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सिपाहियों ने बांधी काली पट्टी, मेस का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Mon, 23 Nov 2015 11:23 PM IST
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सोमवार को जेल व न्यायालय में ड्यूटी करने वाले पुलिस जवानों व बंदीरक्षकों ने काली पट्टी बांधकर वेतन विसंगतियों को लेकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया।
वेतन विसंगति को लेकर पुलिस जवानों में पनप रही नाराजगी जनपद में भी दिखी। सबसे पहले जेल ड्यूटी करने वाले पुलिस जवानों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया।
इसके बाद न्यायालय ड्यूटी करने वाले जवानों तक संगठन की बात को पहुंचाया गया। वहां पर भी जवानों ने बांह पर काली पट्टी बांधी। जेल के अंदर ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षकों ने भी बांह पर काली पट्टी बांधी।
नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस जवान ने कहा कि पहले पुलिस इंस्पेक्टर व तहसीलदार, दारोगा व नायब तहसीलदार और सिपाही व अध्यापक का वेतन ग्रेड एक समान रहता था।
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समय के साथ वेतन की विसंगतियां बढ़ती गईं। आज अध्यापक का वेतनमान प्रवक्ता के ग्रेड पर पहुंच गया है, जबकि सिपाही का मूल वेतन जस का तस है।
पुलिस विभाग के आला अधिकारी द्वारा आयोग की बैठक में कभी भी अधीनस्थों की पीड़ा को नहीं उठाया जाता। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि सिपाहियों की मांगों के संबंध में शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन स्तर का मामला होने के कारण कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
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वेतन विसंगति को लेकर पुलिस जवानों में पनप रही नाराजगी जनपद में भी दिखी। सबसे पहले जेल ड्यूटी करने वाले पुलिस जवानों ने काली पट्टी बांध कर विरोध जताया।
इसके बाद न्यायालय ड्यूटी करने वाले जवानों तक संगठन की बात को पहुंचाया गया। वहां पर भी जवानों ने बांह पर काली पट्टी बांधी। जेल के अंदर ड्यूटी करने वाले बंदी रक्षकों ने भी बांह पर काली पट्टी बांधी।
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नाम न छापने की शर्त पर एक पुलिस जवान ने कहा कि पहले पुलिस इंस्पेक्टर व तहसीलदार, दारोगा व नायब तहसीलदार और सिपाही व अध्यापक का वेतन ग्रेड एक समान रहता था।
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समय के साथ वेतन की विसंगतियां बढ़ती गईं। आज अध्यापक का वेतनमान प्रवक्ता के ग्रेड पर पहुंच गया है, जबकि सिपाही का मूल वेतन जस का तस है।
पुलिस विभाग के आला अधिकारी द्वारा आयोग की बैठक में कभी भी अधीनस्थों की पीड़ा को नहीं उठाया जाता। एसपी अजय कुमार साहनी ने बताया कि सिपाहियों की मांगों के संबंध में शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन स्तर का मामला होने के कारण कुछ कहना जल्दबाजी होगी।