अब टूटेगी प्याज की अकड़: कांदा एक्सप्रेस से दिल्ली पहुंचा 840 टन, 35 रुपये किलो पहुंंचेगा घर-घर
कांदा एक्सप्रेस के जरिए आया प्याज दिल्ली के प्रमुख थोक बाजार आजादपुर मंडी तक पहुंचाया जाएगा। यहां से इसे आगे खुदरा बाजार तक भेजने की व्यवस्था की गई है।
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प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान दिल्लीवालों के लिए राहत की खबर है। महाराष्ट्र के नासिक से चली कांदा एक्सप्रेस दिल्ली पहुंच गई है। ट्रेन में करीब 840 मीट्रिक टन प्याज आया है। सरकार इसे दिल्ली में 35 रुपये प्रति किलो की दर से उपलब्ध करा रही है। मकसद बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाना और बढ़ते खुदरा भाव पर लगाम लगाना है।
परिवारों को सीधी राहत
कांदा एक्सप्रेस दिल्ली तो पहुंच गई, लेकिन अब दिल्लीवालों की नजर इस बात पर है कि इसका असर उनकी रसोई तक कब पहुंचेगा। अगर 35 रुपये किलो का प्याज पर्याप्त मात्रा में बाजार तक पहुंचता है तो महंगे प्याज से परेशान परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।
आजादपुर मंडी से होगी सप्लाई
कांदा एक्सप्रेस के जरिए आया प्याज दिल्ली के प्रमुख थोक बाजार आजादपुर मंडी तक पहुंचाया जाएगा। यहां से इसे आगे खुदरा बाजार तक भेजने की व्यवस्था की गई है। केंद्र सरकार ने प्याज के बफर स्टॉक का इस्तेमाल करते हुए मांग वाले शहरों में सीधे सप्लाई बढ़ाने का फैसला किया है। दिल्ली उन प्रमुख बाजारों में शामिल है, जहां कीमतें बढ़ गईं थी।
60-70 रुपये किलो तक पहुंचा था प्याज
दिल्ली में प्याज के खुदरा भाव हाल के दिनों में तेजी से बढ़े हैं। कई बाजारों में कीमत 60 से 70 रुपये किलो तक पहुंच गई थी। ऐसे में 35 रुपये किलो की सरकारी बिक्री उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत बन सकती है।
रेल से सप्लाई का नया मॉडल
कांदा एक्सप्रेस को सिर्फ प्याज की एक खेप लाने की कवायद नहीं माना जा रहा है। यह उत्पादक क्षेत्र से बड़े उपभोग केंद्र तक तेजी से माल पहुंचाने का लॉजिस्टिक मॉडल भी है। पिछले वित्त वर्ष में भी रेलवे के जरिये बड़ी मात्रा में प्याज अलग-अलग शहरों तक पहुंचाया गया था।