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Siddharthnagar News: चारा उगाकर समूह की महिलाएं बनेंगी आत्मनिर्भर

Sat, 02 May 2026 02:05 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 02 May 2026 02:05 AM IST
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The women of the group will become self-reliant by growing fodder.
16 गोशालाओं में संरक्षित है 2289 गोवंश
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सीडीओ के निर्देशन में तैयारी तेज, जुटा महकमा
महराजगंज। ग्रामीण आजीविका समूह की महिलाएं हरा चारा उगाकर अपने जीवन में हरियाली लाएंगी। एनआरएलएम व पशुपालन विभाग मिलकर इसे अमली जामा पहनाने में जुटे हैं। सीडीओ के निर्देश पर ऐसी समूह महिलाओं को चिह्नित किया जा रहा है जो हरा चारा उगाएंगी और गोशालाओं के लिए साइलेज (पौष्टिक पशु हार) बनाकर उपलब्ध कराएंगी। पशुपालन विभाग गोशालाओं के लिए महिलाओं से हरा चारा खरीदेगा।
जनपद में करीब चार हजार एसएचजी पंजीकृत हैं। इससे 10 हजार से अधिक महिलाएं सदस्य के रूप में जुड़ी हैं। पहले प्रत्येक समूह को अपना व्यवसाय चयन कर उसी से सभी सदस्य आय प्राप्त करते थे, लेकिन अब शासन अन्य विभागों से मिलकर सदस्य महिलाओं के लिए अलग-अलग कार्य उपलब्ध कराने की तरफ अग्रसर है। इस कवायद से कृषि विभाग में ड्रोन दीदी, स्वास्थ्य विभाग में स्वास्थ्य व पोषण सखी, बैंकिंग के लिए बीसी सखी जैसे क्षेत्रों में योग्यता आकलन के बाद महिलाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
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अब पशुपालन विभाग भी इन समूह की महिलाओं को हरा चारा उगाने, साइनेज व पशु आहार तैयार कराएगा और खुद इसकी खरीद शासन की तरफ से बनी गोशालाओं के लिए करेगा जिसके एवज में समूह महिलाओं को भुगतान के साथ-साथ गोशाला का गोबर भी उपलब्ध कराया जाएगा जिसकी बिक्री जैविक खाद या अन्य रूप में करके अतिरिक्त कमाई कर सकेंगी।
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बीएमएम को चयन दायित्व
सदर ब्लाॅक के एडीओ आईएसबी नागेंद्र देव पांडेय ने बताया कि राज्य आजीविका निदेशालय के पत्र व सीडीओ के निर्देश पर ब्लॉक मिशन प्रबंधकों को ऐसे समूह सदस्यों की पहचान करने को कहा गया है, जो चारा उत्पादन में रुचि रखते हों। यह महिलाएं अपने खेतों में हरा चारा उगाकर कटाई करेंगी और साइलेज (पशुओं के लिए पौष्टिक आहार) तैयार कर आश्रय स्थलों को आपूर्ति करेंगी।
16 गो आश्रय केंद्रों पर 2289 पशु संरक्षित
सीबीओ डाॅ. एजाज अहमद ने जानकारी देते हुए बताया गया कि जनपद में 11 अस्थायी व दो कान्हा गोशाला विभागीय देखरेख में संचालित हैं। तीन वृहद गोशाला अहमदपुर, कोट कम्हरिया व मधुकरपुर महदेवा में हैं। 16 गोशालाओं में 2289 पशु संरक्षित हैं। इन सभी गोवंशों के लिए हरा चारा व साइनेज इत्यादि के लिए आजीविका मिशन की महिलाओं का चयन कर इस कार्य से जोड़ा जाएगा। पूरी कवायद सीडीओ के मार्गदर्शन में चल रही।

वर्जन
पशु पालन विभाग व एनआरएलएम के साझा प्रयास के जरिये हरा चारा व साइनेज तैयार करने के लिए आजीविका समूह की महिलाओं का चयन किया जा रहा है। चयन के बाद पशुपालन विभाग चारे की कीमत निर्धारित करेगा। इसी रेट पर इनकी खरीद होगी। इससे पारदर्शी भुगतान और महिलाओं को नियमित आय का माध्यम मिलेगा।
-महेंद्र कुमार सिंह, सीडीओ
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