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कोरोना के कारण जिला अस्पताल में टाली जा रही सर्जरी
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कोरोना के कारण जिला अस्पताल में टाली जा रही सर्जरी
सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की सर्जरी टाली जा रही है। हालांकि इमरजेंसी सर्जरी की जा रही है। ओपीडी और भर्ती मरीजों की संख्या कम करने की भी कोशिश की जा रही है। मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के 56 डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के कारण जिला अस्पताल में सतर्कता बरती जा रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओटी कांपलेक्स में प्रतिदिन चार से पांच मेजर और सात से नौ माइनर सर्जरी की जाती थी। कोरोना संक्रमण के कारण जनरल सर्जरी के मरीजों को बाद में ऑपरेशन कराने की सलाह दी जा रही है। ओटी कांपलेक्स में छह से सात सर्जरी की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, पहले की अपेक्षा प्रतिदिन 8-10 सर्जरी कम हो रही है। इमरजेंसी सर्जरी ही की जा रही है। इसी प्रकार गायनिक विभाग में प्रतिदिन दो से छह सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. डीसी चौधरी ने बताया कि माड्यूलर ओटी बनने के बाद सर्जरी में तेजी आई थी। कोरोना संक्रमण के कारण सर्जरी टालने की नौबत आ रही है। कुछ जागरूक मरीज तो खुद ही आगे की तिथि में सर्जरी कराने की सिफारिश कर रहे हैं। ओटी कांपलेक्स में प्रतिदिन छह से सात सर्जरी हो रही है।
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सर्जरी के लिए बढ़ा इंतजार
जिला अस्पताल में दो माड्यूल ओटी और ओटी में हड्डी की सर्जरी में उपयोगी सी आर्म मशीन की मरम्मत के बाद सर्जरी कराने वाली मरीजों की सूची 100 से अधिक हो गई थी। उन्हें उम्मीद थी कि सर्जरी का इंतजार पूरा होगा, लेकिन कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के कारण फिर सर्जरी पर ग्रहण लग गया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दो माह में 350 से अधिक सर्जरी टल गई थी।
ओपीडी में कम हुई मरीजों की संख्या
संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी में लगातार कोरोना पॉजिटिव मिलने से मरीजों की संख्या में कमी आ गई है। मरीजों की संख्या कम करने के लिए टेलीमेडिसिन की सुविधा भी शुरू की गई है। कुछ लोग घर बैठे ही डॉक्टरों से बात करके दवा पूछ रहे हैं। एक सप्ताह पहले ओपीडी में मरीजों की संख्या 800 से 950 हुआ करती थी, जो घटकर 700 से 800 हो गई है। सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या 753 रही। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम करने की कोशिश की जा रही है। करीब 56 डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजिटिव हुए थे, उनमें से कुछ वापस अस्पताल में आ गए हैं। जिस सर्जरी को टाला जा सकता है, उन मरीजों को बाद में बुलाया जा रहा है।
आरटीपीसीआर रिपोर्ट पर हो रही है सर्जरी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. विमल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 80 से 100 सर्जरी होती है। जिला अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन को टाला जा रहा है, जबकि निजी अस्पताल आरटीपीसीआर रिपोर्ट के आधार पर सर्जरी कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति में जिले में प्रतिदिन करीब 50 सर्जरी टाली जा रही है।
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सिद्धार्थनगर। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण संयुक्त जिला चिकित्सालय में मरीजों की सर्जरी टाली जा रही है। हालांकि इमरजेंसी सर्जरी की जा रही है। ओपीडी और भर्ती मरीजों की संख्या कम करने की भी कोशिश की जा रही है। मेडिकल कॉलेज व जिला अस्पताल के 56 डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के कारण जिला अस्पताल में सतर्कता बरती जा रही है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला चिकित्सालय के ओटी कांपलेक्स में प्रतिदिन चार से पांच मेजर और सात से नौ माइनर सर्जरी की जाती थी। कोरोना संक्रमण के कारण जनरल सर्जरी के मरीजों को बाद में ऑपरेशन कराने की सलाह दी जा रही है। ओटी कांपलेक्स में छह से सात सर्जरी की जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, पहले की अपेक्षा प्रतिदिन 8-10 सर्जरी कम हो रही है। इमरजेंसी सर्जरी ही की जा रही है। इसी प्रकार गायनिक विभाग में प्रतिदिन दो से छह सिजेरियन डिलीवरी कराई जा रही है।
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संयुक्त जिला चिकित्सालय के सर्जन डॉ. डीसी चौधरी ने बताया कि माड्यूलर ओटी बनने के बाद सर्जरी में तेजी आई थी। कोरोना संक्रमण के कारण सर्जरी टालने की नौबत आ रही है। कुछ जागरूक मरीज तो खुद ही आगे की तिथि में सर्जरी कराने की सिफारिश कर रहे हैं। ओटी कांपलेक्स में प्रतिदिन छह से सात सर्जरी हो रही है।
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सर्जरी के लिए बढ़ा इंतजार
जिला अस्पताल में दो माड्यूल ओटी और ओटी में हड्डी की सर्जरी में उपयोगी सी आर्म मशीन की मरम्मत के बाद सर्जरी कराने वाली मरीजों की सूची 100 से अधिक हो गई थी। उन्हें उम्मीद थी कि सर्जरी का इंतजार पूरा होगा, लेकिन कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के कारण फिर सर्जरी पर ग्रहण लग गया है। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान दो माह में 350 से अधिक सर्जरी टल गई थी।
ओपीडी में कम हुई मरीजों की संख्या
संयुक्त जिला चिकित्सालय की ओपीडी में लगातार कोरोना पॉजिटिव मिलने से मरीजों की संख्या में कमी आ गई है। मरीजों की संख्या कम करने के लिए टेलीमेडिसिन की सुविधा भी शुरू की गई है। कुछ लोग घर बैठे ही डॉक्टरों से बात करके दवा पूछ रहे हैं। एक सप्ताह पहले ओपीडी में मरीजों की संख्या 800 से 950 हुआ करती थी, जो घटकर 700 से 800 हो गई है। सोमवार को ओपीडी में मरीजों की संख्या 753 रही। सीएमएस डॉ. नीना वर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या कम करने की कोशिश की जा रही है। करीब 56 डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजिटिव हुए थे, उनमें से कुछ वापस अस्पताल में आ गए हैं। जिस सर्जरी को टाला जा सकता है, उन मरीजों को बाद में बुलाया जा रहा है।
आरटीपीसीआर रिपोर्ट पर हो रही है सर्जरी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सचिव डॉ. विमल कुमार द्विवेदी ने बताया कि जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन 80 से 100 सर्जरी होती है। जिला अस्पताल में सामान्य ऑपरेशन को टाला जा रहा है, जबकि निजी अस्पताल आरटीपीसीआर रिपोर्ट के आधार पर सर्जरी कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति में जिले में प्रतिदिन करीब 50 सर्जरी टाली जा रही है।