उपलब्ध है। जो एक सौ पच्चीस दिन में पैदा होगा। क्षेत्रीय किसान यहां से बीज प्राप्त कर रहे हैं।