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Siddharthnagar News: गृह जनपद जाने के लिए जुगाड़ में जुटे शिक्षक
Wed, 07 Jun 2023 11:26 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 07 Jun 2023 11:26 PM IST
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सिद्धार्थनगर। स्थानांतरण नीति को मंजूरी मिलने के बाद अपने मूल जनपद में जाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों ने हाथ पांव मारने शुरू कर दिए हैं। आठ जून तक शासन ने ऑनलाइन आवेदन मांगा है। इसके बाद स्थानातंरण होना है।
जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित होने वाले प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में सबसे अधिक गैर जनपदों के शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे शिक्षक अधिक हैं, जो एटा, अलीगढ़, मैनपुरी, वाराणसी प्रयागराज आदि स्थानों से आकर यहां पर बतौर शिक्षक तैनात हुए। लेकिन तैनाती होने का लंबा अंतराल बीतने के बाद भी वह चाहते हुए भी अपने मूल जनपद में जा पा रहे थे। गैर जनपद स्थानांतरण के लिए कई बार सरकार की ओर से नीति बनी और स्थगित हुई। इससे शिक्षकों को निराशा हो रही थी। एक बार फिर शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है। गैर जनपद स्थानांतरण पर जाने वाले शिक्षकों को आठ जून तक विभाग के पोर्टल पर आवेदन मांगा गया है। अब समस्या इस बात की है। कुल शिक्षकों की संख्या के सापेक्ष जनपद के केवल 10 प्रतिशत शिक्षकों का स्थानांतरण होना है और उनके स्थान पर उतने ही शिक्षकों को यहां पर आना है। आकड़ों के मुताबिक जनपद में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की कुल संख्या 5790 है। ऐसे में 10 प्रतिशत यानी 579 शिक्षकों का स्थानांतरण हो पाएगा। जबकि जनपद में लगभग चार हजार ऐसे शिक्षक हैं जो गैर जनपद के रहने वाले हैं। स्थानांतरण में सबको गैर जनपद जाने की इच्छा है। ऐसे में अब कई शिक्षक जुगाड़ मेें जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ नेता तो कुछ विभाग में प्रदेश स्तर पर बैठे अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। उनसे मिन्नत कर रहे हैं कि किसी तरह से उनका नाम सूची में आ जाए। क्योंकि अब पता नहीं कब गैर जनपद स्थानांतरण की बारी आएगी। वहीं, कुछ विभागीय कर्मी अभी से शिक्षकों को भरोसा दे रहे हैं कि चिंता मत करो हम स्थानांतरण करवा देंगे। ऐसे में शिक्षक इस दर से उस दर पर चक्कर मार रहे हैं। इस संबंध में बेसिक शिक्षक अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि आवेदन ऑनलाइन हो रहा है। शासन के नियम के अनुसार स्थानांतरण होगा। संवाद
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जिले में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित होने वाले प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में सबसे अधिक गैर जनपदों के शिक्षक कार्यरत हैं। ऐसे शिक्षक अधिक हैं, जो एटा, अलीगढ़, मैनपुरी, वाराणसी प्रयागराज आदि स्थानों से आकर यहां पर बतौर शिक्षक तैनात हुए। लेकिन तैनाती होने का लंबा अंतराल बीतने के बाद भी वह चाहते हुए भी अपने मूल जनपद में जा पा रहे थे। गैर जनपद स्थानांतरण के लिए कई बार सरकार की ओर से नीति बनी और स्थगित हुई। इससे शिक्षकों को निराशा हो रही थी। एक बार फिर शासन की ओर से इस संबंध में आदेश जारी हुआ है। गैर जनपद स्थानांतरण पर जाने वाले शिक्षकों को आठ जून तक विभाग के पोर्टल पर आवेदन मांगा गया है। अब समस्या इस बात की है। कुल शिक्षकों की संख्या के सापेक्ष जनपद के केवल 10 प्रतिशत शिक्षकों का स्थानांतरण होना है और उनके स्थान पर उतने ही शिक्षकों को यहां पर आना है। आकड़ों के मुताबिक जनपद में परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की कुल संख्या 5790 है। ऐसे में 10 प्रतिशत यानी 579 शिक्षकों का स्थानांतरण हो पाएगा। जबकि जनपद में लगभग चार हजार ऐसे शिक्षक हैं जो गैर जनपद के रहने वाले हैं। स्थानांतरण में सबको गैर जनपद जाने की इच्छा है। ऐसे में अब कई शिक्षक जुगाड़ मेें जुट गए हैं। सूत्रों के अनुसार कुछ नेता तो कुछ विभाग में प्रदेश स्तर पर बैठे अधिकारियों के यहां चक्कर काट रहे हैं। उनसे मिन्नत कर रहे हैं कि किसी तरह से उनका नाम सूची में आ जाए। क्योंकि अब पता नहीं कब गैर जनपद स्थानांतरण की बारी आएगी। वहीं, कुछ विभागीय कर्मी अभी से शिक्षकों को भरोसा दे रहे हैं कि चिंता मत करो हम स्थानांतरण करवा देंगे। ऐसे में शिक्षक इस दर से उस दर पर चक्कर मार रहे हैं। इस संबंध में बेसिक शिक्षक अधिकारी देवेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि आवेदन ऑनलाइन हो रहा है। शासन के नियम के अनुसार स्थानांतरण होगा। संवाद
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