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Siddharthnagar News: आफत बनकर टूटी आंधी-बारिश...बिजली गिरने से बालक की मौत
Thu, 06 Jun 2024 11:28 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 06 Jun 2024 11:28 PM IST
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आंधी और बारिश के बीच आम बटोरने के लिए बाग में गया था बालक
आम की फसल पर प्रतिकूल असर, बाग मालिकों का हुआ लाखों का नुकसान
मंडी में तीन दिन पहले 15 रुपये किलो बिकने वाला आम की कीमत पांच रुपये पहुंची
बारिश से नर्सरी डालने वाले किसानों को लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में बृहस्पतिवार की सुबह आई आंधी-बारिश लोगों पर आफत बन कर टूट पड़ी। बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक बालक की जान चली, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं दूसरी ओर आंधी तेज होने से आम के व्यापारियों भारी क्षति उठानी पड़ी है।
लोटन प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के रसियावल गांव के टोला चिऊरहिया में बृहस्पतिवार सुबह आई आंधी और बारिश के बीच आम बटोरने गए एक बालक पर बिजली गिर गई। इस हादसे में उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरा जख्मी हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
क्षेत्र के रसियावल गांव के टोला चिऊरहिया निवासी गोपाल (11) पुत्र कान्छा और गांव का ही किशुन (11) पुत्र घनश्याम सुबह छह बजे आई आंधी में गांव के दक्षिण बाग में आम बटोरने के लिए गए थे। इसी बीच बारिश होने लगी और अलग-अलग पेड़ के नीचे छिप गए। इसी बीच कड़क के साथ अचानक बिजली गिर गई। गोपाल के नजदीक बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किशुन बुरी तरह झुलस गया। सूचना पर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए भेज दिया।
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बताया जा रहा है कि इन दोनों के अलावा एक और बच्चा था जो दूर था और कड़कते ही भाग निकला। इसके बाद लोगों को जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में एसओ लोटन विजय शंकर सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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बारिश से एक डिग्री अधिकतम तो चार डिग्री न्यूनतम लुढ़का पारा
बुधवार को अधिकतम 38.6 और न्यूनतम 37.7 डिग्री था। जबकि बृहस्पतिवार को बारिश के बाद न्यूनतम एक डिग्री की गिरावट के साथ 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम चार डिग्री गिरावट के साथ 23.2 दर्ज किया गया। यह बारिश धान की नर्सरी डालने वाले किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिक उपयोगी बता रहे हैं। जबकि मौसम वैज्ञानिक मौसम में उतार-चढ़ाव होने का आसार जता रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में अभी उतार चढ़ाव बने रहने का आसार बना हुआ है।
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बारिश से शहर गांव तक जलभराव
लगभग एक घंटे हुई झमाझम बारिश से गर्मी से तो राहत मिली। लेकिन नगर के कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति हो गई। खजुरिया रोड, थरौली, सिसहनिया व अन्य मोहल्ले में नाली खराब जाम होने से जलभराव की स्थिति हो गई। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आने-जाने में बड़ी कठिनाई हुई।
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तीन दिन में 15 से 5 रुपये किलो हुआ दाम
ओवरब्रिज के नीचे स्थित सब्जी मंडी में पहुंचे। यहां कई स्थानों पर आम की ढेर लगा हुआ था। कारोबारी पांच रुपये प्रति किलो चिल्लाकर बेच रहे थे। कारोबारी अल्ताफ ने कहा कि तीन दिन पहले 15 किलो प्रति किलो की दर से बेच रहे थे। क्योंकि डिमांड के बाद आम आता था। इसलिए 15 रुपये किलो तक बिना है। बृहस्पतिवार सुबह आंधी आने के कारण बाग में आम बहुत गिर गया था। स्थानीय लोग भी आम लेकर पहुंचे थे। इसलिए पांच रुपये किलो तक बेचना पड़ा। क्योंकि अब दो दिन शहरी ही कच्चा आम खरीदेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में आंधी के बाद लोगों के पास आम मिल जाता है। कहीं न कहीं बाग से आम मिल जाता है। इसलिए एकाएक रेट में कमी आ गई है।
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आंधी में आम के बागवानों को नुकसान
आंधी में आम टूट कर गिरने से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। आम का साइज बड़ा होने से आंधी में काफी कच्चा आम टूट कर गिर गया। टूट कर गिरे आम की कीमत 40 से 50 फीसदी ही रह गई। वैसे भी इस वर्ष आम की फसल कम है। वहीं, आंधी ने बागवानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। बृहस्पतिवार भोर में आई तेज आंधी ने जमकर तबाही मचाई। अनेक पेड़ों को जड़ से उखाड़ कर फेंक दिया। वहीं आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया। आम की फसल की विशेषता यह है कि एक वर्ष तो फसल बहुत अच्छी आती है, तो उसके अगले वर्ष कम। पिछले वर्ष फसल अच्छी थी। इस लिए इस वर्ष फसल कम थी। वहीं, मौसम के असंतुलन ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया। रही सही कसर आंधी ने पूरी कर दी। चौखड़ा गांव के निकट स्थित बाग में टूटे हुए आम बीन रहे अब्दुल सत्तार अहमद ने बताया कि साइज बढ़ जाने से आम भारी हो गए थे, जो तेज हवा में पतली डंडी से टूट कर गिर गए हैं। आंधी में टूटकर गिरे आमों को 5 से 10 रुपये किलो बिक रह गया है। यही आम अगर अगर सही होता तो बाजार में 30 से 35 रुये प्रति किलो तक बिक जाता।
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बोले बाग मालिक
आम का बगीचा खरीदा था। लेकिन शुरुआती दौर में ही आंधी और तूफान ने कमर तोड़ दिया है। आज भोर में आई आंधी में करीब 10 क्विंटल आम टूटकर गिर गया है। जो औने पौने दाम किसी तरह बाजार में बेच दिया। अगर ऐसी ही आंधी आता रहा तो मुनाफा क्या तो दूर मूल धन निकलना बड़ी मुश्किल होगी। अबतक आई आंधी में चार लाख रुपये से अधिक के आम का नुकसान हुआ है।
-अकबाल अहमद, बाग मालिक चौखड़ा
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दो बार पहले आई आंधी में 50 क्विंटल से अधिक आम की फसल का नुकसान हो चुका था। बृहस्पतिवार सुबह आई आंधी में २० क्विंटल से अधिक आम टूट कर गिर गया। पहले ही बहुत नुकसान हो चुका था। इसबार आंधी ने बर्बाद कर दिया था। १० दिन में आम पकना शुरू हो जाता। २० बीघा से अधिक बाग लगाए हैं। पिछले साल की तुलना में इसबार फसल अच्छी थी और बड़ी उम्मीद थी। लेकिन मौसम प्रतिकूल होने से बहुत नुकसान हुआ है। कई लाख का नुकसान हो चुका है।
जमशेद खान, बाग मालिक सेमरा
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अन्य फसल के लिए बारिश लाभदायक
बारिश से धान की नर्सरी डालने वाले किसानों को बहुत ही लाभ है। क्योंकि जो किसान धान की नर्सरी नहीं डाले हैं, वह खेत को तैयार करके नर्सरी डाल सकते हैं। वहीं, जो किसान नर्सरी डाल चुके हैं, उनकी नर्सरी के लिए बहुत ही लाभकारी है। इसके साथ ही किसान खेत की जुताई करा सकते हैं। क्योंकि अब खर पतवार उग आएगा और जुताई करके उसे नष्ट करने में सुविधा मिलेगा।
डॉ. एसके मिश्र, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सोहना
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आम की फसल पर प्रतिकूल असर, बाग मालिकों का हुआ लाखों का नुकसान
मंडी में तीन दिन पहले 15 रुपये किलो बिकने वाला आम की कीमत पांच रुपये पहुंची
बारिश से नर्सरी डालने वाले किसानों को लाभ
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिले में बृहस्पतिवार की सुबह आई आंधी-बारिश लोगों पर आफत बन कर टूट पड़ी। बारिश के दौरान बिजली गिरने से एक बालक की जान चली, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं दूसरी ओर आंधी तेज होने से आम के व्यापारियों भारी क्षति उठानी पड़ी है।
लोटन प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के रसियावल गांव के टोला चिऊरहिया में बृहस्पतिवार सुबह आई आंधी और बारिश के बीच आम बटोरने गए एक बालक पर बिजली गिर गई। इस हादसे में उसकी मौत हो गई। जबकि दूसरा जख्मी हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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क्षेत्र के रसियावल गांव के टोला चिऊरहिया निवासी गोपाल (11) पुत्र कान्छा और गांव का ही किशुन (11) पुत्र घनश्याम सुबह छह बजे आई आंधी में गांव के दक्षिण बाग में आम बटोरने के लिए गए थे। इसी बीच बारिश होने लगी और अलग-अलग पेड़ के नीचे छिप गए। इसी बीच कड़क के साथ अचानक बिजली गिर गई। गोपाल के नजदीक बिजली गिरने से मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, किशुन बुरी तरह झुलस गया। सूचना पर एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोटन ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मेडिकल कॉलेज के लिए भेज दिया।
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बताया जा रहा है कि इन दोनों के अलावा एक और बच्चा था जो दूर था और कड़कते ही भाग निकला। इसके बाद लोगों को जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस संबंध में एसओ लोटन विजय शंकर सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
बारिश से एक डिग्री अधिकतम तो चार डिग्री न्यूनतम लुढ़का पारा
बुधवार को अधिकतम 38.6 और न्यूनतम 37.7 डिग्री था। जबकि बृहस्पतिवार को बारिश के बाद न्यूनतम एक डिग्री की गिरावट के साथ 37.5 डिग्री दर्ज किया गया। जबकि न्यूनतम चार डिग्री गिरावट के साथ 23.2 दर्ज किया गया। यह बारिश धान की नर्सरी डालने वाले किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिक उपयोगी बता रहे हैं। जबकि मौसम वैज्ञानिक मौसम में उतार-चढ़ाव होने का आसार जता रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में अभी उतार चढ़ाव बने रहने का आसार बना हुआ है।
बारिश से शहर गांव तक जलभराव
लगभग एक घंटे हुई झमाझम बारिश से गर्मी से तो राहत मिली। लेकिन नगर के कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति हो गई। खजुरिया रोड, थरौली, सिसहनिया व अन्य मोहल्ले में नाली खराब जाम होने से जलभराव की स्थिति हो गई। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में टूटी सड़कों पर जलभराव हो गया। इससे लोगों को आने-जाने में बड़ी कठिनाई हुई।
तीन दिन में 15 से 5 रुपये किलो हुआ दाम
ओवरब्रिज के नीचे स्थित सब्जी मंडी में पहुंचे। यहां कई स्थानों पर आम की ढेर लगा हुआ था। कारोबारी पांच रुपये प्रति किलो चिल्लाकर बेच रहे थे। कारोबारी अल्ताफ ने कहा कि तीन दिन पहले 15 किलो प्रति किलो की दर से बेच रहे थे। क्योंकि डिमांड के बाद आम आता था। इसलिए 15 रुपये किलो तक बिना है। बृहस्पतिवार सुबह आंधी आने के कारण बाग में आम बहुत गिर गया था। स्थानीय लोग भी आम लेकर पहुंचे थे। इसलिए पांच रुपये किलो तक बेचना पड़ा। क्योंकि अब दो दिन शहरी ही कच्चा आम खरीदेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में आंधी के बाद लोगों के पास आम मिल जाता है। कहीं न कहीं बाग से आम मिल जाता है। इसलिए एकाएक रेट में कमी आ गई है।
आंधी में आम के बागवानों को नुकसान
आंधी में आम टूट कर गिरने से बागवानों को भारी नुकसान हुआ है। आम का साइज बड़ा होने से आंधी में काफी कच्चा आम टूट कर गिर गया। टूट कर गिरे आम की कीमत 40 से 50 फीसदी ही रह गई। वैसे भी इस वर्ष आम की फसल कम है। वहीं, आंधी ने बागवानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। बृहस्पतिवार भोर में आई तेज आंधी ने जमकर तबाही मचाई। अनेक पेड़ों को जड़ से उखाड़ कर फेंक दिया। वहीं आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया। आम की फसल की विशेषता यह है कि एक वर्ष तो फसल बहुत अच्छी आती है, तो उसके अगले वर्ष कम। पिछले वर्ष फसल अच्छी थी। इस लिए इस वर्ष फसल कम थी। वहीं, मौसम के असंतुलन ने भी फसल को नुकसान पहुंचाया। रही सही कसर आंधी ने पूरी कर दी। चौखड़ा गांव के निकट स्थित बाग में टूटे हुए आम बीन रहे अब्दुल सत्तार अहमद ने बताया कि साइज बढ़ जाने से आम भारी हो गए थे, जो तेज हवा में पतली डंडी से टूट कर गिर गए हैं। आंधी में टूटकर गिरे आमों को 5 से 10 रुपये किलो बिक रह गया है। यही आम अगर अगर सही होता तो बाजार में 30 से 35 रुये प्रति किलो तक बिक जाता।
बोले बाग मालिक
आम का बगीचा खरीदा था। लेकिन शुरुआती दौर में ही आंधी और तूफान ने कमर तोड़ दिया है। आज भोर में आई आंधी में करीब 10 क्विंटल आम टूटकर गिर गया है। जो औने पौने दाम किसी तरह बाजार में बेच दिया। अगर ऐसी ही आंधी आता रहा तो मुनाफा क्या तो दूर मूल धन निकलना बड़ी मुश्किल होगी। अबतक आई आंधी में चार लाख रुपये से अधिक के आम का नुकसान हुआ है।
-अकबाल अहमद, बाग मालिक चौखड़ा
दो बार पहले आई आंधी में 50 क्विंटल से अधिक आम की फसल का नुकसान हो चुका था। बृहस्पतिवार सुबह आई आंधी में २० क्विंटल से अधिक आम टूट कर गिर गया। पहले ही बहुत नुकसान हो चुका था। इसबार आंधी ने बर्बाद कर दिया था। १० दिन में आम पकना शुरू हो जाता। २० बीघा से अधिक बाग लगाए हैं। पिछले साल की तुलना में इसबार फसल अच्छी थी और बड़ी उम्मीद थी। लेकिन मौसम प्रतिकूल होने से बहुत नुकसान हुआ है। कई लाख का नुकसान हो चुका है।
जमशेद खान, बाग मालिक सेमरा
अन्य फसल के लिए बारिश लाभदायक
बारिश से धान की नर्सरी डालने वाले किसानों को बहुत ही लाभ है। क्योंकि जो किसान धान की नर्सरी नहीं डाले हैं, वह खेत को तैयार करके नर्सरी डाल सकते हैं। वहीं, जो किसान नर्सरी डाल चुके हैं, उनकी नर्सरी के लिए बहुत ही लाभकारी है। इसके साथ ही किसान खेत की जुताई करा सकते हैं। क्योंकि अब खर पतवार उग आएगा और जुताई करके उसे नष्ट करने में सुविधा मिलेगा।
डॉ. एसके मिश्र, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र सोहना