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मॉ-बाप से वीडियो कालिंग कर काट लिए 27 दिन

Mon, 20 Apr 2020 07:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2020 07:45 PM IST
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Students Returned From Kota
सिद्धार्थनगर के बॉर्डर क्षेत्र डिड़ई में कोटा से लौटे छात्र। - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
मां-बाप से वीडियो कॉलिंग कर काट लिए 27 दिन
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सीएम के प्रयास की सराहना कर रहे कोटा से लौटे छात्र
लॉकडाउन में पढ़ाई रही बाधित, कोटा में भोजन को भी तरसे
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी करने कोटा गए छात्रों को लॉकडाउन के दौरान घर से दूर गुजारे गए 27 दिन जीवन भर याद रहेंगे। राजस्थान में संक्रमण फैलने की सूचना पर इन छात्रों के अभिभावक बेचैन थे। इन बच्चों को वापस बुलाने की मांग उठने लगी थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दर्द को समझा और बसों को भेजकर छात्रों को वापस लाने की व्यवस्था कराई गई। लौटे हुए छात्रों से बातचीत में सभी ने सीएम की सराहना की।

कोटा में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विकास भवन के पास परसा निवासी छात्र विशाल गुप्ता ने बताया कि लॉकडाउन की घोषणा होने के बाद इस उम्मीद पर 27 दिन का समय किसी तरह काट लिया गया कि इसके बाद हालात सामान्य हो जाएंगे। तिथि बढ़ाई गई तो सब्र टूटने लगा। कोरोना महामारी में परिवार संग रहने की इच्छा थी, मुख्यमंत्री ने इसे पूरा किया। घर पहुंचकर काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। लोटन बाजार निवासी मेडिकल का ही छात्र चंद्रभान गुप्ता का कहना था कि ई-पास बनवाने के बाद भी उन्हें घर आने की अनुमति नहीं दी गई। ऐसे में परिजनों के पास किसी भी तरह पहुंचने की छटपटाहट थी। मोबाइल के जरिए मॉ-बाप और अन्य सदस्यों से बातचीत होती रही। शोहरतगढ़ के गौहनिया निवासी शाहिद खान बताते हैं कि लॉकडाउन के बाद से पढ़ाई बाधित होने के साथ ही हॉस्टल में भोजन की गुणवत्ता भी ठीक नहीं थी। वीडियो कॉलिंग के जरिए परिवार के सदस्यों से फेस टू फेस संवाद स्थापित किया गया था। मोहाना बाजार निवासी नागेंद्र चौधरी ने कहा कि कोटा में रहते हुए काफी घुटन हो रही थी। किसी तरह घर पहुंचने की इच्छा थी। घर पहुंचकर खुशी हो रही है। मुख्यमंत्री की पहल सराहनीय है। भीमापार निवासी मेडिकल की छात्रा तरन्नुम सिद्दीकी ने सीएम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने असंभव कार्य को संभव बना दिया। कोटा से घर पहुंचने के दौरान कई जगह स्क्रीनिंग हुई। यात्रा के दौरान भोजन आदि की भी व्यवस्था थी। मुख्यालय के छात्र गौरव राय ने कहा कि उनका अनुभव काफी अच्छा रहा। रास्ते में थोड़ी परेशानी हुई, पर घर पहुंचने के बाद सब भूल गए। सोमवार से अपने परिवार के साथ बिताएंगे। इसके बाद बेहतर अनुभव करेंगे।
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