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प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए तैयार होगा अत्याधुनिक पुस्तकालय
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विद्यार्थियों के लिए तैयार होगा अत्याधुनिक पुस्तकालय
नीति आयोग के 49.60 लाख रुपये से होगा राजकीय पुस्तकालय का कायाकल्प
भवन की मरम्मत, बेहतर पुस्तकों की खरीद के साथ कंप्यूटरीकृत किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उपेक्षा के शिकार रहे डीआईओएस कार्यालय के बगल में स्थित राजकीय पुस्तकालय के दिन अब बहुरने वाले हैं। नीति आयोग के 49.60 लाख रुपये के बजट से पुस्तक प्रेमियों के साथ ही प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए अत्याधुनिक पुस्तकालय तैयार किया जाएगा। जल्द ही यह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए प्रमुख केंद्र रहेगा।
वर्तमान में राजकीय पुस्तकालय भवन की स्थिति ठीक नहीं है। साफ-सफाई नहीं होने से यहां बेहद सीमित तादाद में ही लोगों का आना होता है। अभी तक सिर्फ 375 लोग ही पुस्तकालय में सदस्यता का पंजीकरण कराया है। पुस्तकों की सीमित संख्या और लोगों की अरूचि के कारण अब तक राजकीय पुस्तकालय उपेक्षित रहा है। नीति आयोग ने राजकीय पुस्तकालय को अत्याधुनिक बनाने के लिए 49.60 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। इस धन से राजकीय पुस्तकालय के भवन का मरम्मत, बैठने की बेहतर और सुविधाजनक व्यवस्था किए जाने के साथ ही बेहतर पुस्तकों की खरीद की जाएगी। इनमें ऐतिहासिक, धार्मिक पुस्तकों के साथ ऐसी समसामयिक पुस्तकों की भी खरीद होगी जो कि सिविल सर्विस, बैंकिंग, एसएससी, टीईटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी साबित होगी। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि विकास कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर नीति आयोग ने पुस्तकालय के कायाकल्प करने के लिए धनराशि आवंटित की है। सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि आवंटित धनराशि से पारदर्शी तरीके से अत्याधुनिक पुस्तकालय तैयार किया जाएगा।
कंप्यूटरीकृत होगा पुस्तकालय
अपर सांख्यकी अधिकारी डॉ संदीप कुमार विश्वास ने बताया कि आवंटित धनराशि से राजकीय पुस्तकालय में 12 कंप्यूटरों की खरीद होगी। इसमें एक कंप्यूटर संचालक के पास होगी, शेष 11 कंप्यूटर पुस्तकालय में पढ़ने वाले सदस्य प्रयोग कर सकेंगे। पुस्तकालय को प्रतियोगी परीक्षार्थियों के अध्ययन के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा।
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पुस्तकालय में होते हैं आजीवन सदस्य
राजकीय पुस्तकालय की आजीवन सदस्यता के लिए संबंधित लोगों को 300 रुपये शुल्क देना होता है। इसके बाद सदस्य पुस्तकालय में बैठकर अथवा पुस्तकें घर ले जाकर पढ़ सकता है। घर ले जाने पर निर्धारित मूल्य तक की प्रत्येक पुस्तक पर एक रुपये प्रतिदिन की दर से सदस्य को भुगतान करना होगा।
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नीति आयोग के 49.60 लाख रुपये से होगा राजकीय पुस्तकालय का कायाकल्प
भवन की मरम्मत, बेहतर पुस्तकों की खरीद के साथ कंप्यूटरीकृत किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। उपेक्षा के शिकार रहे डीआईओएस कार्यालय के बगल में स्थित राजकीय पुस्तकालय के दिन अब बहुरने वाले हैं। नीति आयोग के 49.60 लाख रुपये के बजट से पुस्तक प्रेमियों के साथ ही प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए अत्याधुनिक पुस्तकालय तैयार किया जाएगा। जल्द ही यह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए प्रमुख केंद्र रहेगा।
वर्तमान में राजकीय पुस्तकालय भवन की स्थिति ठीक नहीं है। साफ-सफाई नहीं होने से यहां बेहद सीमित तादाद में ही लोगों का आना होता है। अभी तक सिर्फ 375 लोग ही पुस्तकालय में सदस्यता का पंजीकरण कराया है। पुस्तकों की सीमित संख्या और लोगों की अरूचि के कारण अब तक राजकीय पुस्तकालय उपेक्षित रहा है। नीति आयोग ने राजकीय पुस्तकालय को अत्याधुनिक बनाने के लिए 49.60 लाख रुपये का प्रस्ताव स्वीकृत किया है। इस धन से राजकीय पुस्तकालय के भवन का मरम्मत, बैठने की बेहतर और सुविधाजनक व्यवस्था किए जाने के साथ ही बेहतर पुस्तकों की खरीद की जाएगी। इनमें ऐतिहासिक, धार्मिक पुस्तकों के साथ ऐसी समसामयिक पुस्तकों की भी खरीद होगी जो कि सिविल सर्विस, बैंकिंग, एसएससी, टीईटी आदि प्रतियोगी परीक्षाओं में उपयोगी साबित होगी। डीएम दीपक मीणा ने बताया कि विकास कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर नीति आयोग ने पुस्तकालय के कायाकल्प करने के लिए धनराशि आवंटित की है। सीडीओ पुलकित गर्ग ने बताया कि आवंटित धनराशि से पारदर्शी तरीके से अत्याधुनिक पुस्तकालय तैयार किया जाएगा।
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कंप्यूटरीकृत होगा पुस्तकालय
अपर सांख्यकी अधिकारी डॉ संदीप कुमार विश्वास ने बताया कि आवंटित धनराशि से राजकीय पुस्तकालय में 12 कंप्यूटरों की खरीद होगी। इसमें एक कंप्यूटर संचालक के पास होगी, शेष 11 कंप्यूटर पुस्तकालय में पढ़ने वाले सदस्य प्रयोग कर सकेंगे। पुस्तकालय को प्रतियोगी परीक्षार्थियों के अध्ययन के लिए सुविधाजनक बनाया जाएगा।
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पुस्तकालय में होते हैं आजीवन सदस्य
राजकीय पुस्तकालय की आजीवन सदस्यता के लिए संबंधित लोगों को 300 रुपये शुल्क देना होता है। इसके बाद सदस्य पुस्तकालय में बैठकर अथवा पुस्तकें घर ले जाकर पढ़ सकता है। घर ले जाने पर निर्धारित मूल्य तक की प्रत्येक पुस्तक पर एक रुपये प्रतिदिन की दर से सदस्य को भुगतान करना होगा।