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Siddharthnagar News: बांसी में मंडी के लिए नहीं मिली निशुल्क भूमि, धन आवंटन की मांग
Mon, 21 Sep 2026 01:49 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:49 AM IST
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बांसी। कस्बे के आसपास नवीन मंडी स्थल निर्माण के लिए वर्षों से की जा रही मांग पूरी नहीं हो पा रही है। निशुल्क भूमि न हो पाने पर एक सप्ताह पूर्व कृषि उत्पादन मंडी समिति बांसी के सचिव ने राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद के निदेशक को पत्र लिखकर इसकी सूचना दी है। साथ ही भूमि अधिग्रहण के लिए धन आवंटित करने की मांग की है।
नगर में नवीन मंडी स्थल निर्माण के लिए 2013 में जिले की सबसे बड़ी प्रधान मंडी स्थल की भूमि खरीद के लिए शासन स्तर से आदेश हुआ था, जिसके लिए पर्याप्त धन भी एसएलओ को ट्रांसफर हुआ था। गोरखपुर रोड पर लगभग 50 बीघा भूमि का चिह्नीकरण भी हो गया था लेकिन किन्ही कारणवश उक्त जमीन के खरीद की प्रक्रिया को रोक दी गई थी। एसएलओ कार्यालय में जमा लाखों रुपये 2024-25 में विभाग को वापस हो गए।
इस प्रकरण को जिलाधिकारी के माध्यम से विभाग के मंत्री और प्रमुख सचिव को कई पत्र भेजकर किया गया है। निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने उचित स्थान पर सहमत के आधार पर भूमि तलाश कर निदेशालय को अवगत कराने के लिए पत्र जारी किया था। अपेक्षित भूमि की तलाश में निशुल्क भूमि की अनुपलब्धता पर फिर निदेशालय को सूचित करते हुए प्रतिकर की धनराशि का भुगतान करते हुए संबंधित विभाग की ओर भूमि अधिग्रहित किए जाने के लिए पत्र प्रेषित किया गया है।
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नगर में नवीन मंडी स्थल निर्माण के लिए 2013 में जिले की सबसे बड़ी प्रधान मंडी स्थल की भूमि खरीद के लिए शासन स्तर से आदेश हुआ था, जिसके लिए पर्याप्त धन भी एसएलओ को ट्रांसफर हुआ था। गोरखपुर रोड पर लगभग 50 बीघा भूमि का चिह्नीकरण भी हो गया था लेकिन किन्ही कारणवश उक्त जमीन के खरीद की प्रक्रिया को रोक दी गई थी। एसएलओ कार्यालय में जमा लाखों रुपये 2024-25 में विभाग को वापस हो गए।
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इस प्रकरण को जिलाधिकारी के माध्यम से विभाग के मंत्री और प्रमुख सचिव को कई पत्र भेजकर किया गया है। निदेशक राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने उचित स्थान पर सहमत के आधार पर भूमि तलाश कर निदेशालय को अवगत कराने के लिए पत्र जारी किया था। अपेक्षित भूमि की तलाश में निशुल्क भूमि की अनुपलब्धता पर फिर निदेशालय को सूचित करते हुए प्रतिकर की धनराशि का भुगतान करते हुए संबंधित विभाग की ओर भूमि अधिग्रहित किए जाने के लिए पत्र प्रेषित किया गया है।
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