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Siddharthnagar News: न्यायालय के आदेश का पालन न कराने पर दरोगा तलब
Sun, 05 Jul 2026 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 05 Jul 2026 12:02 AM IST
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कपिलवस्तु। न्यायालय के आदेश का अनुपालन न कराने और उसके स्थान पर विवाद की आशंका जताते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के मामले में सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/एफटीसी-प्रथम, सिद्धार्थनगर ने थाना कपिलवस्तु में तैनात उपनिरीक्षक (एसआई) सदरुल आलमीन को तलब किया है।
न्यायालय ने उन्हें 13 जुलाई 2026 को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं कराया गया।
मामला प्रकीर्ण फौजदारी विजय लक्ष्मी बनाम पंकज मिश्रा से संबंधित है, जो घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा-31 के तहत न्यायालय में विचाराधीन है।
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न्यायालय ने पूर्व में पारित एकपक्षीय आदेश में विपक्षी पंकज मिश्रा उर्फ शनि को आवेदिका को मासिक भरण-पोषण भत्ता देने तथा संयुक्त आवास में पानी, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से युक्त रहने योग्य कमरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। यदि ऐसा संभव न हो तो प्रतिमाह एक हजार रुपये किराया भत्ता देने का भी आदेश दिया गया था।
न्यायालय के अनुसार आदेश का पालन नहीं होने पर थाना कपिलवस्तु के थानाध्यक्ष को निर्देश दिए थे कि आवेदिका को संयुक्त आवास में रहने योग्य कमरा उपलब्ध कराकर दो सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें। इसके क्रम में 19 मई 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत रिपोर्ट में एसआई सदरुल आलमीन ने कहा कि आदेश का पालन कराने पर विवाद होने की संभावना है।
इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि केवल विवाद की आशंका का हवाला देकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन से पीछे नहीं हट सकते। आदेश का पालन कराने के बजाय ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करना संतोषजनक नहीं माना जा सकता।
इसी आधार पर न्यायालय ने एसआई सदरुल आलमीन को नोटिस जारी कर 13 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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न्यायालय ने उन्हें 13 जुलाई 2026 को सुबह 10:30 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि न्यायालय के आदेश का पालन क्यों नहीं कराया गया।
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मामला प्रकीर्ण फौजदारी विजय लक्ष्मी बनाम पंकज मिश्रा से संबंधित है, जो घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा-31 के तहत न्यायालय में विचाराधीन है।
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न्यायालय ने पूर्व में पारित एकपक्षीय आदेश में विपक्षी पंकज मिश्रा उर्फ शनि को आवेदिका को मासिक भरण-पोषण भत्ता देने तथा संयुक्त आवास में पानी, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से युक्त रहने योग्य कमरा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। यदि ऐसा संभव न हो तो प्रतिमाह एक हजार रुपये किराया भत्ता देने का भी आदेश दिया गया था।
न्यायालय के अनुसार आदेश का पालन नहीं होने पर थाना कपिलवस्तु के थानाध्यक्ष को निर्देश दिए थे कि आवेदिका को संयुक्त आवास में रहने योग्य कमरा उपलब्ध कराकर दो सप्ताह के भीतर अनुपालन आख्या प्रस्तुत करें। इसके क्रम में 19 मई 2026 को न्यायालय में प्रस्तुत रिपोर्ट में एसआई सदरुल आलमीन ने कहा कि आदेश का पालन कराने पर विवाद होने की संभावना है।
इस पर न्यायालय ने टिप्पणी की कि केवल विवाद की आशंका का हवाला देकर न्यायालय के आदेश के अनुपालन से पीछे नहीं हट सकते। आदेश का पालन कराने के बजाय ऐसी रिपोर्ट प्रस्तुत करना संतोषजनक नहीं माना जा सकता।
इसी आधार पर न्यायालय ने एसआई सदरुल आलमीन को नोटिस जारी कर 13 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।