फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   Stop buying paddy rice mills were standing in

धान खरीद में रोड़ा बन रही बंद राइस मिलें

Wed, 25 Nov 2015 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर Updated Wed, 25 Nov 2015 11:45 PM IST
विज्ञापन
 मिलरों से अनुबंध के बगैर धान खरीद शुरू होने का असर क्षेत्र में भरपूर दिख रहा है। एक पखवारे का समय बीतने के बाद भी अभी तक धान की खरीद के लिए क्रय केंद्रों को सक्रिय नहीं किया जा सका है।
विज्ञापन

जब मिलरों से कोई बात नहीं बनी तो क्रय केंद्रों पर खरीदे जाने वाले धान को प्रभारी कहां ले जाएंगे, यह सवाल सबके लिए चिंता का विषय बना हुआ है। धान क्रय केंद्र सक्रिय न होने से किसानों को अपनी उपज बिचैलियों के यहां औने पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है।
विज्ञापन

भारतीय खाद्य निगम के मानकों के चलते वर्ष 2014 में भी मिलरों ने धान लेने से इंकार कर दिया था। इससे धान की खरीद अधर में लटक गई थी। आलम यह रहा कि सरकार की ओर से एजेंसियों से महज तीन एमटी ही धान की खरीद की जा सकी थी वह भी जल्दबाजी में।
विज्ञापन
विज्ञापन

 बाद में जब सभी क्रय एजेंसियों को यह पता चला कि मिलर कुटाई के लिए धान लेने को तैयार नहीं है तो जिले में अचानक धान की खरीद ठप हो गई थी। लगभग यही स्थिति इस बार भी बनी हुई है।
मिलरों की रजामंदी न होने और खाद्य निगम द्वारा जारी किए गए धान मानक के चलते अभी तक डुमरियागंज सहित पूरे जिले में धान की खरीद सरकारी क्रय केंद्रों पर जोर नहीं पकड़ पाई है, जबकि नवंबर माह बीतने को है।
हल्लौर के किसान शब्बीर हसन, हेलाल हैदर, काजिम मेंहदी, महुआ खुर्द के सोहन, जुम्मन, तिलगड़िया के अख्तर अजीज, बिरजीस, कम्हरिया के राम राजसिंह, त्रिमूर्ति पाठक, करहिया सघन के संतोष तिवारी, बहेरिया के राजेश पांडेय आदि ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर सरकारें उदासीन हैं।
 एक तो सूखे के चलते धान की पैदावार इस बार काफी कम हुई है। ऊपर से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल न शुरू होने से किसानों को दोहरी मार सहनी पड़ रही है। इस बारे में प्रभारी जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी रूपेश सिंह ने बताया कि धान खरीद केंद्रों को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है।

औचक जांच में क्रय केंद्र बंद मिले तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। एफसीआई से छूट न मिलने से मिलर तैयार नहीं है, जिससे एफसीआई सीधे धान के उठान का बंदोबस्त कर रही है। किसान परेशान न हो जल्द ही तौल को गति मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed