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पीड़ित परिवार को नहीं मिली आर्थिक सहायता
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 25 Jun 2016 11:04 PM IST
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एनजीटी टीम का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला
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सिद्धार्थनगर। कपिलवस्तु कोतवाली क्षेत्र के भरवलिया गांव में पांच दिन पूर्व आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत के मुंह में समाए बच्चों के परिजनों को अब तक सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई। उपजिलाधिकारी के 24 घंटे के अंदर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का दावा खोखला साबित हो रहा है। मदद के इंतजार में पीड़ित परिवार की आंखें पथरा गई हैं।
बीते मंगलवार को भरवलिया गांव में आकाशीय बिजली ने मदरसे की खिड़की को क्षतिग्रस्त करते हुए अंदर पढ़ाई कर रहे चचेरे भाई-बहन समेत तीन मासूमों को मौत की नींद सुला दी थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम योगानंद पांडेय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए तात्कालिक सहायता के रुप में 4-4 लाख रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उन्होंने यह राशि 24 घंटे के अंदर मुहैया कराने को कहा था।
घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, मगर अब तक पीड़ित परिवार तक मदद नहीं पहुंच पाई है। कलेजे के टुकड़ों को खोने वाले परिजन अब सरकार के छलावे से व्यथित हैं। इस संबन्ध में एसडीएम योगानंद पांडेय का कहना था कि पीड़ित परिवारों को आरटीजीएस के माध्यम से खाते में राशि भेजी जानी है। तहसील प्रशासन ने पैसा बैंक को भेज दिया है। जल्द ही यह खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।
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बीते मंगलवार को भरवलिया गांव में आकाशीय बिजली ने मदरसे की खिड़की को क्षतिग्रस्त करते हुए अंदर पढ़ाई कर रहे चचेरे भाई-बहन समेत तीन मासूमों को मौत की नींद सुला दी थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम योगानंद पांडेय ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए तात्कालिक सहायता के रुप में 4-4 लाख रुपये उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। उन्होंने यह राशि 24 घंटे के अंदर मुहैया कराने को कहा था।
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घटना को पांच दिन बीत चुके हैं, मगर अब तक पीड़ित परिवार तक मदद नहीं पहुंच पाई है। कलेजे के टुकड़ों को खोने वाले परिजन अब सरकार के छलावे से व्यथित हैं। इस संबन्ध में एसडीएम योगानंद पांडेय का कहना था कि पीड़ित परिवारों को आरटीजीएस के माध्यम से खाते में राशि भेजी जानी है। तहसील प्रशासन ने पैसा बैंक को भेज दिया है। जल्द ही यह खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।
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