{"_id":"6990dc525cd162650d00ddd3","slug":"success-in-the-exam-will-be-achieved-with-the-right-strategy-siddharthnagar-news-c-227-1-sdn1003-153495-2026-02-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: सही रणनीति से मिलेगी परीक्षा में सफलताब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: सही रणनीति से मिलेगी परीक्षा में सफलताब
Sun, 15 Feb 2026 02:04 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 15 Feb 2026 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही है। परीक्षा की तारीख नजदीक आते ही छात्रों में घबराहट और तनाव बढ़ना स्वाभाविक है।
ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मानसिक स्थिति को भी संतुलित रखें, जिससे वह बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सही रणनीति से पढ़ाई करने पर ही परीक्षा में सफलता निश्चित ही मिलेगी।
मनोवैज्ञानिक डॉ. अनीता ने बताया कि अंतिम दौर में विद्यार्थियों को नया विषय पढ़ने से बचना चाहिए। अब तक तैयार किए गए टॉपिक को लिखकर कंठस्थ करना अधिक फायदेमंद होगा। कहा कि नियमित योग से स्मरण शक्ति में सुधार होता है। उन्होंने सलाह दी है कि विद्यार्थी अपने पूरे पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर रिवाइज करें, क्योंकि सब कुछ एक साथ पढ़ने की हड़बड़ी में याद किया हुआ हिस्सा भी भूलने की संभावना रहती है। अक्सर बच्चे तनाव में आकर खुद को कमरे के एक कोने तक सीमित कर लेते हैं जबकि उन्हें समय-समय पर अपने परिजनों और दोस्तों से बातचीत करते रहना चाहिए।
विज्ञापन
्
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही है। परीक्षा की तारीख नजदीक आते ही छात्रों में घबराहट और तनाव बढ़ना स्वाभाविक है।
ऐसे समय में विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी मानसिक स्थिति को भी संतुलित रखें, जिससे वह बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सही रणनीति से पढ़ाई करने पर ही परीक्षा में सफलता निश्चित ही मिलेगी।
विज्ञापन
मनोवैज्ञानिक डॉ. अनीता ने बताया कि अंतिम दौर में विद्यार्थियों को नया विषय पढ़ने से बचना चाहिए। अब तक तैयार किए गए टॉपिक को लिखकर कंठस्थ करना अधिक फायदेमंद होगा। कहा कि नियमित योग से स्मरण शक्ति में सुधार होता है। उन्होंने सलाह दी है कि विद्यार्थी अपने पूरे पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर रिवाइज करें, क्योंकि सब कुछ एक साथ पढ़ने की हड़बड़ी में याद किया हुआ हिस्सा भी भूलने की संभावना रहती है। अक्सर बच्चे तनाव में आकर खुद को कमरे के एक कोने तक सीमित कर लेते हैं जबकि उन्हें समय-समय पर अपने परिजनों और दोस्तों से बातचीत करते रहना चाहिए।
विज्ञापन
्