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Siddharthnagar News: निर्माण के सात वर्ष बाद ही भवन ढहने के कगार पर
Fri, 01 Mar 2024 11:15 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Fri, 01 Mar 2024 11:15 PM IST
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घोसियारी। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के कुछ दिन ही बाद गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। हालात यह है कि इन जर्जर भवनों की छत टपक रही हैं। दीवार के प्लास्टर उखड़ रहे हैं व फर्श टूट रही हैं। खेसरहा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र पूरनजोत का निर्माण 2016 में हुआ था। निर्माण के कुछ दिन बाद से ही बारिश में आंगनबाड़ी की छत टपकने लगी।
केंद्र के रसोई घर और शौचालय का दरवाजा भी सड़कर क्षतिग्रस्त हो चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ती रीता त्रिपाठी ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण परिसर में बने अतिरिक्त कमरे में बच्चों को पढ़ना पड़ रहा है। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र चौरी खुर्द का निर्माण 2017 में हुआ था। वर्तमान में इस केंद्र की दीवारों में भी दरार पड़ गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुष्पा मिश्रा ने बताया कि भवन की स्थिति खराब होने के कारण बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाया जाता है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भवन के निर्माण के समय घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस वजह से कम समय में ही भवन जर्जर हो गया। इस संबंध में सीडीपीओ खेसरहा आनंद श्रीवास्तव का कहना है कि आंगनबाड़ी जर्जर होने की जानकारी है। जर्जर आंगनबाड़ी की रिपोर्ट विभाग में भेजी गई है। विभाग से धन आते ही मरम्मत करवा दिया जाएगा।
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केंद्र के रसोई घर और शौचालय का दरवाजा भी सड़कर क्षतिग्रस्त हो चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ती रीता त्रिपाठी ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण परिसर में बने अतिरिक्त कमरे में बच्चों को पढ़ना पड़ रहा है। इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र चौरी खुर्द का निर्माण 2017 में हुआ था। वर्तमान में इस केंद्र की दीवारों में भी दरार पड़ गई है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुष्पा मिश्रा ने बताया कि भवन की स्थिति खराब होने के कारण बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाया जाता है।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि भवन के निर्माण के समय घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इस वजह से कम समय में ही भवन जर्जर हो गया। इस संबंध में सीडीपीओ खेसरहा आनंद श्रीवास्तव का कहना है कि आंगनबाड़ी जर्जर होने की जानकारी है। जर्जर आंगनबाड़ी की रिपोर्ट विभाग में भेजी गई है। विभाग से धन आते ही मरम्मत करवा दिया जाएगा।
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