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Siddharthnagar News: मौसम की मार से गले में सूजन, अटकी आवाज

Sat, 18 Apr 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Sat, 18 Apr 2026 12:37 AM IST
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Swelling in the throat due to weather, hoarse voice
- सर्दी, जुकाम से हो रही शुरुआत, गले में दर्द के साथ आवाज में हो रहा भारीपन,
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- मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में आ रहे समस्या से ग्रसित मरीज

सिद्धार्थनगर। सर्दी, जुकाम के साथ गले में दर्द और आवाज में भारीपन हो रहा है या बोलने के लिए ताकत लगानी पड़ रही है तो बिना देर किए डॉक्टर को दिखाएं। क्योंकि, यह समस्या आपको परेशानी में डाल सकती है। देर करने की स्थिति में दर्द के साथ गले के अंदर नसों में सूजन के साथ परेशानी बढ़ सकती है। पिछले कई दिनों से ऐसे रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। मेडिकल कॉलेज और बांसी ईएनटी विभाग में इस प्रकार के रोगी पहुंच रहे हैं, जिन्हें दवा देने के साथ ही डॉक्टर बचाव की सलाह दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मौसम की वजह से हो रहा है।
मौसम के बदलते तेवर अब सीधे लोगों के गले पर असर डाल रहे हैं। एलर्जी और संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में लोग ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं, जिसमें आवाज लगभग बैठ जा रही है और बोलना तक मुश्किल हो रहा है। हालत यह है कि कई मरीजों की आवाज सामान्य रूप से निकल ही नहीं पा रही है। जोर लगाने या चीखने के बाद ही शब्द बाहर आ पा रहे हैं। गले में लगातार खराश, जलन और दर्द के साथ अंदरूनी बुखार जैसी स्थिति ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए रमेश ने बताया कि उनके बेटे को जुकाम था। अचानक गले में दर्द होने लगा और आवाज भारी होने लगी। बोलने के लिए ताकत लगानी पड़ रही है, इसलिए डॉक्टर के पास लेकर आए थे, उन्होंने ठंडी पानी, ठंडी वस्तु का सेवन न करने की सलाह के साथ दवाएं दी।
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वहीं, रेशमा ने कहा कि उसे जुकाम था और कोल्ड ड्रिंक पी ली। सुबह से गला बैठ सा गया है। आवाज ही नहीं निकल रही थी। बोलने पर दर्द होने लगा, दवा ली, लेकिन फायदा नहीं हुआ तो यहां दिखाने चले आए। पता चला कि एलर्जी है। दवा दी है, लेकिन पहले ऐसा नहीं होता था।
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ईएनटी सर्जन डॉ. संजय कुमार शर्मा ने बताया कि प्रतिदिन चार से छह मरीज इस प्रकार के आ रहे हैं। यह मौसम में अचानक बदलाव, धूल-धुआं, ठंडी-गरम चीजों के असंतुलित सेवन और वायरल संक्रमण की वजह से हो रहे हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है, जहां गले में सूजन के साथ आवाज में भारीपन या पूरी तरह से बैठ जाना आम हो गया है। यह समस्या मुख्य रूप से एलर्जिक रिएक्शन और वायरल इंफेक्शन के कारण होती है। जब गले की वोकल कॉर्ड्स (स्वर तंत्र) में सूजन आ जाती है तो आवाज प्रभावित होती है। इसके साथ ही गले में खुजली, सूखापन और निगलने में दर्द जैसी शिकायतें भी सामने आती हैं। यदि समय पर इलाज न कराया जाए, तो यह स्थिति और गंभीर हो सकती है। मरीजों को दवा देने के साथ ही बचाव की सलाह दी जा रही है।


डॉ. संजय कुमार शर्मा के अनुसार ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत सावधानी बरतें। ठंडी चीजों से परहेज करें। गुनगुना पानी पिएं और ज्यादा बोलने से बचें। भाप लेना और नमक के पानी से गरारा करना राहत दे सकता है। साथ ही, बिना डॉक्टर की सलाह के दवाओं का सेवन न करें, क्योंकि गलत दवा से स्थिति बिगड़ सकती है। मौसम के इस बदलाव के दौर में बच्चों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। स्कूल जाने वाले बच्चों में संक्रमण तेजी से फैल सकता है, इसलिए अभिभावकों को सतर्क रहने की जरूरत है। समय रहते सही इलाज और सावधानी से इस समस्या से बचाव संभव है।
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