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2047 तक पूर्ण करना है विकसित भारत का लक्ष्य : यशपाल
Sat, 13 Sep 2025 11:30 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 13 Sep 2025 11:30 PM IST
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सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में शनिवार को विजन डाक्यूमेंट 2047, समर्थ व विकसित उप्र 2047 से संबंधित जनपदीय संगोष्ठी और छात्रों, शिक्षक एवं शिक्षा विद के साथ संवाद कार्यक्रम हुआ। सेवानिवृत्त आईपीएस व पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह ने कहा कि यह एक अभियान है कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाना है।
भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। 1947 में हमें आजादी मिली। शासन हमारे हाथों में आया। आर्थिक रूप से हमें पुरानी व्यवस्था को प्राप्त करना है।
सरकार स्वयं सुविधाओं के साथ समाज में आ रहा है। सदस्य (न्यायिक) राजस्व परिषद व नोडल अधिकारी एसबीएस रंगाराव ने कहा कि साढ़े आठ वर्षो में जो विकास कार्य किए गए हैं उसी के आधार पर 2047 तक विकसित उप्र बनाना है।
10 जनपदों में कालानमक को बढ़ावा : डीएम : जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर ने कहा कि जनपद सिद्धार्थनगर एक आकांक्षात्मक जनपद है। कालानमक चावल को बढ़ावा देने के लिए जनपद में क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिससे कालानमक की खेती का क्षेत्रफल बढ़ा है। संवाद
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भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। 1947 में हमें आजादी मिली। शासन हमारे हाथों में आया। आर्थिक रूप से हमें पुरानी व्यवस्था को प्राप्त करना है।
सरकार स्वयं सुविधाओं के साथ समाज में आ रहा है। सदस्य (न्यायिक) राजस्व परिषद व नोडल अधिकारी एसबीएस रंगाराव ने कहा कि साढ़े आठ वर्षो में जो विकास कार्य किए गए हैं उसी के आधार पर 2047 तक विकसित उप्र बनाना है।
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10 जनपदों में कालानमक को बढ़ावा : डीएम : जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर ने कहा कि जनपद सिद्धार्थनगर एक आकांक्षात्मक जनपद है। कालानमक चावल को बढ़ावा देने के लिए जनपद में क्रेता विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया गया है। जिससे कालानमक की खेती का क्षेत्रफल बढ़ा है। संवाद
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